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Chandigarh News: चंडीगढ़ स्टार्टअप पॉलिसी 2025 लागू होने की राह पर, 12 स्टार्टअप को मान्यता
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चंडीगढ़। चंडीगढ़ स्टार्टअप पॉलिसी-2025 अब पूर्ण क्रियान्वयन के चरण में पहुंच गई है। प्रशासन ने पॉलिसी के तहत 12 स्टार्टअप को मान्यता दी है। इन्हें अब विभिन्न प्रोत्साहनों, अनुदानों और सहयोग योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
स्टार्टअप्स को अनुदान के लिए सक्षम बनाने की दिशा में छह इनक्यूबेटरों के आवेदनों पर सोमवार को पॉलिसी मॉनिटरिंग एंड इंप्लीमेंटेशन कमेटी की बैठक में विचार किया गया। बैठक की अध्यक्षता यूटी चंडीगढ़ के उद्योग सचिव ने की। इसमें उद्योग विभाग के निदेशक प्रद्युम्न सिंह, वित्त विभाग के प्रतिनिधि और स्टार्टअप फाइनेंस, टेक्नोलॉजी व मार्केट एक्सेस के स्वतंत्र विशेषज्ञ शामिल रहे।
71 हजार वर्ग फीट से ज्यादा इंक्यूबेशन स्पेस
विचार किए गए संस्थानों में आईराइस, आयशर मोहाली, चंडीगढ़ ग्रुप ऑफ कॉलेजेज-झंझरी का टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर, पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज का एंटरप्रेन्योरशिप एंड इंक्यूबेशन सेल, पंजाब यूनिवर्सिटी इंक्यूबेशन सेंटर, स्टार्टअप एक्सेलेरेटर चैंबर ऑफ कॉमर्स, पंचकूला और एआईसी आईएसबी एसोसिएशन मोहाली शामिल हैं। इनके पास संयुक्त रूप से 71,000 वर्ग फीट से अधिक इंक्यूबेशन स्पेस है और 230 से ज्यादा स्टार्टअप को सहयोग देने की क्षमता है।
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उद्योग संगठनों से साझेदारी की तैयारी
प्रशासन स्टार्टअप इकोसिस्टम मजबूत करने के लिए प्रमुख उद्योग संगठनों के साथ एमओयू की तैयारी कर रहा है। पंजाब स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी के साथ सहयोग को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। सीआईआई, टीआईई और पीएचडी चैंबर को भी जोड़ने का प्रस्ताव है। इससे तकनीकी सहयोग, प्रोटोटाइपिंग, मेंटरशिप और बाजार तक पहुंच में मदद मिलेगी।
कॉलेजों में होंगे बूटकैंप और आइडियाथॉन
विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और एंटरप्रेन्योरशिप सेल्स में वर्कशॉप, बूटकैंप, आइडियाथॉन और ओरिएंटेशन सेशन आयोजित होंगे। इसके लिए पॉलिसी में 20 लाख रुपये का वार्षिक बजट रखा गया है। प्रशासन गतिविधियों का वार्षिक कैलेंडर भी तैयार करेगा।
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स्टार्टअप्स को अनुदान के लिए सक्षम बनाने की दिशा में छह इनक्यूबेटरों के आवेदनों पर सोमवार को पॉलिसी मॉनिटरिंग एंड इंप्लीमेंटेशन कमेटी की बैठक में विचार किया गया। बैठक की अध्यक्षता यूटी चंडीगढ़ के उद्योग सचिव ने की। इसमें उद्योग विभाग के निदेशक प्रद्युम्न सिंह, वित्त विभाग के प्रतिनिधि और स्टार्टअप फाइनेंस, टेक्नोलॉजी व मार्केट एक्सेस के स्वतंत्र विशेषज्ञ शामिल रहे।
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71 हजार वर्ग फीट से ज्यादा इंक्यूबेशन स्पेस
विचार किए गए संस्थानों में आईराइस, आयशर मोहाली, चंडीगढ़ ग्रुप ऑफ कॉलेजेज-झंझरी का टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर, पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज का एंटरप्रेन्योरशिप एंड इंक्यूबेशन सेल, पंजाब यूनिवर्सिटी इंक्यूबेशन सेंटर, स्टार्टअप एक्सेलेरेटर चैंबर ऑफ कॉमर्स, पंचकूला और एआईसी आईएसबी एसोसिएशन मोहाली शामिल हैं। इनके पास संयुक्त रूप से 71,000 वर्ग फीट से अधिक इंक्यूबेशन स्पेस है और 230 से ज्यादा स्टार्टअप को सहयोग देने की क्षमता है।
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उद्योग संगठनों से साझेदारी की तैयारी
प्रशासन स्टार्टअप इकोसिस्टम मजबूत करने के लिए प्रमुख उद्योग संगठनों के साथ एमओयू की तैयारी कर रहा है। पंजाब स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी के साथ सहयोग को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। सीआईआई, टीआईई और पीएचडी चैंबर को भी जोड़ने का प्रस्ताव है। इससे तकनीकी सहयोग, प्रोटोटाइपिंग, मेंटरशिप और बाजार तक पहुंच में मदद मिलेगी।
कॉलेजों में होंगे बूटकैंप और आइडियाथॉन
विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और एंटरप्रेन्योरशिप सेल्स में वर्कशॉप, बूटकैंप, आइडियाथॉन और ओरिएंटेशन सेशन आयोजित होंगे। इसके लिए पॉलिसी में 20 लाख रुपये का वार्षिक बजट रखा गया है। प्रशासन गतिविधियों का वार्षिक कैलेंडर भी तैयार करेगा।