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Chandigarh News: सुखना में लगा पक्षियों का मेला, सर्वे में मिलीं 132 प्रजातियां
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चंडीगढ़। अब चंडीगढ़ की सुखना वाइल्ड लाइफ सेंचुरी पक्षियों के लिए एक रिफ्यूजी कैंप के रूप में उभर कर सामने आया है। इसमें करीब 132 प्रजातियां मिली हैं। इनमें आईयूसीएन रेड लिस्ट की दो लुप्तप्राय, तीन निकट संकटग्रस्त और एक संवेदनशील प्रजाति भी शामिल है।
वन एवं वन्यजीव विभाग, चंडीगढ़ और भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून की ओर से किए गए एक संयुक्त सर्वेक्षण में पक्षियों की 132 प्रजातियों की पुष्टि की गई है। इस सर्वे में सुखना वन्यजीव अभयारण्य और आसपास के वन क्षेत्रों को शामिल किया गया। इस रिपोर्ट के अनुसार यहां कुल 132 प्रजातियां हैं। इसमें 40 प्रजातियां प्रवासी हैं, जिनमें से 9 जलीय और 31 स्थलीय पक्षी हैं।92 प्रजातियां यहीं की स्थायी निवासी पाई गईं हैं।
संरक्षण के दृष्टिकोण से यह क्षेत्र बेहद महत्वपूर्ण पाया गया है। वन्यजीव (संरक्षण) संशोधन अधिनियम, 2022 की अनुसूची-I के तहत 13 प्रजातियां और अनुसूची-II के तहत 117 प्रजातियां दर्ज की गईं। खासतौर से यहां आईयूसीएन रेड लिस्ट की दो लुप्तप्राय, तीन निकट संकटग्रस्त और एक संवेदनशील प्रजाति भी यहां देखी गई है। चंडीगढ़ का यह क्षेत्र शिवालिक की पहाड़ियों के तल पर पक्षियों के लिए एक महत्वपूर्ण रिफ्यूजी कैंप (शरणस्थल) के रूप में उभरा है। विभाग ने भविष्य में पक्षी विविधता को बनाए रखने के लिए आवास संरक्षण और दीर्घकालिक निगरानी पर जोर दिया है।
प्रमुख पक्षियों के नाम
ग्रे बुश्चैट, यूरेशियन होपोई, पैपीफील्ड पिपट, लिटल कॉरमोरेंट, ब्राउनफिश आउल, रेड बिल्ड ब्लू-मैकपाई, क्रस्टेड सरपेंट ईगल, पैपास फिश इगल।
प्रजातियों का वितरण (एक नजर में)
पक्षी श्रेणी
प्रवासी
निवासी
कुल
जलीय 9
16
25
स्थलीय 31
76
107
कुल योग 40
92
132
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वन एवं वन्यजीव विभाग, चंडीगढ़ और भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून की ओर से किए गए एक संयुक्त सर्वेक्षण में पक्षियों की 132 प्रजातियों की पुष्टि की गई है। इस सर्वे में सुखना वन्यजीव अभयारण्य और आसपास के वन क्षेत्रों को शामिल किया गया। इस रिपोर्ट के अनुसार यहां कुल 132 प्रजातियां हैं। इसमें 40 प्रजातियां प्रवासी हैं, जिनमें से 9 जलीय और 31 स्थलीय पक्षी हैं।92 प्रजातियां यहीं की स्थायी निवासी पाई गईं हैं।
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संरक्षण के दृष्टिकोण से यह क्षेत्र बेहद महत्वपूर्ण पाया गया है। वन्यजीव (संरक्षण) संशोधन अधिनियम, 2022 की अनुसूची-I के तहत 13 प्रजातियां और अनुसूची-II के तहत 117 प्रजातियां दर्ज की गईं। खासतौर से यहां आईयूसीएन रेड लिस्ट की दो लुप्तप्राय, तीन निकट संकटग्रस्त और एक संवेदनशील प्रजाति भी यहां देखी गई है। चंडीगढ़ का यह क्षेत्र शिवालिक की पहाड़ियों के तल पर पक्षियों के लिए एक महत्वपूर्ण रिफ्यूजी कैंप (शरणस्थल) के रूप में उभरा है। विभाग ने भविष्य में पक्षी विविधता को बनाए रखने के लिए आवास संरक्षण और दीर्घकालिक निगरानी पर जोर दिया है।
प्रमुख पक्षियों के नाम
ग्रे बुश्चैट, यूरेशियन होपोई, पैपीफील्ड पिपट, लिटल कॉरमोरेंट, ब्राउनफिश आउल, रेड बिल्ड ब्लू-मैकपाई, क्रस्टेड सरपेंट ईगल, पैपास फिश इगल।
प्रजातियों का वितरण (एक नजर में)
पक्षी श्रेणी
प्रवासी
निवासी
कुल
जलीय 9
16
25
स्थलीय 31
76
107
कुल योग 40
92
132