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Chandigarh News: सीबीआई जांच का फॉलोअप-जिस ठेकेदार पर सीबीआई जांच, पीजीआई में भी उसी से जुड़ी कंपनियों के ठेके
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जिस ठेकेदार पर सीबीआई जांच, पीजीआई में भी उसी से जुड़ी कंपनियों के ठेके
तीन टेंडर और दो बार एक्सटेंशन मिलने का दावा, भर्ती से लेकर पहचान पत्र जारी करने तक की शिकायतें सीबीआई के सामने उठाएगी कर्मचारी यूनियन
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। जीएमएसएच-16 और अन्य सरकारी विभागों में जिस ठेकेदार से जुड़े मामले में सीबीआई जांच शुरू हुई है, उसी से जुड़ी कंपनियों के पीजीआई में भी ठेके होने की बात सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, संबंधित कंपनियों को इंजीनियरिंग, हॉर्टिकल्चर और इलेक्ट्रिकल से जुड़े कामों के टेंडर मिले हैं। एक ही व्यक्ति से जुड़ी कंपनियों को तीन टेंडर दिए जाने और दो बार एक्सटेंशन मिलने का दावा किया जा रहा है। अब पीजीआई में ठेकों की प्रक्रिया, भर्ती और नौकरी दिलाने के नाम पर कथित तौर पर पैसे लेने की शिकायतों की जांच की मांग उठ रही है।
सूत्रों के मुताबिक, जाहरवीर मैनपावर एंड सिक्योरिटी सर्विसेज, ए टू जेड मैनपावर एंड सिक्योरिटी सर्विसेज, नेशनल ग्रुप ऑफ सर्विसेज और किम्सी एंटरप्राइजेज के नाम पीजीआई में ठेकों को लेकर सामने आए हैं। आरोप हैं कि ठेके के तहत नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये मांगे गए। हालांकि, इन शिकायतों और टेंडर आवंटन से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
भर्तियों पर भी उठेंगे सवाल
पीजीआई कर्मचारी यूनियन इन मामलों को सीबीआई के समक्ष उठाने की तैयारी कर रही है। यूनियन 10 एलडीसी पदों, एनएचई में 196 एचए पदों और एडवांस्ड मदर एंड चाइल्डकेयर सेंटर और एडवांस्ड न्यूरोसाइंस सेंटर में हुई भर्तियों की जांच की मांग करेगी। यूनियन का आरोप है कि कुछ भर्तियों में चयनित कर्मचारियों की शैक्षणिक योग्यता और लिखित परीक्षा को लेकर सवाल हैं।
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यूनियन कथित तौर पर पैसे लेकर पहचान पत्र जारी करने, कर्मचारियों को काम पर बनाए रखने के बदले रकम मांगने और पार्किंग अटेंडेंट को 9,000 रुपये वेतन देने के मामले भी उठाएगी। न्यूरोसाइंस सेंटर में इनडोर सेवाएं शुरू होने से पहले लॉन्ड्री और मैनिफोल्ड के लिए की गई भर्तियां भी शिकायतों में शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, यूनियन आरटीआई से मिली जानकारी, दस्तावेज और उपलब्ध ऑडियो-वीडियो क्लिप सीबीआई को सौंपने की तैयारी में है।
पीजीआई प्रबंधन ने नहीं दिया जवाब
पीजीआई निदेशक प्रो. विवेक लाल और डीडीए पंकज राय से टेंडर, कंपनियों को मिले ठेकों, एक्सटेंशन और नौकरी के बदले पैसे लेने की शिकायतों पर पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
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तीन टेंडर और दो बार एक्सटेंशन मिलने का दावा, भर्ती से लेकर पहचान पत्र जारी करने तक की शिकायतें सीबीआई के सामने उठाएगी कर्मचारी यूनियन
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। जीएमएसएच-16 और अन्य सरकारी विभागों में जिस ठेकेदार से जुड़े मामले में सीबीआई जांच शुरू हुई है, उसी से जुड़ी कंपनियों के पीजीआई में भी ठेके होने की बात सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, संबंधित कंपनियों को इंजीनियरिंग, हॉर्टिकल्चर और इलेक्ट्रिकल से जुड़े कामों के टेंडर मिले हैं। एक ही व्यक्ति से जुड़ी कंपनियों को तीन टेंडर दिए जाने और दो बार एक्सटेंशन मिलने का दावा किया जा रहा है। अब पीजीआई में ठेकों की प्रक्रिया, भर्ती और नौकरी दिलाने के नाम पर कथित तौर पर पैसे लेने की शिकायतों की जांच की मांग उठ रही है।
सूत्रों के मुताबिक, जाहरवीर मैनपावर एंड सिक्योरिटी सर्विसेज, ए टू जेड मैनपावर एंड सिक्योरिटी सर्विसेज, नेशनल ग्रुप ऑफ सर्विसेज और किम्सी एंटरप्राइजेज के नाम पीजीआई में ठेकों को लेकर सामने आए हैं। आरोप हैं कि ठेके के तहत नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये मांगे गए। हालांकि, इन शिकायतों और टेंडर आवंटन से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
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भर्तियों पर भी उठेंगे सवाल
पीजीआई कर्मचारी यूनियन इन मामलों को सीबीआई के समक्ष उठाने की तैयारी कर रही है। यूनियन 10 एलडीसी पदों, एनएचई में 196 एचए पदों और एडवांस्ड मदर एंड चाइल्डकेयर सेंटर और एडवांस्ड न्यूरोसाइंस सेंटर में हुई भर्तियों की जांच की मांग करेगी। यूनियन का आरोप है कि कुछ भर्तियों में चयनित कर्मचारियों की शैक्षणिक योग्यता और लिखित परीक्षा को लेकर सवाल हैं।
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यूनियन कथित तौर पर पैसे लेकर पहचान पत्र जारी करने, कर्मचारियों को काम पर बनाए रखने के बदले रकम मांगने और पार्किंग अटेंडेंट को 9,000 रुपये वेतन देने के मामले भी उठाएगी। न्यूरोसाइंस सेंटर में इनडोर सेवाएं शुरू होने से पहले लॉन्ड्री और मैनिफोल्ड के लिए की गई भर्तियां भी शिकायतों में शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, यूनियन आरटीआई से मिली जानकारी, दस्तावेज और उपलब्ध ऑडियो-वीडियो क्लिप सीबीआई को सौंपने की तैयारी में है।
पीजीआई प्रबंधन ने नहीं दिया जवाब
पीजीआई निदेशक प्रो. विवेक लाल और डीडीए पंकज राय से टेंडर, कंपनियों को मिले ठेकों, एक्सटेंशन और नौकरी के बदले पैसे लेने की शिकायतों पर पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला।