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एनआरआई के लिए डॉलर-रुपया स्वैप सुविधा शुरू: मिल सकता है 7 प्रतिशत तक ब्याज, जानिए कैसे

न्यूज डेस्क, अमर उजाला। Published by: राकेश कुमार Updated Wed, 10 Jun 2026 06:27 AM IST
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सार

रुपये को मजबूती देने और विदेशी मुद्रा बढ़ाने के लिए आरबीआई ने बैंकों के लिए 'डॉलर-रुपया स्वैप सुविधा' शुरू की है, जिससे प्रवासियों को डिपॉजिट पर अब 7 फीसदी तक का शानदार ब्याज मिल सकता है। इस योजना के तहत बैंक ग्राहकों से मिलने वाली विदेशी मुद्रा को निश्चित दर पर आरबीआई के पास स्वैप करेंगे, जिससे बाजार के उतार-चढ़ाव का कोई जोखिम नहीं रहेगा।
 

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भारतीय रिजर्व बैंक - फोटो : amarujala.com
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विस्तार

आरबीआई ने विदेशी मुद्रा यानी डॉलर को भारत लाने और रुपये को मजबूत बनाने के लिहाज से बैंकों के लिए अमेरिकी डॉलर-रुपया स्वैप सुविधा शुरू की है। यह सुविधा प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) की ओर से बैंकों में जमा किए जाने वाले नए फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंट (बैंक) यानी एफसीएनआर(बी) डिपॉजिट पर मिलेगी।


योजना के तहत जब कोई एनआरआई भारतीय बैंक में विदेशी मुद्रा जमा करेगा, तो बैंक उस पैसे को डॉलर में बदलकर आरबीआई को दे देगा। इसके साथ ही बैंक और आरबीआई के बीच एक समझौता होगा। इसके तहत, योजना का समय पूरा होने पर आरबीआई उसी पुरानी विनिमय दर पर बैंकों को डॉलर वापस लौटा देगा। इससे बैंकों को बाजार में डॉलर के उतार-चढ़ाव से कोई नुकसान नहीं होगा। 
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दरअसल, आरबीआई बैंकों और सरकारी कंपनियों को भारी हेजिंग लागत उठाए बिना विदेशी मुद्रा जुटाने में मदद करने के लिए डॉलर-रुपया फॉरेक्स स्वैप सुविधा देता है। हालांकि, स्वैप लागत पर सालाना 1.5 फीसदी की सब्सिडी मिलती है। जानकारों का अनुमान है कि इससे एनआरआई के लिए एफसीएनआर(बी) जमा पर ब्याज दरें 6 से 6.5 फीसदी तक हो सकती हैं। हालांकि, बैंकों के बीच प्रतिस्पर्धा के कारण कुछ खास अवधि के लिए ब्याज दर 7 फीसदी तक पहुंच सकती है।
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ऐसे काम करेगी योजना
लेनदेन सीमा :
बैंक इस सुविधा के तहत आरबीआई के साथ कम से कम 10 लाख डॉलर या इसके गुणक में ही लेनदेन कर सकते हैं।
समय सीमा : यह सुविधा सिर्फ उन्हीं रकम पर मिलेगी, जो कम से कम तीन साल और अधिकतम पांच वर्ष के लिए जमा होंगे।
सिर्फ डॉलर में सौदा : एनआरआई चाहे तो पाउंड या यूरो जैसी किसी भी बड़ी विदेशी मुद्रा में पैसा जमा कर सकते हैं, लेकिन बैंक और आरबीआई के बीच यह सौदा सिर्फ डॉलर में ही होगा।
एक साल की लॉक-इन : जमाकर्ताओं एक साल से पहले रकम नहीं निकाल सकेंगे।
रद्द नहीं होगा सौदा : बैंक एक बार आरबीआई के साथ यह स्वैप सौदा कर लेंगे, तो यह बीच में रद्द नहीं होगा।

अभी मिलता है पांच फीसदी तक ब्याज
अभी प्रमुख बैंकों में अमेरिकी डॉलर पर एफसीएनआर(बी) जमा की दरें 3.85 फीसदी से पांच फीसदी के बीच हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा एक से दो साल के जमा पर पांच फीसदी ब्याज देता है। एसबीआई और कोटक महिंद्रा बैंक करीब 4.40 फीसदी ब्याज देते हैं। एक्सिस बैंक 4 फीसदी, एचडीएफसी बैंक 3.95 फीसदी और आईसीआईसीआई बैंक 3.85 फीसदी तक ब्याज देता है।
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