Jefferies: जून 2026 में फिर महंगा हो सकता है मोबाइल रिचार्ज, 15% टैरिफ बढ़ोतरी के आसार; रिपोर्ट में दावा
Jefferies: मोबाइल टैरिफ में जून 2026 तक 15% की बढ़ोतरी संभव है। जेफरीज की रिपोर्ट के मुताबिक,जियो आईपीओ और रेवेन्यू ग्रोथ को देखते हुए कीमतें बढ़ेंगी। वोडाफोन आइडिया को भी कर्ज चुकाने के लिए 45% हाइक की जरूरत होगी।
विस्तार
जून 2026 से मोबाइल रिचार्ज करना और महंगा हो सकता है। जेफरीज की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय दूरसंचार क्षेत्र की कंपनियां एक बार फिर मोबाइल टैरिफ में बड़ी बढ़ोतरी की तैयारी में हैं। विश्लेषकों का अनुमान है कि जून 2026 में मोबाइल सेवाओं की दरों में लगभग 15% की वृद्धि हो सकती है।
यह संभावित बढ़ोतरी पिछले टैरिफ हाइक के ठीक दो साल बाद देखने को मिलेगी। ब्रोकरेज फर्म जेफरीज की एक ताजा रिपोर्ट में यह दावा किया गया है, जिसमें कहा गया है कि रिलायंस जियो के बहुप्रतीक्षित आईपीओ और सेक्टर के रेवेन्यू ग्रोथ को रफ्तार देने के लिए यह कदम बेहद अहम साबित होगा।
जेफरीज के इक्विटी एनालिस्ट अक्षत अग्रवाल और आयुष बंसल द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की पहली छमाही में जियो के आईपीओ के आने की प्रबल संभावना है। विश्लेषकों का मानना है कि प्रस्तावित आईपीओ न केवल पूरे दूरसंचार क्षेत्र के वैल्युएशन को बढ़ाएगा, बल्कि यह मोबाइल सेवाओं की दरों में वृद्धि का आधार भी तैयार करेगा।
रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि जियो अपने मोबाइल टैरिफ में 10 से 20% की बढ़ोतरी कर सकता है। इसका मुख्य उद्देश्य अपनी वैल्युएशन को प्रतिद्वंद्वी भारती एयरटेल के करीब ले जाना और निवेशकों को दहाई अंक में इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न प्रदान करना है।
सेक्टर की कमाई में होगा जबरदस्त इजाफा
टैरिफ में इस संभावित बढ़ोतरी का सीधा असर टेलीकॉम कंपनियों की कमाई पर दिखेगा। रिपोर्ट का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 (FY27) में सेक्टर की रेवेन्यू ग्रोथ रेट वित्त वर्ष 2026 के मुकाबले दोगुनी से अधिक हो जाएगी। जहां FY26 में यह ग्रोथ 7% रहने का अनुमान है, वहीं FY27 में इसके 16% तक पहुंचने की उम्मीद है।
जून 2026 में 15% हेडलाइन टैरिफ हाइक के चलते वित्त वर्ष 2027 में प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व (ARPU) में भी 14% की स्वस्थ वृद्धि देखने को मिल सकती है। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि टैरिफ महंगे होने के कारण नए ग्राहकों के जुड़ने की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ सकती है।