सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Many political changes in Punjab in the year 2022

Year Ender 2022: कई बड़े सियासी बदलाव, सत्ता के साथ दिग्गजों ने बदला पाला, पूर्व मंत्रियों समेत कई जेल पहुंचे

अमर उजाला, सुरिंदर पाल/शशिभूषण पुरोहित, जालंधर/चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 30 Dec 2022 04:59 PM IST
विज्ञापन
सार

पंजाब में विधानसभा चुनाव के दौरान 117 में से 92 सीटें जीतने वाली आप ने महज चार माह के भीतर संगरूर लोकसभा सीट गंवा दी। जहां से भगवंत मान दो बार सांसद चुने गए थे। वहां से शिअद (अमृतसर) के सिमरनजीत मान को सांसद चुन लिया।

Many political changes in Punjab in the year 2022
पंजाब की राजनीतिक हस्तियां। - फोटो : फाइल
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

साल 2022 पंजाब में बड़ा सियासी बदलाव लाया। पहली बार रिवायती पार्टियों का विधानसभा चुनाव में सफाया हो गया और आम आदमी पार्टी की सरकार आई। अपने पूरे राजनीतिक करिअर में कभी चुनाव न हारने वाले प्रकाश सिंह बादल समेत दो बार मुख्यमंत्री रहे कैप्टन अमरिंदर, तत्कालीन मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को भी हार का मुंह देखना पड़ा। शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल भी चुनावी जंग में फेल रहे। इन सभी दिग्गजों को एकदम नए चेहरों ने पटखनी दी। 

Trending Videos


विस की 117 में से 92 सीटें जीतकर भगवंत मान सूबे के मुख्यमंत्री बने। राजनेताओं के लिए भी यह साल ठीक नहीं रहा, विजिलेंस ने कई मंत्रियों को सलाखों के पीछे भेजा तो कुछ की फाइलों से धूल साफ करनी शुरू कर दी है। पंजाब में ओल्ड पेंशन स्कीम की बहाली को लेकर नोटिफिकेशन चर्चा का विषय रही। आम आदमी पार्टी की सरकार ने अपने चुनावी वादे पर अमल करते हुए राज्य में 300 यूनिट बिजली मुफ्त देकर जनता का दिल जीता।
विज्ञापन
विज्ञापन


कैप्टन व जाखड़ ने थामा कमल का फूल
किसी समय पंजाब में कांग्रेस के स्तंभ कहे जाने वाले पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस से इस्तीफा देकर अपनी पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस बनाई और बाद में उसका विलय भाजपा में कर दिया। इसके अलावा सुनील जाखड़ के साथ ही पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा, बलवीर सिंह सिद्धू, गुरप्रीत कांगड़, राणा सोढ़ी और पूर्व विधायक राजकुमार वेरका, फतेहजंग बाजवा, लाडी हरविंदर सिंह भी भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा को सिख चेहरों का साथ मिला तो बागियों को भाजपा का।

संगरूर उपचुनाव में आप को झटका
पंजाब में विधानसभा चुनाव के दौरान 117 में से 92 सीटें जीतने वाली आप ने महज चार माह के भीतर संगरूर लोकसभा सीट गंवा दी। जहां से भगवंत मान दो बार सांसद चुने गए थे। वहां से शिअद (अमृतसर) के सिमरनजीत मान को सांसद चुन लिया।

 कई पूर्व मंत्री जेल पहुंचे
विजिलेंस ब्यूरो ने मोहाली के एक व्यापारी की शिकायत पर जून 2022 में भ्रष्टाचार का एक मामला दर्ज किया। इस मामले में पूर्व वन मंत्री साधू सिंह धर्मसोत को भी गिरफ्तार किया। विजिलेंस के मुताबिक वन विभाग में न सिर्फ पेड़ों की अवैध कटाई के लिए भ्रष्टाचार हुआ बल्कि ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए भी पैसे को जरिया बनाया गया था। इसी केस में बाद में विजिलेंस ब्यूरो द्वारा पूर्व वन मंत्री संगत सिंह गिल्जियां को भी आरोपी बनाया गया, जोकि अदालत के रास्ते गिरफ्तारी से बचे। 

