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टैक्स हार्वेस्टिंग: 31 मार्च से पहले ऐसे बचाएं टैक्स, समझें 1.25 लाख तक छूट का आसान तरीका
द बोनस, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shivam Garg
Updated Mon, 23 Mar 2026 04:46 AM IST
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सार
स्मार्ट निवेशक हर साल टैक्स हार्वेस्टिंग का इस्तेमाल कर 1.25 लाख रुपये की टैक्स छूट का लाभ उठाते हैं। अगर आप इसका इस्तेमाल नहीं करेंगे, तो यह बेकार चली जाएगी। इसे फ्री मनी की तरह समझें, जो सरकार आपको टैक्स बचाने के लिए दे रही है।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : AdobeStock
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विस्तार
जो इक्विटी निवेशक शेयरों या इक्विटी आधारित म्यूचुअल फंड को बेचकर लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ (LTCG) पर टैक्स बचाना चाहते हैं, वे टैक्स-हार्वेस्टिंग का उपयोग कर सकते हैं। यह दो चरणों वाली प्रक्रिया है। सबसे पहले, आप संबंधित संपत्ति (शेयर, इक्विटी म्यूचुअल फंड) को 31 मार्च, 2026 को या उससे ठीक पहले बेचते हैं और फिर बाजार की हलचल से होने वाले नुकसान से बचने या उसे कम करने के उद्देश्य से, बहुत ही कम समय के भीतर उसी संपत्ति को दोबारा खरीद लेते हैं।
क्या है टैक्स हार्वेस्टिंग?
एलटीसीजी (12 महीने से अधिक होल्डिंग) : प्रति वित्त वर्ष 1.25 लाख रुपये तक छूट; इसके ऊपर के लाभ पर 12.5% टैक्स
एसटीसीजी (12 महीने या उससे कम होल्डिंग): 20% टैक्स (धारा 111A के तहत)
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क्या है टैक्स हार्वेस्टिंग?
- छूट की सीमा तक लाभ बुक करना।
- घाटे का उपयोग लाभ की भरपाई के लिए करना।
- कुल टैक्स देनदारी को कम करना।
एलटीसीजी (12 महीने से अधिक होल्डिंग) : प्रति वित्त वर्ष 1.25 लाख रुपये तक छूट; इसके ऊपर के लाभ पर 12.5% टैक्स
एसटीसीजी (12 महीने या उससे कम होल्डिंग): 20% टैक्स (धारा 111A के तहत)
दो तरीके जिनसे आप टैक्स बचा सकते हैं:
1. टैक्स-गेन हार्वेस्टिंग
लंबी अवधि का घाटा: इसकी भरपाई केवल लंबी अवधि के लाभ के साथ ही की जा सकती है।
अल्पकालिक घाटा: इसकी भरपाई अल्पकालिक और लंबी अवधि दोनों तरह के लाभ से की जा सकती है।
यह न भूलें:
आईपीओ लिस्टिंग
24 मार्च: विनिर्माण और सेवा पीएमआई
28 मार्चः औद्योगिक उत्पादन
डिस्क्लेमर: इस पर छपे विचार, राय और निवेश संबंधी सुझाव अलग-अलग विशेषज्ञों, ब्रोकर फर्मों या रिसर्च संस्थानों के हैं। इनसे अखबार या उसके प्रबंधन की सहमति जरूरी नहीं है। कृपया किसी भी तरह का निवेश फैसला लेने से पहले अपने पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। इस जानकारी के आधार पर होने वाले किसी भी नुकसान की जिम्मेदारी अखबार या उसके प्रबंधन की नहीं होगी।
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1. टैक्स-गेन हार्वेस्टिंग
- उन शेयरों या फंड्स को बेचें जिन्हें 1 साल से ज्यादा समय से रखा है।
- 1.25 लाख तक का मुनाफा बुक करें। इस पर शून्य टैक्स देना होगा।
- दोबारा निवेश कर दें ताकि आप मार्केट में बने रहें। इससे आपकी खरीद लागत बढ़ जाएगी और भविष्य में होने वाले मुनाफे पर टैक्स कम लगेगा।
- उन निवेशों को बेचें जो घाटे में चल रहे हैं।
- इस घाटे को मुनाफे के साथ एडजस्ट करें ताकि टैक्स कम हो जाए।
- घाटे को अगले आठ वर्षों आगे ले जाया जा सकता है।
लंबी अवधि का घाटा: इसकी भरपाई केवल लंबी अवधि के लाभ के साथ ही की जा सकती है।
अल्पकालिक घाटा: इसकी भरपाई अल्पकालिक और लंबी अवधि दोनों तरह के लाभ से की जा सकती है।
यह न भूलें:
- मुनाफा या घाटा 31 मार्च से पहले बुक कर लेना चाहिए।
- रणनीति तभी काम करती है जब लेनदेन उसी वित्त वर्ष में पूरा हो।
आईपीओ लिस्टिंग
- 24 मार्च: Raajmarg Infra Inv Trust Ltd (6000 करोड़ रुपये)
- 24 मार्च: GSP Crop Science Ltd (400 करोड़ रुपये)
- 30 मार्च: Central Mine P&D Institute (1842 करोड़ रुपये)
24 मार्च: विनिर्माण और सेवा पीएमआई
28 मार्चः औद्योगिक उत्पादन
डिस्क्लेमर: इस पर छपे विचार, राय और निवेश संबंधी सुझाव अलग-अलग विशेषज्ञों, ब्रोकर फर्मों या रिसर्च संस्थानों के हैं। इनसे अखबार या उसके प्रबंधन की सहमति जरूरी नहीं है। कृपया किसी भी तरह का निवेश फैसला लेने से पहले अपने पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। इस जानकारी के आधार पर होने वाले किसी भी नुकसान की जिम्मेदारी अखबार या उसके प्रबंधन की नहीं होगी।
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