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संस्कृत के ‘ओजस’ से निकला नाम: बागवानी से कतार वाली फसलों तक, खेती का नया साथी बना महिंद्रा ओजा ट्रैक्टर

Thu, 24 Sep 2026 06:22 AM IST
प्रशांत तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: प्रशांत तिवारी Updated Thu, 24 Sep 2026 06:22 AM IST
सार

महिंद्रा ट्रैक्टर्स की ओजा रेंज को हॉर्टिकल्चर, फलों के बाग, गन्ना, इंटरकल्चरल खेती और कतार वाली फसलों जैसी विशेष खेती की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। महिंद्रा ट्रैक्टर्स के सीईओ हर्ष राय के मुताबिक, पहली तिमाही में ट्रैक्टर बाजार में 18-19 फीसदी की वृद्धि देखने को मिली, हालांकि कंपनी भविष्य को लेकर मांग और आपूर्ति दोनों पक्षों पर सतर्क है।

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name derived from Sanskrit From horticulture to row crops Mahindra Oja tractor become new partner in farming
ओजा के साथ महिंद्रा ट्रैक्टर्स के सीईओ हर्ष राय - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

महिंद्रा एंड महिंद्रा के ट्रैक्टर ब्रांड महिंद्रा ट्रैक्टर्स ने हाल ही में अपने महिंद्रा ओजा रेंज के तीन साल पूरे होने का जश्न मनाया। इस रेंज के कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर को आधुनिक और खास तरह की खेती के लिए विकसित किया गया है। यह विशेष रूप से हॉर्टिकल्चर यानी बागवानी, फलों के बाग, गन्ना, इंटरकल्चरल खेती और कतार वाली फसलों के लिए उपयोगी है। कंपनी का दावा है कि ओजा ट्रैक्टर उत्पादकता बढ़ाने के साथ किसानों के आराम का भी ध्यान रखता है। इसके नाम के पीछे की क्या कहानी है और यह किसानों के लिए कैसे उपयोगी है, इन मुद्दों पर महिंद्रा ट्रैक्टर्स के सीईओ हर्ष राय से अमर उजाला की खास बातचीत...

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ओजा ट्रैक्टर और इसमें इस्तेमाल खास टेक्नोलॉजी किसानों के लिए कैसे उपयोगी?
ओजा रेंज का सबसे अहम पहलू इसका कॉम्पैक्ट और हल्का डिजाइन है, क्योंकि हॉर्टिकल्चर में यह देखना जरूरी है कि जगह के हिसाब से किस साइज के ट्रैक्टर की जरूरत है। इससे जुड़ी अन्य जरूरतें क्या हैं। हॉर्टिकल्चर की इन बुनियादी जरूरतों को देखते हुए खास तरह से स्टडी कर ओजा रेंज को विकसित किया गया है। ओजा ट्रैक्टरों में अपनी कैटेगरी में बेहतर पावर-टू-वेट रेश्यो के साथ आधुनिक टेक्नोलॉजी और खेती के अलग-अलग औजारों के साथ काम करने की क्षमता दी गई है, जो किसानों के लिए उपयोगी साबित हो। इसका कॉम्पैक्ट आकार और बेहतर मैन्युवरेबिलिटी इसे ऐसे खेतों में उपयोगी बनाता है, जहां बड़े ट्रैक्टरों को चलाना मुश्किल होता है।
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यूरोप, दक्षिण अफ्रीका और लैटिन अमेरिका में लॉन्च किया कोई खास वजह?
डेवलपमेंट फेज से ही हम लोग स्पष्ट थे कि ओजा रेंज को ग्लोबल मार्केट में ले जाना है, क्योंकि भारत के बाहर हॉर्टिकल्चर काफी विकसित हो चुका है, जबकि देश में रफ्तार पकड़ रहा है। विदेश में जो डेवलपमेंट हो चुका है, उनका स्टडी कर भारतीय हालात को समझते हुए हमलोगों ने देश में ही एक ऐसा ग्लोबल प्लेटफॉर्म तैयार किया, जिसका विकसित व विकासशील देशों के साथ भारत के हॉर्टिकल्चर क्षेत्र में अपने तरह से इस्तेमाल हो सके। चूंकि, इसे पूरी दुनिया के लिए टारगेट किया गया था, इसलिए इसे दक्षिण अफ्रीका में लॉन्च किया गया था।
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ओजा के नाम के पीछे की कहानी क्या है?
ओजा संस्कृत के ओजस शब्द से लिया गया है, तो तेज को प्रदर्शित करता है। जिस तरह संस्कृत हमारी संस्कृति में गहराई तक समाया हुआ है, ओजा रेंज के कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर को लेकर भी ऐसी ही उम्मीदें हैं। इन्हें ऐसे डिजाइन और विकसित किया गया है कि ये भारत के हॉर्टिकल्चर क्षेत्र के लिए सहयोगी साबित होंगे। कुल मिलाकर, इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म और भारतीय यूसेज (उपयोगिता) का सम्मिलन है ओजा।

भारत में लॉन्च के दौरान क्या-क्या चुनौतियां आईं?
देखिए, कोई भी नई चीज जब आप लेकर आते हैं, कस्टमर का उस पर भरोसा आना जरूरी है। हमारे लिए अच्छी बात है कि महिंद्रा ब्रांड का भरोसा ग्राहकों में 62 साल से बना हुआ है। उन्हें मालूम है कि इस कंपनी पर भरोसा किया जा सकता है, तो अगर यह कोई चीज ला रही है और कह रही है कि इस काम के लिए बेहतर और सुविधाजनक होगी, तो ग्राहक भरोसा कर लेते हैं।


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 टैरिफ, ईरान युद्ध और अल-नीनो के बीच ट्रैक्टर मार्केट की स्थिति कैसी रही, इसमें महिंद्रा कहां है?
नए वित्त वर्ष में प्रवेश करने के साथ मानसिक उथल-पुथल चल रहा था कि मार्केट किधर जाएगा। पश्चिम एशिया संकट के बीच इनपुट कॉस्ट बढ़ते नजर आ रहे थे। लेकिन एक खास चीज है हमारे देश में कि यहां चुनौतियों से लड़ने की भरपूर क्षमता है और दूसरी सरकार की नीतियां...इन दोनों के मिश्रण से मार्केट में स्थिरता देखने को मिली। जहां तक महिंद्रा ट्रैक्टर की बात है तो पहली तिमाही के नतीजे बेहतरीन रहे। ट्रैक्टर मार्केट 18-19 फीसदी की दर से बढ़ा। महिंद्रा ट्रैक्टर्स और महिंद्रा समूह का वर्चस्व कायम रहा। हालांकि, भविष्य को लेकर हमलोग सावधान हैं। मांग पक्ष अच्छा है, लेकिन आपूर्ति पक्ष पर नजर रखनी होगी।

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