Q1 Results: एसबीआई का शानदार प्रदर्शन, पहली तिमाही में लाभ 14 फीसदी बढ़कर 24113 करोड़ रुपये हुआ
भारतीय स्टेट बैंक ने जून तिमाही में 13.73 फीसदी की वृद्धि के साथ 24,113 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध लाभ दर्ज किया। बेहतर आय और कम प्रावधानों से बैंक का प्रदर्शन मजबूत रहा। आइए इस बारे में विस्तार से जाानते हैं।
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विस्तार
भारतीय स्टेट बैंक ने शुक्रवार को को जून तिमाही के अपने वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। इस दौरान बैंक का समेकित शुद्ध लाभ 13.73 फीसदी बढ़कर 24,113 करोड़ रुपये हो गया है। यह वृद्धि मुख्य आय में सुधार और प्रावधानों में कमी के कारण हुई है। एकल आधार पर बैंक का शुद्ध लाभ सालाना 10.23 फीसदी बढ़कर 21,121.22 करोड़ रुपये रहा। अप्रैल-जून 2025 में यह 19,160.44 करोड़ रुपये था, जैसा कि नियामक फाइलिंग में बताया गया है। बैंक की मुख्य शुद्ध ब्याज आय करीब 15 फीसदी बढ़कर 46,992 करोड़ रुपये पहुंच गई। सकल अग्रिमों में 18.63 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि, घरेलू शुद्ध ब्याज मार्जिन 3 फीसदी तक सिकुड़ गया। तिमाही-दर-तिमाही तुलना में इसमें 0.07 फीसदी का विस्तार देखा गया।
बैंक की गैर-ब्याज आय और जमा वृद्धि कैसी रही?
बैंक की गैर-ब्याज आय 9 फीसदी घटकर 15,293 करोड़ रुपये रही। इसमें विदेशी मुद्रा या डेरिवेटिव आय में 70 फीसदी की बड़ी गिरावट मुख्य कारण रही। बैंक की जमा वृद्धि 9.73 फीसदी दर्ज की गई है। कम लागत वाले चालू और बचत अग्रिमों की हिस्सेदारी सालाना 0.12 फीसदी घटकर 39.36 फीसदी हो गई।
भविष्य के लिए बैंक के क्या लक्ष्य हैं?
अध्यक्ष सी एस सेट्टी ने पत्रकारों को बताया कि बैंक का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027 में 14-15 फीसदी की ऋण वृद्धि हासिल करना है। उन्होंने कहा कि 10-11 फीसदी की जमा वृद्धि इस लक्ष्य को वित्तपोषित कर सकेगी। बैंक ने एफसीएनआर (बी) विंडो के तहत 6 अरब अमेरिकी डॉलर जुटाए हैं। सेट्टी ने उम्मीद जताई कि सितंबर में विशेष विंडो बंद होने तक यह आंकड़ा 10 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच जाएगा।
गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों की स्थिति क्या है?
ताजा स्लिपेज 7,046 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल की समान अवधि के 7,945 करोड़ रुपये से कम है। हालांकि, यह मार्च तिमाही के 5,521 करोड़ रुपये से काफी अधिक है। 30 जून को सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति अनुपात 1.47 फीसदी पर सुधर गया। यह 31 मार्च, 2026 के 1.49 फीसदी और पिछले साल की समान अवधि के 1.83 फीसदी से बेहतर है। 31-89 दिनों तक बकाया लेकिन गैर-निष्पादित परिसंपत्ति न बने अग्रिम जून के अंत में 4,174 करोड़ रुपये हो गए। मार्च 2026 में यह 3,350 करोड़ रुपये थे।
गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों के लिए प्रावधान जून तिमाही में 3,359 करोड़ रुपये रहा। यह पिछले साल की समान अवधि के 4,934 करोड़ रुपये से कम है। हालांकि, यह पिछली तिमाही के 3,140 करोड़ रुपये से अधिक है। बैंक का कुल पूंजी पर्याप्तता अनुपात 30 जून को 15.67 फीसदी था, जिसमें मुख्य बफर 12.89 फीसदी शामिल है। बीएसई पर एसबीआई का शेयर 1,096.05 रुपये पर बंद हुआ, जिसमें 1.03 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।