{"_id":"6a3a7be5e4e9dce015045bd4","slug":"kitchen-mogul-t-t-jagannathan-posthumously-honored-with-padma-award-2026-06-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Padma Awards: 'किचन मोगल' टीटी जगन्नाथन को मरणोपरांत पद्म श्री पुरस्कार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नवाजा","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
Padma Awards: 'किचन मोगल' टीटी जगन्नाथन को मरणोपरांत पद्म श्री पुरस्कार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नवाजा
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Tue, 23 Jun 2026 06:02 PM IST
विज्ञापन
सार
राष्ट्रपति मुर्मू ने 2026 में 'किचन मोगल' टीटी जगन्नाथन को पद्म पुरस्कार (मरणोपरांत) से सम्मानित किया। उन्होंने टीटीके प्रेस्टिज का नेतृत्व किया, जीआरएस प्रेशर कुकर सुरक्षा तंत्र का आविष्कार किया और स्वास्थ्य व शिक्षा में योगदान दिया।
टीटी जगन्नाथन के लिए पद्म श्री सम्मान ग्रहण करते उनके प्रतिनिधि।
- फोटो : amarujala.com
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 2026 के सिविल अलंकरण समारोह-II में टीटी जगन्नाथन को मरणोपरांत पद्म पुरस्कार प्रदान किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से उनके प्रतिनिधि ने पद्म श्री पुरस्कार स्वीकार किया। यह सम्मान व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए दिया गया है। जगन्नाथन को भारतीय रसोई उपकरण उद्योग में 'किचन मोगल' के रूप में जाना जाता था।
उन्होंने दशकों तक टीटीके प्रेस्टिज का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया। जगन्नाथन ने जीआरएस प्रेशर कुकर सुरक्षा तंत्र का आविष्कार किया, जिसने रसोई सुरक्षा में क्रांति ला दी। उनके प्रयासों से भारतीय रसोई उपकरण दुनिया भर में अपनी पहचान बना पाए। उन्होंने स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। यह पुरस्कार कर्नाटक राज्य से व्यापार एवं उद्योग श्रेणी में प्रदान किया गया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों को सम्मानित किया गया।
विज्ञापन
उन्होंने दशकों तक टीटीके प्रेस्टिज का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया। जगन्नाथन ने जीआरएस प्रेशर कुकर सुरक्षा तंत्र का आविष्कार किया, जिसने रसोई सुरक्षा में क्रांति ला दी। उनके प्रयासों से भारतीय रसोई उपकरण दुनिया भर में अपनी पहचान बना पाए। उन्होंने स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। यह पुरस्कार कर्नाटक राज्य से व्यापार एवं उद्योग श्रेणी में प्रदान किया गया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों को सम्मानित किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन