फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Keeping a close watch on every single penny of tax

Chandigarh News: टैक्स की पाई-पाई पर नजर

Sat, 24 Oct 2026 02:03 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 24 Oct 2026 02:03 AM IST
विज्ञापन
Keeping a close watch on every single penny of tax
टैक्स चोरी पर कसेगा शिकंजा, हर एंट्री की होगी रियल टाइम मॉनीटरिंग
विज्ञापन

आरबीआई के साथ चंडीगढ़ प्रशासन का करार, जीएसटी राजस्व का हिसाब रखना होगा आसान
सरकारी खातों में जमा राशि का होगा मिलान, राजस्व में विसंगतियों की पहचान करने में मिलेगी मदद
फोटो सहित


अब टैक्स चोरी पर कसेगा शिकंजा, हर एंट्री की होगी रियल टाइम मॉनीटरिंग-आरबीआई के साथ एमओयू कर प्रशासन ने जीएसटी राजस्व की निगरानी मजबूत करने की दिशा में उठाया कदम
-जमा राशि और बकाया राजस्व का हिसाब रखने में मिलेगी मदद
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। जीएसटी राजस्व की निगरानी और कर संग्रह की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन के आबकारी एवं कराधान विभाग ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल से कर प्राप्तियों का हिसाब रखने, सरकारी खातों में जमा राशि का मिलान करने और राजस्व से जुड़ी विसंगतियों की पहचान करने में मदद मिलेगी। व्यवस्था का उद्देश्य कर संग्रह से संबंधित आंकड़ों की निगरानी को बेहतर बनाना है।
विज्ञापन

एमओयू पर चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से उपायुक्त-सह-आबकारी एवं कराधान आयुक्त निशांत कुमार यादव और आरबीआई के सरकारी एवं बैंक लेखा विभाग के मुख्य महाप्रबंधक शिवकुमार बोस ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर आबकारी एवं कराधान विभाग और आरबीआई के अधिकारी भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

कर संग्रह और सरकारी खातों का होगा मिलान
समझौते के तहत एकीकृत वस्तु एवं सेवा कर (आईजीएसटी) सहित लागू कर प्राप्तियों को जमा करने और उनके प्रबंधन के लिए औपचारिक व्यवस्था तैयार की जाएगी। व्यापारियों के लिए उपलब्ध भुगतान सुविधाओं के अनुसार कर जमा करने की प्रक्रिया संचालित होगी। साथ ही, संग्रह प्रणाली से सरकारी खातों तक राशि के हस्तांतरण और उसके मिलान को व्यवस्थित करने पर जोर दिया जाएगा। इस व्यवस्था से विभाग को यह पता लगाने में सहूलियत होगी कि निर्धारित अवधि में कितना कर जमा हुआ और सरकारी खातों में दर्ज राशि का कितना हिस्सा मिलान के लिए लंबित है। आंकड़ों में अंतर सामने आने पर उसकी जांच करना भी आसान हो सकेगा।
रियल टाइम निगरानी से गड़बड़ियों की पहचान
नई व्यवस्था के तहत भुगतान, रिपोर्टिंग और मिलान से जुड़ी सुविधाओं को लागू करना अहम होगा। इन प्रक्रियाओं के प्रभावी संचालन से कर प्राप्तियों की निगरानी अधिक समयबद्ध तरीके से की जा सकेगी। हालांकि, कर चोरी के हर मामले को एक क्लिक में पकड़ने का दावा तभी व्यावहारिक होगा, जब संबंधित आंकड़ों और निगरानी प्रणालियों को पर्याप्त रूप से एकीकृत किया जाए।

पिछले महीनों के राजस्व का भी होगा विश्लेषण
कर प्राप्तियों के आंकड़ों का व्यवस्थित मिलान होने से प्रशासन पिछले महीनों के राजस्व की तुलना कर सकेगा। इससे संग्रह के रुझानों को समझने और सुधार की जरूरत वाले क्षेत्रों की पहचान करने में मदद मिलेगी। चालू महीने में जमा राशि और संभावित राजस्व का आकलन उपलब्ध आंकड़ों तथा लागू निगरानी व्यवस्था पर निर्भर करेगा।

एमओयू से विभाग को होंगे ये फायदे
- जीएसटी समेत अन्य लागू करों की प्राप्तियों को जमा करने के लिए व्यवस्थित व्यवस्था बनेगी।
- कर संग्रह और सरकारी खातों में दर्ज राशि के बीच अंतर की पहचान करना आसान होगा।
- कर प्राप्तियों और उपलब्ध शेष राशि का हिसाब रखने में सहूलियत मिलेगी।
- अलग-अलग महीनों के राजस्व की तुलना कर संग्रह के रुझानों का आकलन किया जा सकेगा।
- भुगतान, रिपोर्टिंग और मिलान की प्रक्रिया बेहतर होने से कर प्रबंधन अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed