भीषण गर्मी ने तोड़ा रिकॉर्ड: भारत में बिजली की मांग 270.82 गीगावाट के उच्चतम स्तर पर, जानिए इसके क्या मायने
भीषण गर्मी के कारण भारत की दिन की अधिकतम बिजली मांग 21 मई को रिकॉर्ड 270.82 गीगावाट तक पहुंच गई। विद्युत मंत्रालय ने बताया कि पिछले चार दिनों से मांग लगातार बढ़ रही है, हालांकि आपूर्ति नियंत्रण में है।
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देश में तीव्र गर्मी की लहर के बीच भारत की दिन की अधिकतम बिजली मांग 21 मई को रिकॉर्ड 270.82 गीगावाट तक पहुंच गई। विद्युत मंत्रालय ने बताया कि पिछले चार दिनों से बिजली की मांग सभी पिछले रिकॉर्ड तोड़ रही है। बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी के कारण बिजली की खपत में तेजी से वृद्धि हुई है।
मंत्रालय के अनुसार, 18 मई को दिन की अधिकतम बिजली मांग 257.37 गीगावाट दर्ज की गई थी। यह मांग 19 मई को बढ़कर 260.45 गीगावाट हो गई। इसके बाद 20 मई को यह 265.44 गीगावाट और 21 मई को 270.82 गीगावाट तक पहुंच गई। दिन के समय, खासकर दोपहर 2 बजे से 4 बजे के बीच, तापमान अपने उच्चतम स्तर पर रहता है। इसी दौरान वातानुकूलक, कूलर और पंखे जैसे शीतलन उपकरणों का उपयोग तेजी से बढ़ता है। सरकार गर्मी के मौसम में बिजली की मांग और उत्पादन के रुझानों पर करीब से नजर रख रही है।
मांग में वृद्धि के कारण
देश के कई हिस्सों में तीव्र गर्मी की स्थिति और लू के लंबे दौर जारी हैं। इससे बिजली आपूर्ति प्रणालियों और ग्रिड प्रबंधन पर दबाव बढ़ रहा है। आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली की खपत में वृद्धि हुई है। विद्युत मंत्रालय ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि बढ़ती गर्मी के कारण बिजली की मांग में वृद्धि हुई है।
आपूर्ति और विवेकपूर्ण उपयोग
मांग में तेज वृद्धि के बावजूद, मंत्रालय ने कहा कि बिजली आपूर्ति की स्थिति नियंत्रण में है। देश भर में बिजली की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है। मंत्रालय ने जोर दिया कि हालांकि हम आवश्यकतानुसार बिजली की आपूर्ति के लिए तैयार हैं, लेकिन तीव्र गर्मी के कारण सभी को बुद्धिमानी और विवेकपूर्ण तरीके से बिजली का उपयोग करना चाहिए।