{"_id":"6a103a42abd7f7a591026a81","slug":"rbi-pays-record-2-87-lakh-crore-dividend-to-government-boosting-economy-2026-05-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"RBI Dividend: आरबीआई ने सरकार को दिया रिकॉर्ड 2.87 लाख करोड़ रुपये का लाभांश, जानिए अर्थव्यवस्था को क्या फायदा","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
RBI Dividend: आरबीआई ने सरकार को दिया रिकॉर्ड 2.87 लाख करोड़ रुपये का लाभांश, जानिए अर्थव्यवस्था को क्या फायदा
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Navita R Asthana
Updated Fri, 22 May 2026 04:43 PM IST
विज्ञापन
सार
भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सरकार को रिकॉर्ड 2.87 लाख करोड़ रुपये का लाभांश देने का एलान किया है। यह वित्तीय सहायता भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी। जानें आरबीआई के इस बड़े फैसले का महत्व और पिछले वर्षों के आंकड़े।
भारतीय रिजर्व बैंक
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सरकार को 2.87 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड लाभांश देने की घोषणा की है। यह बड़ा वित्तीय हस्तांतरण भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच सरकार को महत्वपूर्ण आर्थिक मदद देगा। केंद्रीय बैंक के इस फैसले से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
यह लाभांश पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के 2.69 लाख करोड़ रुपये के अधिशेष हस्तांतरण से 27.4 फीसदी अधिक है। आरबीआई ने वित्त वर्ष 2023-24 में सरकार को 2.1 लाख करोड़ रुपये का लाभांश दिया था। इससे पहले वित्त वर्ष 2022-23 के लिए यह राशि 87,416 करोड़ रुपये थी। लाभांश भुगतान का यह महत्वपूर्ण निर्णय आरबीआई के केंद्रीय निदेशक मंडल की 623वीं बैठक में लिया गया। इस बैठक की अध्यक्षता गवर्नर संजय मल्होत्रा ने की। आरबीआई ने अपने बयान में बताया कि जोखिम प्रावधान और सांविधिक निधियों में हस्तांतरण से पहले शुद्ध आय वित्त वर्ष 2025-26 में 3,95,972.10 करोड़ रुपये रही। यह पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में 3,13,455.77 करोड़ रुपये थी। केंद्रीय बैंक की आय में यह उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
केंद्रीय बैंक की वित्तीय स्थिति
केंद्रीय बैंक की बैलेंस शीट 31 मार्च 2026 तक 20.61 फीसदी बढ़कर 91,97,121.08 करोड़ रुपये हो गई है। यह वृद्धि आरबीआई की मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाती है। बैंक की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इससे सरकार को अधिक अधिशेष (लाभांश) देना संभव हो पाया है। यह देश की वित्तीय स्थिरता के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
Trending Videos
सरकार को मिलेगी बड़ी राहत
सरकार को यह रिकॉर्ड लाभांश ऐसे समय में मिला है जब उसे विभिन्न विकास परियोजनाओं और कल्याणकारी योजनाओं के लिए धन की आवश्यकता है। यह राशि राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने में भी सहायक हो सकती है। भू-राजनीतिक तनावों के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे में आरबीआई का यह कदम सरकार के लिए एक बड़ी राहत है। इससे सरकार को अपनी वित्तीय नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद मिलेगी।
आरबीआई ने बैंकिंग प्रणाली में 81,590 करोड़ रुपये की तरलता भी डाली
भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को बैंकिंग प्रणाली में 81,590 करोड़ रुपये की अस्थायी तरलता भी डाली। यह राशि तीन दिवसीय परिवर्तनीय दर रेपो नीलामी के माध्यम से जारी की गई। इस कदम का उद्देश्य वित्तीय प्रणाली में नकदी प्रवाह के अस्थायी उतार-चढ़ाव को प्रबंधित करना है।
आरबीआई ने बताया कि यह धन 5.26 फीसदी की कट-ऑफ दर पर उपलब्ध कराया गया। हालांकि, बैंकिंग प्रणाली में तरलता अधिशेष में तेज गिरावट के बावजूद, धन की मांग अधिसूचित 1 लाख करोड़ रुपये की राशि से कम रही। फिर भी, 21 मई को हुई पिछली नीलामी की तुलना में शुक्रवार की नीलामी में बैंकों से मांग अधिक दर्ज की गई। 21 मई को बैंकिंग प्रणाली में तरलता अधिशेष लगभग 58,876.29 करोड़ रुपये अनुमानित था।
यह 20 मई को रहे 1.51 लाख करोड़ रुपये के अधिशेष से काफी कम है। तरलता अधिशेष में इस कमी के कारण रातोंरात कॉल मनी दरों में तेज वृद्धि हुई है। यह स्थिति वित्तीय बाजारों के लिए चिंता का विषय बन गई थी। इस अस्थिरता को नियंत्रित करना केंद्रीय बैंक के लिए महत्वपूर्ण है। मुद्रा बाजार विशेषज्ञ उम्मीद कर रहे हैं कि आरबीआई बदलती तरलता स्थितियों को प्रबंधित करने के लिए एक और वीआरआर नीलामी की घोषणा करेगा।