फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Cryptocurrency ›   World’s Largest Crypto Heist: Binance Hit by \$6 Billion Hack Linked to North Korea

दुनिया का सबसे बड़ा क्रिप्टो डाका: हैकर्स ने उड़ाए 6 अरब डॉलर के क्रिप्टोकरेंसी, शक के घेरे में उत्तर कोरिया

Fri, 30 Oct 2026 08:44 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Fri, 30 Oct 2026 08:44 PM IST
सार

  • दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज बाइनेंस में 6 अरब डॉलर की अब तक की सबसे बड़ी साइबर हैकिंग हुई है।
  • इस मामले में उत्तर कोरियाई हैकर्स पर संदेह है। इस मामले में अब तक तीन अरब डॉलर की रिकवरी की गई है। आइए इस बारे में सबकुछ विस्तार से जानते हैं।

विज्ञापन
World’s Largest Crypto Heist: Binance Hit by \$6 Billion Hack Linked to North Korea
क्रिप्टोकरेंसी पर हैकर्स ने हाथ किए साफ। - फोटो : amarujala.com

विस्तार

वैश्विक क्रिप्टोकरेंसी उद्योग के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी साइबर हैकिंग की घटना सामने आई है। दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज बाइनेंस के डिजिटल वॉलेट में सेंध लगाकर हैकर्स ने लगभग 6 अरब डॉलर (भारतीय करेंसी में करीब 57,000 करोड़ रुपये) की संपत्ति उड़ा ली है। इस अभूतपूर्व चोरी के बाद बाइनेंस ने प्लेटफॉर्म पर जमा और निकासी सेवाओं को अस्थायी रूप से रोक दिया है। हालांकि, क्रिप्टोकरेंसी कंपनियों और ब्लॉकचेन ट्रैकिंग विशेषज्ञों की एक टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चुराए गए धन में से लगभग 3 अरब डॉलर को फ्रीज करने में सफलता हासिल की है। इतिहास की इस सबसे बड़ी हैकिंग का तार उत्तर कोरियाई हैकर गिरोहों से जुड़ता नजर आ रहा है।

विज्ञापन

महज 20 मिनट में बाइनेंस में कैसे हुई 6 अरब डॉलर की चोरी?

फॉरेंसिक रिपोर्ट और शुरुआती जांच के अनुसार, यह कोई साधारण सिस्टम हैक नहीं था बल्कि एक पूर्व-नियोजित और अत्यधिक परिष्कृत साइबर हमला था। हैकर्स ने सबसे पहले बायनेन्स के एक वरिष्ठ इंजीनियर के पर्सनल लैपटॉप में मैलवेयर के जरिए घुसपैठ की। इस पहुंच का इस्तेमाल करते हुए हमलावरों ने बैकएंड के आंतरिक 'सर्विस कंटेनर' का नियंत्रण हासिल कर लिया। इसके बाद अगले 20 मिनट के भीतर दर्जनों अनधिकृत निकासी लेनदेन निष्पादित कर \$6 अरब की संपत्तियां अलग-अलग अज्ञात वॉलेट्स में ट्रांसफर कर दी गईं।

विज्ञापन


हालांकि ब्लॉकचेन जांच में वॉलेट की प्राइवेट की लीक होने के कोई सबूत नहीं मिले हैं। सुरक्षा जांच पूरी करने और चोरी हुए फंड का सुराग लगाने के लिए प्लेटफॉर्म की सेवाएं रोकी गई हैं, जिन्हें रविवार सुबह तक बहाल किए जाने की संभावना है।

विज्ञापन
विज्ञापन

क्या हैकिंग के बाद बाइनेंस ग्राहकों का पैसा पूरी तरह सुरक्षित है?

एक्सचेंज के सह-संस्थापक और सबसे बड़े शेयरधारक चांगपेंग झाओ तथा कंपनी प्रबंधन ने ग्राहकों को आश्वस्त किया है कि यूजर्स का फंड पूरी तरह सुरक्षित है। बाइनेंस ने आधिकारिक बयान जारी कर साफ किया है कि हैकिंग से हुए संपूर्ण नुकसान की भरपाई कंपनी के अपने फंड और आपातकालीन एसेट फंड  से की जाएगी। मुख्य आंकड़े और स्थिति इस प्रकार है:

  • कुल चोरी की राशि: 6 अरब डॉलर, यह क्रिप्टो इतिहास का सबसे बड़ा हैक है।
  • फ्रीज की गई राशि: विभिन्न क्रिप्टो फर्मों के सहयोग से 3 अरब डॉलर की परिसंपत्तियां फ्रीज कर ली गई हैं।
  • फंड सुरक्षा प्रतिबद्धता: बाइनेंस अपने आंतरिक व आपातकालीन एसेट फंड से 100% नुकसान की भरपाई करेगा।

इस भीषण साइबर हमले के पीछे किसका हाथ माना जा रहा है?

टीआरएम लैब्स, पैंगोलिन इंटेलिजेंस और चेनैलिसिस जैसी प्रमुख ब्लॉकचेन ट्रैकिंग फर्मों ने ऑन-चेन और ऑफ-चेन डेटा के विश्लेषण के आधार पर इस चोरी के पीछे उत्तर कोरिया के एलीट हैकिंग यूनिट का हाथ होने का उच्च दावा किया है। अमेरिका की जांच एजेंसी एफबीआई (FBI) ने भी घटना की पुष्टि करते हुए जांच में शामिल होने की बात कही है। इससे पहले भी बायबिट से हुए 1.5 अरब डॉलर के रिकॉर्ड हैक के पीछे उत्तर कोरियाई हैकर्स का ही नाम आया था। विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से घिरे उत्तर कोरियाई शासन के लिए क्रिप्टो चोरी राजस्व का एक प्रमुख जरिया बन चुकी है।

वैश्विक क्रिप्टो बाजार और निवेशकों पर क्या असर पड़ा?

इस विशाल सुरक्षा चूक की खबर फैलते ही वैश्विक क्रिप्टो बाजार में हड़कंप मच गया। दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन (Bitcoin) और एथेरियम (Ether) की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई, हालांकि बाद में इनमें आंशिक सुधार हुआ और हॉन्गकॉन्ग में शुक्रवार दोपहर तक ये 2 से 3 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रही थीं। विश्लेषकों का मानना है कि शेयर बाजार के विपरीत क्रिप्टो एक्सचेंज उपयोगकर्ताओं की संपत्ति अपने पास रखते हैं, जिससे बिना सख्त नियामक ढांचे के ये प्लेटफॉर्म हैकर्स के आसान निशाने पर आ जाते हैं।

बाइनेंस में हुई 6 अरब डॉलर की यह हैकिंग क्रिप्टो उद्योग में ढांचागत सुरक्षा और सख्त नियामक निगरानी की अहममियत के प्रति चेताती है। जहां 3 अरब डॉलर की रिकवरी और कंपनी द्वारा शत-प्रतिशत नुकसान की भरपाई का भरोसा निवेशकों के लिए राहत की बात है, वहीं उत्तर कोरियाई साइबर नेटवर्क से निपटने के लिए वैश्विक एजेंसियों का समन्वित प्रयास ही आगे की दिशा तय करेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें Business News और Budget 2022 से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित Breaking News।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed