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Haryana: विस चुनाव से पहले भाजपा बदलेगी फार्मूला, अब 30 मतदाताओं पर होगी पांच पन्ना प्रमुख की नजर
प्रवीण पाण्डेय, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sun, 18 Dec 2022 09:01 AM IST
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सार
हरियाणा दिल्ली से सटा हुआ है। पंजाब में भाजपा कैप्टन अमरिंद्र के सहारे भी करिश्मा नहीं कर सकी। हिमाचल में आती हुई सत्ता हाथ से चली गई। लिहाजा पार्टी अब हरियाणा पर रिस्क लेने के मूड में नहीं है।
हरियाणा सीएम मनोहर लाल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंचायत चुनाव में आए नतीजों और हिमाचल चुनाव में कांग्रेस की जीत ने हरियाणा भाजपा को चुनावी रणनीति बदलने के लिए मजबूर कर दिया है। लिहाजा 2024 के चुनाव में भाजपा नए फार्मूले के साथ चुनाव मैदान में उतरने का मन बना रही है। गुजरात के प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल का फार्मूला हरियाणा भाजपा को पसंद आया है। गुरुग्राम में हुई जिला अध्यक्षों की बैठक में इस पर चर्चा हुई है।
अभी तक पार्टी लोकसभा और विधानसभा चुनाव में जमीनी स्तर पर पन्ना प्रमुख के माध्यम से चुनाव लड़ती आई है। इन्हीं पन्ना प्रमुख के सहारे पार्टी ने सूबे में दो बार सरकार बनाई है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। गुजरात चुनाव में सीआर पाटिल का चुनाव प्रबंधन देखने के बाद केंद्र्रीय नेतृत्व पन्ना समितियां बनाने की तैयारी कर रहा है। अभी तक पार्टी ने 30 मतदाताओं के ऊपर एक पन्ना प्रमुख बनाती थी। लेकिन अब 30 मतदाताओं पर पांच पन्ना प्रमुख बनाने का प्रस्ताव है।
पांच पन्ना प्रमुख होंगे तो 30 मतदाताओं के ऊपर पांच समितियां बन जाएंगी। बैठक में प्रभारी विप्लब देब, प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश धनखड़ ने कार्यकर्ताओं को जी जान से जुटने के आदेश दिए हैं। निकाय चुनाव में जीत के बाद पार्टी का लक्ष्य 2024 का विधानसभा चुनाव होगा।
हरियाणा के मामले में रिस्क नहीं
हरियाणा दिल्ली से सटा हुआ है। पंजाब में भाजपा कैप्टन अमरिंद्र के सहारे भी करिश्मा नहीं कर सकी। हिमाचल में आती हुई सत्ता हाथ से चली गई। लिहाजा पार्टी अब हरियाणा पर रिस्क लेने के मूड में नहीं है। हरियाणा दिल्ली के साथ लगा हुआ है और वर्तमान में गठबंधन की सरकार है। अपने बल बूते सरकार लाने के लिए पार्टी ने अभी से जोर लगाना शुरू कर दिया है।
गुरुग्राम फरीदाबाद और मानेसर निकाय चुनाव में जीत का लक्ष्य
पार्टी पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए हैं कि अब तक जिन योजनाओं की बदौलत सरकार बनी है। उन योजनाओं को धरातल पर लाया जाए और माइक्रो मैनेजमेंट के तहत सभ्ीा कार्यकर्ता एकजुट होकर काम करें। इन्हीं योजनाओं के बलबूते सरकार 2024 के चुनाव में वोट मांगेगी। जिसमें केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाएं शामिल हैं। पंचायत चुनाव से सबक लेने के बाद पार्टी निकाय चुनाव में ताकत झोकेगी। हाल ही में गुरुग्राम, मानेसर और फरीदाबाद निकाय चुनाव होने हैं। पन्ना प्रमुख का प्रंबंधन पार्टी इस चुनाव में भी लागू करेगी।
राहुल गांधी के बयान पर घेरने की तैयारी
