Crude Oil: पश्चिम एशिया तनाव के बीच तेल बाजार में नरमी, ब्रेंट क्रूड का भाव गिरकर 115 डॉलर पर पहुंचा
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के एक महीने पूरे होने के बीच तेल कीमतों में तेज उछाल देखा गया है। हालांकि सोमवार को यह गिरकर 115 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा। होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव, हूती हमले और अमेरिका की बढ़ती सैन्य मौजूदगी से आपूर्ति बाधित होने की आशंका बनी हुई है।
विस्तार
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को एक महीना पूरा होने के बीच सोमवार को वैश्विक तेल बाजार में गिरावट देखने को मिली। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 2.32 प्रतिशत गिरकर 115.3 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गई।
हालांकि सुबह करीब 7 बजे ब्रेंट क्रूड $116.4 प्रति बैरल पर पहुंच गया, जिसमें $3.84 यानी 3.41% की तेजी दर्ज की गई। इससे पहले शुक्रवार को भी इसमें 4% से अधिक का उछाल देखा गया था। वहीं वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी बढ़त के साथ $103.1 प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा, जो $3.44 यानी 3.45% की तेजी को दर्शाता है। पिछले सप्ताह WTI में करीब 5.5% की वृद्धि दर्ज की गई थी। 27 मार्च को ब्रेंट क्रूड भाव 105.32 डॉलर प्रति बैरल पर था।
इस महीने ब्रेंट क्रूड के भाव में हुआ कितना उछाल?
इस महीने अब तक ब्रेंट क्रूड करीब 59% चढ़ चुका है, जो 1990 के गल्फ वॉर के बाद सबसे तेज मासिक बढ़त मानी जा रही है। कीमतों में यह तेजी तब आई जब ईरान ने रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य पर दबाव बढ़ाया, जहां से दुनिया की लगभग 20% तेल और गैस आपूर्ति गुजरती है।
पश्चिम एशिया में एक महीने से जारी तनाव
संघर्ष 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल के ईरान पर हमलों से शुरू हुआ था, जो अब पूरे पश्चिम एशिया में फैल चुका है। सप्ताहांत में ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों ने इस्राइल पर हमले किए, जिससे रेड सी और अरब सागर के अहम शिपिंग रूट्स को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
इस बीच, अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी और बढ़ा दी है। यूएस सेंट्रल कमांड के अनुसार, यूएसएस त्रिपोली पर सवार करीब 3,500 मरीन और नाविकों की तैनाती की गई है। इसे पिछले दो दशकों में क्षेत्र में अमेरिका की सबसे बड़ी सैन्य तैनाती में से एक माना जा रहा है।
तेल आपूर्ति को बनाए रखने के प्रयास में सऊदी अरब ने होर्मुज के बजाय रेड सी के यनबू पोर्ट के जरिए निर्यात बढ़ाया है। रॉयटर्स के मुताबिक, यनबू से निर्यात बढ़कर 4.658 मिलियन बैरल प्रतिदिन पहुंच गया है। हालांकि, विश्लेषकों का कहना है कि अगर यह रूट भी बाधित हुआ तो सऊदी तेल को मिस्र की SUMED पाइपलाइन के जरिए भूमध्य सागर तक भेजना पड़ सकता है।
तनाव तब और बढ़ गया जब ओमान के सलालाह टर्मिनल पर हमलों की खबरें सामने आईं, जबकि दूसरी ओर युद्धविराम की कोशिशें जारी हैं। ईरान ने साफ किया है कि यदि अमेरिका जमीनी हमला करता है तो वह जवाब देने के लिए तैयार है।
वहीं, पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा है कि इस संघर्ष को जल्द खत्म करने और अमेरिका-ईरान वार्ता की संभावनाओं पर इस्लामाबाद में चर्चा हुई है।