Budget 2026: क्या एफएमसीजी सेक्टर को बजट में मिलेगी राहत? जानें खपत बढ़ाने को लेकर उद्योग की क्या मांग
एफएमसीजी उद्योग ने बजट 2026 में उपभोग बढ़ाने, ग्रामीण विकास को प्राथमिकता देने और कर सुधार की मांग की है। सेक्टर को उम्मीद है कि सरकार पूंजीगत खर्च बढ़ाएगी और ऐसी नीतियां लाएगी, जिससे खपत और उद्योग की वृद्धि को नई गति मिलेगी।
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दैनिक उपभोग की वस्तुएं बनाने वाली एफएमसीजी उद्योग सरकार से आगामी केंद्रीय बजट में उपभोग वृद्धि और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता देने की मांग कर रहे हैं। उनकी प्रमुख अपेक्षाओं में निरंतर पूंजीगत व्यय, लक्षित कर सुधार और विनिर्माण तथा उद्योग को समर्थन देना शामिल है।
नीति के माध्यम से उपभोग को बढ़ावा मिले
गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर सुधीर सीतापति कहते हैं कि बजट से हम उम्मींद करते हैं, कि सरकार खपत बढ़ाने वाले उपायों की घोषणा करें, विशेषकर होम केयर उत्पादों पर 18 प्रतिशत कर लगता है, जिसे 5 प्रतिशत के कर स्लैब लाने की मांग हम कर रहे हैं। बावजूद इसके पिछले साल ही सरकार ने जीएसटी 2.0 कटौती के बाद खपत को लगातार फोकस करने से ग्रोथ को बनाए रखने में मदद मिली है।
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श्रम और जल-से जुड़ी बुनियादी ढांचे के लिए उच्च आवंटन का सुझाव
सीतापति ने, उद्योग की प्राथमिक देने के साथ उपभोग को बढ़ावा देने के लिए कुशल उपायों पर ध्यान देने की मांग की है । उन्होंने श्रम और जल-गहन श्रेणियों से जुड़ी बुनियादी ढांचे के लिए उच्च आवंटन का सुझाव भी दिया है। मैरिको लिमिटेड के एमडी और सीईओ, सौगत गुप्ता ने कहा कि लक्षित कर सुधार, निरंतर पूंजीगत व्यय और उद्यमिता व नवाचार को बढ़ावा देने वाली नीतियां महत्वपूर्ण हैं, जिन पर बजट में जोर होगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में बुनियादी ढांचे और व्यापार करने में आसानी पर सरकारी हस्तक्षेपों से आर्थिक माहौल में सुधार हुआ है।
पॉलिसी ऐसी हो जो न केवल खपत को बढ़ाए उद्योग के लिए नए द्वार खोले
जॉय पर्सनल केयर (आरएसएच ग्लोबल) के सुनील अग्रवाल को फाउंडर और चेयरमैन सुनील अग्रवाल कहते हैं कि हम आम बजट 2026 में ऐसी पॉलिसी की उम्मींद कर रहे हैं, जो न केवल खपत में मौजूदा रिकवरी को बनाए रखेंग बल्कि एफएमसजी सेक्टर के लिए ग्रोथ के नए द्वार खोलेगी। इस सेक्टर ने नए साल की शुरुआत में खपत में रिकवरी के अच्छे संकेते साथ सकरात्मक शुरुआत की है। जो महंगाई में कमी, कर सुधारों की वजह से खरीदारी की बढ़ती क्षमता और ग्रामीण के साथ शहरी बाजारों में मांग की वजह से देखी जा रही है।
ग्रामीण मांग को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत समर्थन की आवश्यकता
पिछले सात तिमाहियों से ग्रामीण मांग शहरी उपभोग से लगातार आगे रही है। हालांकि, सीसीएल प्रोडक्ट्स (इंडिया) लिमिटेड के सीईओ, प्रवीण जयपुरीयर ने चेतावनी दी कि ग्रामीण उपभोग, भले ही लचीला हो, मानसून के जोखिमों और मुद्रास्फीति के दबाव को देखते हुए, चल रहे नीतिगत समर्थन की आवश्यकता है। उद्योग को उम्मीद है कि बजट 2026 कृषि और डेयरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा, ग्रामीण विकास पहलों का समर्थन करेगा और आधुनिक प्रौद्योगिकी को अपनाने को प्रोत्साहित करेगा। जीएसटी 2.0 के पूर्ण लाभ मार्च तिमाही में अधिक स्पष्ट रूप से दिखने की उम्मीद है।