यहीं से विजिलेंस के डंडे की पंजाब में शुरुआत हुई। इसके अतिरिक्त ट्रांसपोर्टेशन टेंडर घोटाले में 22 अगस्त को पूर्व मंत्री भारत भूषण आशू को भी हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद गिरफ्तार कर लिया। आशू अभी तक जेल में हैं। पूर्व उद्योग मंत्री सुंदर श्याम अरोड़ा को भी औद्योगिक प्लाटों में धांधली मामले में शामिल न करने के लिए विजिलेंस अधिकारी को 50 लाख रुपये रिश्वत देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। 

दो डिप्टी सीएम भी रडार पर
पूर्व डिप्टी सीएम ओपी सोनी भी विजिलेंस की रडार पर हैं। पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर रंधावा भी जांच के दायरे में हैं। इसके अलावा सिंचाई घोटाले की फाइल दोबारा खोली गई, जिसमें पूर्व मुख्य सचिव सर्वेश कौशल को भी तलब किया गया।

आप ने अपना ही मंत्री को पहुंचाया सलाखों के पीछे
आम आदमी पार्टी ने सत्ता संभालते ही करीब तीन माह बाद अपने ही मंत्री के खिलाफ जांच खोलकर उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। भ्रष्टाचार के आरोप में फंसे डॉ. विजय कुमार सिंगला के खिलाफ मामला दर्ज किया, जिसके बाद उन्हें मंत्री पद से हटा दिया गया।

पूर्व चेयरमैन व अधिकारी भी नपे, कई की फाइलें खुली
विजिलेंस ब्यूरो ने विभिन्न भ्रष्टाचार के आरोप में कांग्रेस नेता व लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन रमन बालासुब्रह्मण्यम समेत लुधियाना ट्रस्ट से संबंधित 6 अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों को रिहायशी प्लाट आवंटन में गड़बड़ी के आरोपों में गिरफ्तार किया। इसी तरह अमृतसर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन दिनेश बस्सी को भी गिरफ्तार किया गया। उन पर भी प्लाट के आवंटन में गड़बड़ी का आरोप है।

सबसे चर्चित रहा आईएएस अधिकारी संजय पोपली की गिरफ्तारी का मामला। पोपली के खिलाफ पहला मामला रिश्वत लेने का दर्ज हुआ, जबकि दूसरा मामला आय से अधिक संपत्ति का दर्ज किया गया। निकाय विभाग के अधिकारी के तौर पर तैनात रहे ईओ गिरीश वर्मा को भी गिरफ्तार किया गया। इसी तरह एआईजी आशीष कपूर की गिरफ्तारी भी चर्चा का विषय रही क्योंकि एआईजी आशीष कपूर भी पिछली सरकारों के वक्त काफी समय विजिलेंस ब्यूरो में तैनात रहे थे।

साल 2023 में इन योजनाओें से उगेगा नया सूरज

पंजाब को मिलेगा एक और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा
नए साल में पंजाब को एक और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। अमृतसर और चंडीगढ़ के बाद लुधियाना के हलवारा में नई हवाई अड्डे को लेकर निर्माण कार्य प्रगति पर है। साल 2023 के अंत तक इसके चालू होने की पूरी संभावना है।

जी-20 सम्मेलन की मेजबानी करेगा पंजाब
साल 2023 में पंजाब को पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जी-20 सम्मेलन की मेजबानी का अवसर मिलने जा रहा है। मार्च में प्रस्तावित इस सम्मेलन के लिए अमृतसर शहर को विशेष तौर पर सजाया जा रहा है। दुनिया के कई देशों के प्रतिनिधियों के साथ होने वाला यह सम्मेलन पंजाब के इतिहास में नई इबारत लिखेगा।

पंजाब पुलिस को मिलेंगे 2400 नए जवान
वर्ष 2023 में पंजाब पुलिस को 2400 नए जवान मिलेंगे। आम आदमी पार्टी की सरकार ने पुलिस में हर साल 2400 नई भर्तियों का एलान किया है, जिसको लेकर काम शुरू कर दिया गया है। जनवरी से बाकायदा पुलिस भर्ती का शेड्यूल जारी हो चुका है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed