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Chandigarh News: गायनी ओपीडी में फैली केमिकल की बदबूू, गर्भवती महिलाएं बाहर भागीं
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चंडीगढ़। सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचीं गर्भवती महिलाओं को शनिवार को उस समय गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ा, जब जीएमएसएच-16 के गायनी विभाग में अचानक केमिकल की तीखी बदबू फैल गई। हालात ऐसे बन गए कि ओपीडी में मौजूद महिलाएं और परिजन कुछ ही मिनटों में बाहर निकलने को मजबूर हो गए। कई मरीजों ने उल्टी, घबराहट और चक्कर आने की शिकायत की, जिससे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
शनिवार को बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं जांच के लिए गायनी ओपीडी में पहुंची थीं। इसी दौरान अचानक पूरे विभाग में थिनर और पेंट जैसी तेज गंध फैलने लगी। बदबू इतनी तीखी थी कि कई महिलाएं अपनी जांच अधूरी छोड़कर बाहर निकल आईं। कुछ महिलाएं और परिजन नवजात बच्चों को गोद में लेकर अस्पताल बिल्डिंग से बाहर खुले में खड़े भागे ताकि उन्हें ताजी हवा मिल सके।
ओपीडी में ड्यूटी पर मौजूद महिला स्टाफ भी अपने कमरे छोड़कर बाहर आ गया। मरीजों और परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जहां संवेदनशील मरीजों खासकर गर्भवती महिलाओं और नवजातों का इलाज होता है, वहां इस तरह के कार्य बेहद सावधानी से किए जाने चाहिए। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, कैंटीन क्षेत्र में चल रहे रेनोवेशन कार्य के दौरान पेंटिंग और वाइटवॉश में इस्तेमाल हो रहे केमिकल की गंध पूरे परिसर में फैल गई। चूंकि अस्पताल की इमारतें आपस में जुड़ी हुई हैं इसलिए बदबू गायनी विभाग तक पहुंच गई। मरीजों का कहना है कि ऐसे कार्य या तो छुट्टी के दिनों में किए जाने चाहिए या फिर वैकल्पिक इंतजाम सुनिश्चित किए जाने चाहिए ताकि इलाज के लिए आने वाले मरीजों को परेशानी न हो।
व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए हैं
जीएमएसएच-16 के कार्यवाहक चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिनेश ने कहा कि गायनी विभाग की ओपीडी में इस तरह की स्थिति नहीं होनी चाहिए थी। संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था तुरंत सुधारने के निर्देश दिए गए हैं।
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शनिवार को बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं जांच के लिए गायनी ओपीडी में पहुंची थीं। इसी दौरान अचानक पूरे विभाग में थिनर और पेंट जैसी तेज गंध फैलने लगी। बदबू इतनी तीखी थी कि कई महिलाएं अपनी जांच अधूरी छोड़कर बाहर निकल आईं। कुछ महिलाएं और परिजन नवजात बच्चों को गोद में लेकर अस्पताल बिल्डिंग से बाहर खुले में खड़े भागे ताकि उन्हें ताजी हवा मिल सके।
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ओपीडी में ड्यूटी पर मौजूद महिला स्टाफ भी अपने कमरे छोड़कर बाहर आ गया। मरीजों और परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जहां संवेदनशील मरीजों खासकर गर्भवती महिलाओं और नवजातों का इलाज होता है, वहां इस तरह के कार्य बेहद सावधानी से किए जाने चाहिए। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, कैंटीन क्षेत्र में चल रहे रेनोवेशन कार्य के दौरान पेंटिंग और वाइटवॉश में इस्तेमाल हो रहे केमिकल की गंध पूरे परिसर में फैल गई। चूंकि अस्पताल की इमारतें आपस में जुड़ी हुई हैं इसलिए बदबू गायनी विभाग तक पहुंच गई। मरीजों का कहना है कि ऐसे कार्य या तो छुट्टी के दिनों में किए जाने चाहिए या फिर वैकल्पिक इंतजाम सुनिश्चित किए जाने चाहिए ताकि इलाज के लिए आने वाले मरीजों को परेशानी न हो।
व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए हैं
जीएमएसएच-16 के कार्यवाहक चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिनेश ने कहा कि गायनी विभाग की ओपीडी में इस तरह की स्थिति नहीं होनी चाहिए थी। संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था तुरंत सुधारने के निर्देश दिए गए हैं।
