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चंडीगढ़ में बनेंगी मल्टी स्टोरी बिल्डिंग: केंद्र को भेजा प्रस्ताव, क्यों लिया जमीन का वर्टिकल उपयोग का फैसला?
विशाल पाठक, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 20 Jan 2026 08:53 AM IST
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सार
चंडीगढ़ का भौगोलिक क्षेत्रफल सीमित है और शहर का विस्तार अब संभव नहीं है। ऐसे में बढ़ती आबादी और आवास की मांग को पूरा करने के लिए जमीन का वर्टिकल उपयोग ही एकमात्र विकल्प बचता है।
आवासीय योजना
- फोटो : फाइल
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विस्तार
दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम की तर्ज पर अब चंडीगढ़ में भी मल्टी स्टोरी बिल्डिंग का सपना साकार होता नजर आ रहा है। सीमित जमीन और बढ़ती आवासीय जरूरतों को देखते हुए यूटी प्रशासन ने शहर में ऊंची इमारतों के निर्माण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
प्रशासन ने मल्टी स्टोरी बिल्डिंग और फ्लोर एरिया रेश्यो (एफएआर) बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेज दिया है। यदि केंद्र से हरी झंडी मिलती है तो चंडीगढ़ में आने वाले नए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में ऊंची-ऊंची इमारतें नजर आएंगी।
प्रस्ताव में नए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में होरिजोंटल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने की बात कही गई है। सूत्रों के अनुसार शहर के दक्षिणी क्षेत्रों में रेजिडेंशियल जोन के लिए एफएआर बढ़ाने की तैयारी है ताकि कम जमीन में अधिक मकानों का निर्माण किया जा सके।
इस अहम प्रस्ताव को लेकर यूटी के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद ने चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी), एस्टेट ऑफिस, इंजीनियरिंग और आर्किटेक्चर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर विस्तृत मंथन किया है। प्रशासन का मानना है कि मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनने से आम लोगों को फ्लैट्स के अधिक विकल्प मिलेंगे और फ्लोर वाइज प्रॉपर्टी खरीदने के इच्छुक लोगों के लिए भी यह एक बेहतर अवसर होगा।
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प्रशासन ने मल्टी स्टोरी बिल्डिंग और फ्लोर एरिया रेश्यो (एफएआर) बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेज दिया है। यदि केंद्र से हरी झंडी मिलती है तो चंडीगढ़ में आने वाले नए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में ऊंची-ऊंची इमारतें नजर आएंगी।
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प्रस्ताव में नए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में होरिजोंटल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने की बात कही गई है। सूत्रों के अनुसार शहर के दक्षिणी क्षेत्रों में रेजिडेंशियल जोन के लिए एफएआर बढ़ाने की तैयारी है ताकि कम जमीन में अधिक मकानों का निर्माण किया जा सके।
इस अहम प्रस्ताव को लेकर यूटी के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद ने चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी), एस्टेट ऑफिस, इंजीनियरिंग और आर्किटेक्चर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर विस्तृत मंथन किया है। प्रशासन का मानना है कि मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनने से आम लोगों को फ्लैट्स के अधिक विकल्प मिलेंगे और फ्लोर वाइज प्रॉपर्टी खरीदने के इच्छुक लोगों के लिए भी यह एक बेहतर अवसर होगा।
सेक्टर-53 बनेगा मॉडल हाउसिंग प्रोजेक्ट
प्रशासन की योजना के अनुसार सेक्टर-53 में प्रस्तावित नया हाउसिंग प्रोजेक्ट इस नए कंसेप्ट का मॉडल बनेगा। यहां मल्टी स्टोरी बिल्डिंग का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए सेक्टर-53 की जमीन को प्लॉट के आधार पर ई-ऑक्शन के जरिए निजी बिल्डर या डेवलपर को दिया जाएगा। संबंधित डेवलपर मल्टी स्टोरी इमारतें बनाकर फ्लैट्स का निर्माण करेगा और इन्हें बाजार दर पर बेचेगा।प्रशासन ने सेक्टर-53 में स्थित करीब नौ एकड़ की प्राइम जमीन को निजी डेवलपर को नीलाम करने का फैसला किया है। यह जमीन चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की है। यदि योजना के अनुसार सब कुछ आगे बढ़ता है तो यह सीएचबी के इतिहास में पहली बार होगा, जब किसी निजी डेवलपर को आवासीय निर्माण और फ्लैट्स के आवंटन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। मार्च तक इस जमीन की नीलामी प्रक्रिया पूरी कर प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयारी है।