Budget 2026: बुनियादी ढांचे पर जोर, कैपेक्स ₹12.2 लाख करोड़; रेयर अर्थ के लिए पैकेज, जानें बजट की बड़ी बातें
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया वित्त वर्ष 2026-27 का बजट, सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और 'चैम्पियन SMEs' के लिए खजाना खोला। जानिए बजट से जुड़ी बड़ी बातें।
विस्तार
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए बुनियादी ढांचे और औद्योगिक आत्मनिर्भरता को नई रफ्तार देने का खाका खींचा है। अपने लगातार नौवें बजट भाषण में वित्त मंत्री ने आर्थिक विकास की गति को बनाए रखने के लिए पूंजीगत व्यय में लगभग 9 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की है। इसके साथ ही, सरकार ने भविष्य की तकनीकों, एमएसएमई और ग्रीन एनर्जी के लिए कई नई योजनाओं का ऐलान किया है।
इन सोर्सेस और अपडेट्स के आधार पर, यहाँ बजट 2026-27 की अहम घोषणाएं दी गई हैं:
1. कैपिटल एक्सपेंडिचर में भारी बढ़ोतरी
बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के लिए सरकार ने वित्त वर्ष 2027 के लिए पूंजीगत व्यय का लक्ष्य बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया है। यह वित्त वर्ष 2026 के 11.2 लाख करोड़ रुपये के आवंटन की तुलना में लगभग 9% अधिक है। वित्त मंत्री ने कहा कि यह बढ़ा हुआ खर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की गति को बनाए रखने और आर्थिक विकास को सहारा देने के लिए है।
2. स्ट्रैटेजिक मिनरल्स: 4 राज्यों में बनेंगे 'रेयर अर्थ कॉरिडोर'
महत्वपूर्ण खनिजों में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए सरकार ने ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में 'रेयर अर्थ कॉरिडोर' स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। इसका उद्देश्य खनन, प्रसंस्करण, अनुसंधान और विनिर्माण को बढ़ावा देना है। नवंबर 2025 में रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (REPM) के लिए शुरू की गई योजना को विस्तार देते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि चीन जैसे देशों पर आयात निर्भरता कम की जा सके।
3. 'बायो-फार्मा शक्ति' और हेल्थकेयर
भारत को वैश्विक बायो-फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए 'बायो-फार्मा शक्ति' कार्यक्रम का ऐलान किया गया है। इसके लिए अगले पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे। इस योजना के तहत 3 नए राष्ट्रीय संस्थान बनाए जाएंगे और 7 मौजूदा संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा। साथ ही, दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सेंट्रल ड्रग कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन का आधुनिकीकरण किया जाएगा।
4. सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स
इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए 40,000 करोड़ रुपये के खर्च का प्रस्ताव रखा गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर मिशन 1.0 की सफलता के बाद अब 'सेमीकंडक्टर मिशन 2.0' लॉन्च किया जाएगा, जो इक्विपमेंट, मटीरियल्स और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर केंद्रित होगा।
5. एमएसएमई और टेक्सटाइल छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 'चैम्पियन एसएमई' बनाने हेतु 10,000 करोड़ रुपये का फंड बनाने का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा:
- तकनीकी वस्त्रों में वैल्यू एडिशन के लिए मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित किए जाएंगे।
- 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टर्स को पुनर्जीवित करने के लिए एक विशेष योजना लाई जाएगी।
- खादी और हैंडलूम को मजबूत करने के लिए 'महात्मा गांधी ग्राम स्वराज' पहल का प्रस्ताव भी रखा गया है।
6. ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर और कार्बन कैप्चर
पर्यावरण के अनुकूल विकास को बढ़ावा देने के लिए, स्टील और सीमेंट जैसे क्षेत्रों में कार्बन कैप्चर और यूटिलाइजेशन स्कीम के लिए 20,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है।
7. इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड इंफ्रास्ट्रक्चर
प्रोजेक्ट्स में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने और जोखिम कम करने के लिए एक 'इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड' स्थापित किया जाएगा। यह फंड कर्ज देने वालों को आंशिक क्रेडिट गारंटी प्रदान करेगा। इसके अलावा, शहरों को जोड़ने के लिए 7 हाई-स्पीड कॉरिडोर विकसित करने का भी प्रस्ताव है।
8. बैंकिंग और फाइनेंस
वित्त मंत्री ने 'बैंकिंग फॉर विकसित भारत' पर एक उच्च स्तरीय समिति के गठन की घोषणा की है। म्युनिसिपल बॉन्ड्स को बढ़ावा देने के लिए, 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के सिंगल बॉन्ड जारी करने वाले नगर निगमों को 100 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन दिया जाएगा। साथ ही, आरईसी (REC) और पीएफसी (PFC) के पुनर्गठन की भी घोषणा की गई है। वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था राजकोषीय अनुशासन और निरंतर विकास के पथ पर रही है। आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 6.8-7.2 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है, जो चुनौतीपूर्ण वैश्विक माहौल में भारत की मजबूत स्थिति को दर्शाता है।
