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हैवानियत: युवक ने धधकते तंदूर में फेंका दो महीने का पिल्ला, बिलखती रही मां; चश्मदीद ने बताई पूरी कहानी
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Mon, 18 May 2026 08:45 AM IST
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सार
चंडीगढ़ की बापूधाम कालोनी में 15 की देर रात एक युवक ने कुत्ते के छोटे बच्चे को तंदूर में फेंक दिया। पिल्ले की माैत हो गई। इस घटना से डाॅग लवर्स में आक्रोश है।
चंडीगढ़ में पिल्ले का तंदूर में फेंका
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चंडीगढ़ सेक्टर-26 की बापूधाम कॉलोनी फेज-2 में एक युवक ने दो महीने के मासूम पिल्ले को उसकी मां के सामने ही धधकते तंदूर में फेंक दिया। तंदूर में गिरते ही पिल्ला तड़पने लगा और उसकी चीखों से पूरा इलाका गूंज उठा।
वहीं पिल्ले की मां तंदूर के पास खड़ी होकर लगातार चिल्लाती रही और अपने बच्चे को बचाने की कोशिश करती रही। घटना के बाद इलाके में लोगों में भारी गुस्सा है। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने आरोपी की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन घटना के दो दिन बाद भी आरोपी गिरफ्त से बाहर है।
पुलिस के अनुसार वारदात 15 मई की रात करीब 1:40 बजे हुई। शिकायतकर्ता 26 वर्षीय संजय, जो सेक्टर-26 सब्जी मंडी में पल्लेदारी का काम करता है, ने बताया कि वह काम खत्म कर घर लौट रहा था। जब वह नूरानी ढाबा के पास पहुंचा तो उसने देखा कि एक युवक हाथ में पिल्ला उठाकर आ रहा था। उसके पीछे-पीछे पिल्ले की मां भी दौड़ रही थी। कुछ ही सेकंड बाद आरोपी ढाबे के बाहर रखे जलते तंदूर के पास रुका और पिल्ले को सीधे उसमें फेंक दिया।
संजय के मुताबिक वह तुरंत तंदूर की ओर भागा और किसी तरह पिल्ले को बाहर निकाला लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। बाद में उसने पिल्ले को सुखना चौक के पास दफना दिया। शिकायतकर्ता ने कहा कि यदि आरोपी सामने आए तो वह उसे पहचान सकता है। सेक्टर-26 थाना पुलिस ने दफनाए गए मृत पिल्ले को सुखना चौक के पास से खोदाई कर निकाला और सेक्टर-38 के पशु अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाने के बाद मक्खनमाजरा स्थित इलेक्ट्रिक शवदाह गृह में उसका अंतिम संस्कार कराया।
वहीं पिल्ले की मां तंदूर के पास खड़ी होकर लगातार चिल्लाती रही और अपने बच्चे को बचाने की कोशिश करती रही। घटना के बाद इलाके में लोगों में भारी गुस्सा है। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने आरोपी की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन घटना के दो दिन बाद भी आरोपी गिरफ्त से बाहर है।
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पुलिस के अनुसार वारदात 15 मई की रात करीब 1:40 बजे हुई। शिकायतकर्ता 26 वर्षीय संजय, जो सेक्टर-26 सब्जी मंडी में पल्लेदारी का काम करता है, ने बताया कि वह काम खत्म कर घर लौट रहा था। जब वह नूरानी ढाबा के पास पहुंचा तो उसने देखा कि एक युवक हाथ में पिल्ला उठाकर आ रहा था। उसके पीछे-पीछे पिल्ले की मां भी दौड़ रही थी। कुछ ही सेकंड बाद आरोपी ढाबे के बाहर रखे जलते तंदूर के पास रुका और पिल्ले को सीधे उसमें फेंक दिया।
संजय के मुताबिक वह तुरंत तंदूर की ओर भागा और किसी तरह पिल्ले को बाहर निकाला लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। बाद में उसने पिल्ले को सुखना चौक के पास दफना दिया। शिकायतकर्ता ने कहा कि यदि आरोपी सामने आए तो वह उसे पहचान सकता है। सेक्टर-26 थाना पुलिस ने दफनाए गए मृत पिल्ले को सुखना चौक के पास से खोदाई कर निकाला और सेक्टर-38 के पशु अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाने के बाद मक्खनमाजरा स्थित इलेक्ट्रिक शवदाह गृह में उसका अंतिम संस्कार कराया।
सीसीटीवी में कैद हुई पूरी वारदात
पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में ली है। फुटेज में आरोपी पिल्ले को उठाकर ले जाता दिखाई दे रहा है। उसके पीछे उसकी मां लगातार चलती नजर आ रही है। फुटेज में एक अन्य युवक भी दिखाई दिया जिसकी पहचान बोना नामक युवक के रूप में हुई। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की लेकिन उसके घटना में शामिल न होने की बात कहने पर छोड़ दिया गया।पुलिस की थ्योरी पर उठे सवाल
पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में आरोपी नशे में लग रहा है। अधिकारियों के मुताबिक वह पिल्ले को उठाकर कुछ देर तक खेलता रहा और संभव है कि उसे तंदूर में आग होने का अंदाजा न हो। हालांकि इस बयान के बाद लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है। स्थानीय लोगों और डॉग लवर्स का कहना है कि जलते तंदूर में किसी जीव को फेंकना दुर्घटना नहीं बल्कि क्रूरता है।दो दिन बाद भी तंदूर के पास भटकती रही मां
इलाके के लोगों के अनुसार घटना के दो दिन बाद भी पिल्ले की मां उसी तंदूर के आसपास घूमती दिखाई दी। स्थानीय निवासियों ने बताया कि वह लगातार अपने बच्चे को तलाशती रही। लोगों का कहना है कि यह दृश्य जिसने भी देखा, उसकी आंखें नम हो गईं।मेनका गांधी की संस्था भी पहुंची
घटना के बाद मेनका गांधी की संस्था पीपल फॉर एनिमल्स (पीएफए) की टीम शनिवार को बापूधाम कॉलोनी पहुंची। टीम ने शिकायतकर्ता संजय से पूरी घटना की जानकारी ली और पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर सख्त कार्रवाई की मांग की। संजय के परिचितों का कहना है कि लगातार पूछताछ और दबाव के चलते वह घबरा गया है और रविवार सुबह से घर पर नहीं मिला।डॉग लवर्स में आक्रोश
सेक्टर-40 निवासी सोशल वर्कर और डॉग लवर सिमरन बानी ने घटना को अमानवीय बताते हुए कहा कि तेज धूप इंसान तक सहन नहीं कर पाता लेकिन यहां एक बेजुबान मासूम को जलते तंदूर में फेंक दिया गया। वह तड़प-तड़प कर मर गया। शहर में लगातार जानवरों के साथ क्रूरता हो रही है लेकिन ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई नहीं होती। लोगों का कहना है कि सीसीटीवी में वारदात कैद होने के बावजूद आरोपी अब तक क्यों नहीं पकड़ा गया, घटना के वक्त ढाबे के आसपास मौजूद लोग मदद के लिए आगे क्यों नहीं आए। वहीं क्या पशु क्रूरता के मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की कमी से ऐसे अपराध बढ़ रहे हैं।तंदूर में पिल्ले को फेंकने के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपी सीसीटीवी कैमरों में कैद हुआ है और उसकी पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। -कंवरदीप कौर, एसएसपी चंडीगढ़