Share Market: एआई से निवेशकों का भरोसा क्यों डगमगाया? जेफरिज ने बताई ये हैरान करने वाली वजह, आप भी जानिए
जेफरीज की रिपोर्ट के मुताबिक एआई पर भारी पूंजीगत खर्च से मिलने वाले रिटर्न को लेकर निवेशकों की चिंताएं बढ़ रही हैं। इससे अमेरिकी शेयर बाजार में बिग टेक कंपनियों की नेतृत्व भूमिका कमजोर पड़ने के संकेत मिल रहे हैं। आइए विस्तार से जानते हैं।
विस्तार
वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई को लेकर शेयर बाजार में चिंता बढ़ती जा रही है। इसमें कहा गया है कि एआई पर भारी पूंजीगत खर्च (कैपेक्स) से मिलने वाले रिटर्न को लेकर निवेशकों की शंकाएं आने वाली तिमाहियों में और बढ़ सकती हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी शेयर बाजार में लंबे समय से बनी बड़ी टेक कंपनियों की नेतृत्व भूमिका अब कमजोर पड़ने के शुरुआती संकेत दिखा रही है।
एनविडिया की कुल मार्केट कैप में हिस्सेदारी घटी
रिपोर्ट में बताया गया कि चार प्रमुख हाइपरस्केलर कंपनियों और एनविडिया की एसएंडपी 500 के कुल मार्केट कैप में हिस्सेदारी 3 नवंबर 2025 के रिकॉर्ड 27.4 प्रतिशत से घटकर 24.7 प्रतिशत पर आ गई है और इसमें आगे भी गिरावट संभव है। हालांकि, 2023 की शुरुआत से एआई थीम के उभरने के बाद से एसएंडपी 500 की कुल बढ़त में इन पांच कंपनियों का योगदान अब भी करीब 41 प्रतिशत बना हुआ है।
एआई पर हो रहा भारी निवेश वास्तव में कितना लाभ देगा?
जेफरीज के मुताबिक, निवेशक अब यह सवाल उठाने लगे हैं कि एआई पर हो रहा भारी निवेश वास्तव में कितना लाभ देगा। रिपोर्ट ने चेतावनी दी कि असली वित्तीय जोखिम उन कंपनियों में ज्यादा है जो एआई कैपेक्स और डेटा सेंटर विस्तार के लिए कर्ज पर निर्भर हैं।
एआई पर निजी कर्ज की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है
रिपोर्ट में कहा गया कि पिछले तीन वर्षों में एआई को बुलबुला नहीं कहा गया क्योंकि ज्यादातर निवेश कंपनियों के कैश से हो रहा था, लेकिन अब निजी कर्ज (प्राइवेट क्रेडिट) की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स के एक अध्ययन के अनुसार, एआई से जुड़ी कंपनियों पर निजी कर्ज पहले ही 200 अरब डॉलर से अधिक हो चुका है, जो 2030 तक बढ़कर 300 से 600 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
डेटा सेंटर सिक्यूरिटाइजेशन को लेकर क्या?
इसके साथ ही डेटा सेंटर फाइनेंसिंग में सिक्यूरिटाइजेशन के तेजी से बढ़ने पर भी चिंता जताई गई है। अनुमान है कि 2026 और 2027 में डेटा सेंटर सिक्यूरिटाइजेशन का वार्षिक निर्गम 30-40 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है, जो 2025 में लगभग 27 अरब डॉलर था।
डेटा सेंटर सिक्यूरिटाइजेशन एक वित्तीय प्रक्रिया है, जिसमें डेटा सेंटर से होने वाली भविष्य की आय (जैसे किराया, सर्विस फीस या दीर्घकालिक कॉन्ट्रैक्ट से मिलने वाला कैश फ्लो) को आधार बनाकर निवेश योग्य बॉन्ड या सिक्योरिटी जारी की जाती है।
एआई के दौड़ में कौन-कौन शामिल?
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि एआई की दौड़ में अमेजन, अल्फाबेट, मेटा और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी टेक कंपनियां 2026 में सामूहिक रूप से 650-700 अरब डॉलर तक खर्च कर सकती हैं। इसका बड़ा हिस्सा डेटा सेंटर, चिप्स और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर जाएगा। इस अभूतपूर्व खर्च ने निवेशकों में कैश फ्लो पर दबाव, संभावित नकारात्मक फ्री कैश फ्लो, मार्जिन पर असर और निवेश पर अनिश्चित रिटर्न जैसी चिंताएं बढ़ा दी हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि अगर एआई निवेश से अपेक्षित कमाई समय पर नहीं आती, तो ओवरकैपेसिटी, वैल्यूएशन दबाव और टेक सेक्टर में करेक्शन का जोखिम भी बढ़ सकता है, जिससे अमेरिकी शेयर बाजार की समग्र दिशा प्रभावित हो सकती है।