हरियाणा भाजपा राहुल गांधी को उनके दिए गए बयान पर घेरेगी। पार्टी इस बात को सुरक्षा बलों का मनोबल कम करने वाला बताएगी। राहुल की यात्रा से पूर्व ही उन्हें घेरने की तैयारी हो गई है। यात्रा प्रभावी न हो इसके लिए रणनीति तैयार हो गई है। आज मुख्यमंत्री मनोहर लाल और सांसद इस बैठक में अपने अनुभव साझा करेंगे और लोकसभा और विधानसभा चुनाव में जीत का मंत्र बताएंगे।
अपने परिवार की तरफ से की गई गलतियों को लेकर राहुल अपराधबोध में हैं। इसलिए ऐसे बयान देते हैं कि कांग्रेस और राहुल गांधी चीन के पाले में नजर आते हैं। - प्रवीण आत्रेय, प्रवक्ता भाजपा
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अभी तक पार्टी लोकसभा और विधानसभा चुनाव में जमीनी स्तर पर पन्ना प्रमुख के माध्यम से चुनाव लड़ती आई है। इन्हीं पन्ना प्रमुख के सहारे पार्टी ने सूबे में दो बार सरकार बनाई है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। गुजरात चुनाव में सीआर पाटिल का चुनाव प्रबंधन देखने के बाद केंद्र्रीय नेतृत्व पन्ना समितियां बनाने की तैयारी कर रहा है। अभी तक पार्टी ने 30 मतदाताओं के ऊपर एक पन्ना प्रमुख बनाती थी। लेकिन अब 30 मतदाताओं पर पांच पन्ना प्रमुख बनाने का प्रस्ताव है।
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पांच पन्ना प्रमुख होंगे तो 30 मतदाताओं के ऊपर पांच समितियां बन जाएंगी। बैठक में प्रभारी विप्लब देब, प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश धनखड़ ने कार्यकर्ताओं को जी जान से जुटने के आदेश दिए हैं। निकाय चुनाव में जीत के बाद पार्टी का लक्ष्य 2024 का विधानसभा चुनाव होगा।
हरियाणा के मामले में रिस्क नहीं
हरियाणा दिल्ली से सटा हुआ है। पंजाब में भाजपा कैप्टन अमरिंद्र के सहारे भी करिश्मा नहीं कर सकी। हिमाचल में आती हुई सत्ता हाथ से चली गई। लिहाजा पार्टी अब हरियाणा पर रिस्क लेने के मूड में नहीं है। हरियाणा दिल्ली के साथ लगा हुआ है और वर्तमान में गठबंधन की सरकार है। अपने बल बूते सरकार लाने के लिए पार्टी ने अभी से जोर लगाना शुरू कर दिया है।
गुरुग्राम फरीदाबाद और मानेसर निकाय चुनाव में जीत का लक्ष्य
पार्टी पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए हैं कि अब तक जिन योजनाओं की बदौलत सरकार बनी है। उन योजनाओं को धरातल पर लाया जाए और माइक्रो मैनेजमेंट के तहत सभ्ीा कार्यकर्ता एकजुट होकर काम करें। इन्हीं योजनाओं के बलबूते सरकार 2024 के चुनाव में वोट मांगेगी। जिसमें केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाएं शामिल हैं। पंचायत चुनाव से सबक लेने के बाद पार्टी निकाय चुनाव में ताकत झोकेगी। हाल ही में गुरुग्राम, मानेसर और फरीदाबाद निकाय चुनाव होने हैं। पन्ना प्रमुख का प्रंबंधन पार्टी इस चुनाव में भी लागू करेगी।
राहुल गांधी के बयान पर घेरने की तैयारी
हरियाणा भाजपा राहुल गांधी को उनके दिए गए बयान पर घेरेगी। पार्टी इस बात को सुरक्षा बलों का मनोबल कम करने वाला बताएगी। राहुल की यात्रा से पूर्व ही उन्हें घेरने की तैयारी हो गई है। यात्रा प्रभावी न हो इसके लिए रणनीति तैयार हो गई है। आज मुख्यमंत्री मनोहर लाल और सांसद इस बैठक में अपने अनुभव साझा करेंगे और लोकसभा और विधानसभा चुनाव में जीत का मंत्र बताएंगे।
अपने परिवार की तरफ से की गई गलतियों को लेकर राहुल अपराधबोध में हैं। इसलिए ऐसे बयान देते हैं कि कांग्रेस और राहुल गांधी चीन के पाले में नजर आते हैं। - प्रवीण आत्रेय, प्रवक्ता भाजपा