MCap: शेयर बाजार में गिरावट से 2.74 लाख करोड़ रुपये स्वाहा, किस कंपनी को लगा बड़ा झटका? HDFC बैंक सबसे आगे
शेयर बाजार में गिरावट के बीच टॉप-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से नौ का मार्केट कैप 2.74 लाख करोड़ रुपये घट गया। एचडीएफसी बैंक को सबसे बड़ा झटका लगा, जबकि हिंदुस्तान यूनिलीवर ही बढ़त दर्ज करने वाली कंपनी रही।
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पिछले सप्ताह शेयर बाजार में आई तेज गिरावट के बीच देश की 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से नौ के संयुक्त मार्केट कैप में 2.74 लाख करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई। इस दौरान एचडीएफसी बैंक को सबसे बड़ा झटका लगा, जबकि हिंदुस्तान यूनिलीवर इकलौती कंपनी रही, जिसके मार्केट कैप में बढ़ोतरी हुई।
सेंसेक्स और निफ्टी में कितनी गिरावट दर्ज की गई?
पिछले सप्ताह बीएसई का सेंसेक्स 2,091.68 अंक यानी 2.67 प्रतिशत टूट गया। वहीं, एनएसई का निफ्टी 566.85 अंक यानी 2.32 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। रिलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के एसवीपी (रिसर्च) अजीत मिश्रा के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से निवेशकों की धारणा पर असर पड़ा। इसके चलते बाजार में कमजोरी और उतार-चढ़ाव बना रहा।
उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के मिले-जुले नतीजों के बाद बैंकिंग शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव रहा। वहीं, जोखिम से बचने की निवेशकों की रणनीति और रुपये की कमजोरी ने भी खरीदारी की रफ्तार को प्रभावित किया।
किन कंपनियों के मार्केट कैप में गिरावट आई?
टॉप-10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), बजाज फाइनेंस, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के मार्केट कैप में गिरावट दर्ज की गई। वहीं, हिंदुस्तान यूनिलीवर इकलौती ऐसी कंपनी रही, जिसके मार्केट कैप में बढ़ोतरी हुई।
एचडीएफसी बैंक को कितना नुकसान हुआ?
एचडीएफसी बैंक का मार्केट कैप 1,18,383.91 करोड़ रुपये घटकर 11,43,985.90 करोड़ रुपये रह गया। पिछले सप्ताह बैंक के शेयर 9.40 प्रतिशत टूटे, जिसकी वजह मार्जिन को लेकर बढ़ी चिंताएं रहीं।
अन्य कंपनियों का प्रदर्शन कैसा रहा?
रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप 65,429.82 करोड़ रुपये घटकर 17,29,661.44 करोड़ रुपये रह गया। भारतीय स्टेट बैंक का मार्केट कैप 26,814.94 करोड़ रुपये घटकर 9,36,953.84 करोड़ रुपये और बजाज फाइनेंस का मार्केट कैप 26,802.74 करोड़ रुपये घटकर 6,30,471.54 करोड़ रुपये रह गया। एलआईसी का मार्केट कैप 15,116.74 करोड़ रुपये घटकर 5,33,007.56 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, ICICI बैंक के मार्केट कैप में 6,223.84 करोड़ रुपये की कमी आई और यह 10,28,217.93 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। भारती एयरटेल का मार्केट कैप 6,021.64 करोड़ रुपये घटकर 11,85,046.13 करोड़ रुपये और TCS का मार्केट कैप 5,191.95 करोड़ रुपये घटकर 8,15,480.75 करोड़ रुपये रह गया। लार्सन एंड टुब्रो के मार्केट कैप में 4,092.79 करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई और यह 5,20,747.89 करोड़ रुपये पर आ गया। दूसरी ओर, हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप 152.73 करोड़ रुपये बढ़कर 5,03,928.59 करोड़ रुपये हो गया।
सबसे मूल्यवान कंपनियों की सूची में कौन आगे रहा?
रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी रही। इसके बाद क्रमशः भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक, ICICI बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, TCS, बजाज फाइनेंस, LIC, लार्सन एंड टुब्रो और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा।