पंजाब में बदली तस्वीर: हिंदू बहुल इलाकों में भी बजा आप का डंका, 2017 के दाग को धोने में कामयाब रही पार्टी
पंजाब में पीएम मोदी की तीन बड़ी रैली रखी गई थी और उनकी रैलियों के बाद यह कयास लगाये जा रहे थे कि भाजपा का शहरों में तेजी से वोट बढ़ेगा और शहरी मतदाता भाजपा को आगे लाएंगे लेकिन आप की टीम ने शहरी मतदाताओं पर पहले जादू कर दिया था।
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पंजाब में शहरी मतदाताओं ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पर विश्वास जताते हुए उन इलाकों में आप के पक्ष में जमकर मतदान किया है, जहां पर हिंदू व शहरी मतदाता अधिक थे। जहां केजरीवाल 2017 के उस दाग को धोने में कामयाब रहे, जिसमें उनकी पार्टी को कट्टरपंथियों की हिमायत का आरोप था, वहीं पंथक वोट का विश्वास भी बरकरार रखा।
साल 2017 में पंजाब चुनाव में एक तथाकथित आतंकी के घर अरविंद केजरीवाल के रुकने से हिंदू वोट बैंक के आप से छिटक गया था। यही वजह थी कि शहरों में आप को सीट नहीं मिली थी। जालंधर, अमृतसर, लुधियाना समेत तमाम शहरों से आप को सीट नहीं मिली थी। आम आदमी पार्टी से शहरी व हिंदू मतदाता दूर भाग गए थे। पार्टी ने 2022 में नये रंग रूप में दोबारा एंट्री की। हाथ में तिरंगा लेकर राष्ट्रवाद की सहायता से पाकिस्तान की सीमा से सटे पठानकोट से यात्रा शुरू की। शांति मार्च निकाला, सारे शो शहरी क्षेत्रों में हुए। नतीजन, शहरी मतदाताओं का विश्वास केजरीवाल की तरफ बढ़ने लगा।
2022 में आप के पूर्व नेता कुमार विश्वास ने अरविंद केजरीवाल पर अलगाववादियों के समर्थक होने का आरोप लगाया था, इस बार आरोप की चर्चा ने केजरीवाल को लेकर पंजाब में उलटा सहानुभूति पैदा कर दी। लोगों ने इस आरोप की टाइमिंग को लेकर शक जताया और उलटा टूटकर वोट डाला। खासकर शहरी क्षेत्रों में आप को जबरदस्त समर्थन मिला और उन क्षेत्रों में भी आप का जलवा बन गया, जहां पर कमल का फूल खिलता था।
राज्य में हिंदुओं की संख्या कुल जनसंख्या की 38.5 फीसदी है। राज्य में 45 विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं, जहां हिंदू मतदाताओं की संख्या अधिक है। भाजपा की सीट मानी जाने वाली जालंधर की तीनों शहरी सीटों में से दो आप ने झटक ली। दसूहा जो हिंदू मतदाताओं का गढ़ माना जाता है, वहां से आप के उम्मीदवार करमबीर सिंह ने 14 हजार के अधिक मतों से जीत हासिल की।
कंडी क्षेत्र जो हिंदू वोटरों का गढ़ है, वहां से आप को कई सीटों पर जीत हासिल हुई। वहीं लुधियाना सिटी, अमृतसर सिटी पर भी आप का झाड़ू चला। मोहाली में भी शहरी मतदाताओं ने आप का झंडा लहराया। पंजाब में पीएम मोदी की तीन बड़ी रैली रखी गई थी और उनकी रैलियों के बाद यह कयास लगाये जा रहे थे कि भाजपा का शहरों में तेजी से वोट बढ़ेगा और शहरी मतदाता भाजपा को आगे लाएंगे लेकिन आप की टीम ने शहरी मतदाताओं पर पहले जादू कर दिया था।
कांग्रेस 2017 के चुनाव में माझा की 25 में से 22 सीटों पर विजयी रही लेकिन इस बार उसके गढ़ में आप ने सेंध लगा दी। माझा का एक बड़ा इलाका पंथक वोट का गढ़ है और आप वहां भी विश्वास को बनाकर आगे बढ़ी। माझा की 21 सीटें पठानकोट, गुरदासपुर व अमृतसर जिलों में हैं और यहां भाजपा व कांग्रेस को सीट मिलने की उम्मीद थी लेकिन आप ने पूरा उलटफेर कर दिया और अमृतसर में विधानसभा हलका अमृतसर केंद्रीय में आम आदमी पार्टी के डॉ. अजय गुप्ता ने कांग्रेस के ओम प्रकाश सोनी को हरा दिया।
अमृतसर की सीटें भाजपा कांग्रेस की मानी जाती रही हैं और इस बार नौ सीटें आप के खाते में चली गई। आप ने जालंधर, अमृतसर, लुधियाना, पटियाला, मोहाली समेत तमाम शहरों में अपना जलवा दिखाया है। जिससे साफ है कि शहरी व हिंदू मतदाताओं ने जहां आप पर विश्वास जताया वहीं मालवा में आप की आंधी ने सब कुछ उजाड़ दिया और मजबूत वृक्ष गिरा दिए।