LPG Crisis: पीएनजी नेटवर्क बढ़ाने में सहयोग करने वाले राज्यों को 10 फीसदी अतिरिक्त एलपीजी, जानिए क्या अपडेट
पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सरकार ने पीएनजी विस्तार में सहयोग करने वाले राज्यों को 10% अतिरिक्त वाणिज्यिक एलपीजी देने का बड़ा एलान किया है। देश की ऊर्जा सुरक्षा और सरकार के इस अहम फैसले का पूरा विश्लेषण जानने के लिए हमारी विस्तृत रिपोर्ट अभी पढ़ें।
विस्तार
भारत सरकार ने पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) तंत्र के विस्तार में सहयोग करने वाली राज्य सरकारों को 10 फीसदी अतिरिक्त वाणिज्यिक एलपीजी (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) देने की घोषणा की है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने एक अंतर मंत्रालयी प्रेसवार्ता में बताया कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। यह कदम स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सुजाता शर्मा ने कहा कि इस पहल से राज्य सरकारों को पीएनजी बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी लाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। अतिरिक्त वाणिज्यिक एलपीजी का आवंटन उन राज्यों को किया जाएगा जो पीएनजी कनेक्शनों की संख्या बढ़ाने और वितरण तंत्र को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने बताया कि पिछले दो सप्ताह में देशभर में सवा लाख नए घरेलू और वाणिज्यिक एलपीजी कनेक्शन जारी किए गए हैं। यह आंकड़ा ऊर्जा क्षेत्र में उपभोक्ताओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। इसके साथ ही, पिछले तीन दिनों के भीतर पांच हजार से अधिक ग्राहकों ने एलपीजी से पीएनजी में सफलतापूर्वक स्थानांतरण किया है। यह बदलाव पर्यावरण के अनुकूल ईंधन विकल्पों की ओर बढ़ते रुझान को इंगित करता है।
सुजाता शर्मा ने बताया कि कच्चे तेल की स्थिति और शोधन संयंत्रों का संचालन सामान्य बना हुआ है। उन्होंने पुष्टि की कि खुदरा पंपों पर तेल की कमी की कोई रिपोर्ट नहीं है और सभी आउटलेट सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। घरेलू पीएनजी और परिवहन के लिए सीएनजी की आपूर्ति बिना किसी कटौती के शत-प्रतिशत सुनिश्चित की जा रही है।
5600 से अधिक एलपीजी उपभोक्ताओं ने पीएनजी उपयोग शुरू किया
मंत्रालय ने वाणिज्यिक एलपीजी उपभोक्ताओं से जहां संभव हो, सीएनजी पर स्विच करने की अपील की है, जिसके लिए कई कंपनियों ने प्रोत्साहन राशि की घोषणा की है। सरकार ने पीएनजी नेटवर्क विस्तार में सहयोग करने वाली राज्य सरकारों को दस फीसदी अतिरिक्त वाणिज्यिक एलपीजी देने का वादा किया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप, पिछले दो सप्ताह में लगभग 125,000 नए घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक कनेक्शन जारी किए गए हैं। साथ ही, पिछले तीन दिनों में 5,600 से अधिक एलपीजी उपभोक्ताओं ने पीएनजी का उपयोग शुरू कर दिया है।
सुजाता शर्मा ने कहा, “लगातार जारी युद्ध के कारण एलपीजी की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। हालांकि, किसी भी वितरक के पास कोई कमी नहीं है।” उन्होंने बताया कि ऑनलाइन बुकिंग में 94 फीसदी की वृद्धि हुई है। इसके अलावा, लगभग 83 फीसदी रिफिल डिलीवरी प्रमाणीकरण कोड का उपयोग करके की जा रही हैं। घबराहट में की जा रही बुकिंग में कमी आ रही है, और कल लगभग 57,000 रिफिल बुकिंग प्राप्त होने के बावजूद एलपीजी सिलिंडर की डिलीवरी सामान्य रूप से हो रही है।
लगभग 17 राज्य सरकारों ने व्यावसायिक एलपीजी के लिए आवंटन आदेश जारी किए हैं। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को व्यावसायिक एलपीजी की आपूर्ति आवंटित कर दी गई है। इसी प्रकार, लगभग 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अतिरिक्त केरोसिन आवंटन के लिए आदेश जारी किए हैं। ये कदम देश भर में ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए हैं।
पश्चिम एशिया में किसी भी तरह की समस्या का भारत पर पड़ता है असर
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में किसी भी तरह की समस्या का असर भारत पर पड़ता है। इसी कारण भारत ने अपने तेल और गैस आयात को विविध बनाया है। अब देश का लगभग 70 प्रतिशत तेल आयात मिडिल ईस्ट के बाहर के देशों से हो रहा है, जिसमें अमेरिका, रूस और अफ्रीकी देश जैसे नाइजीरिया शामिल हैं।
सरकार ने सभी राज्यों को पत्र लिखकर ब्लैक मार्केटिंग और जमाखोरी रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा है। बुधवार को देश भर में करीब 6,000 छापे मारे गए। उत्तर प्रदेश में 1,100 छापों के दौरान 1,000 सिलेंडर जब्त किए गए, जबकि मध्य प्रदेश में 1,632 छापों में 2,300 सिलेंडर जब्त किए गए। केंद्र सरकार ने राज्यों से कहा है कि जहां भी नियमों का उल्लंघन हो, वहां सख्त कार्रवाई की जाए।
25 राज्यों में जिला स्तर पर काम कर रहीं निगरानी समिति
राज्यों से मिली जानकारी के अनुसार, लगभग 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जबकि करीब 25 राज्यों में जिला स्तर पर निगरानी समितियां भी बनाई गई हैं। इस बीच, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में सभी भारतीय जहाज और नाविक सुरक्षित हैं।
उन्होंने बताया कि अभी 22 भारतीय जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पश्चिम में मौजूद हैं और पिछले 24 घंटे में 16 से ज्यादा भारतीय नाविक अपने कार्यकाल पूरा करने के बाद भारत लौटे हैं। मंत्रालय इस पूरे हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।