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Chandigarh News: वल्ला पुल की बदहाली को लेकर आंदोलन, सरकार को दिया एक महीने का अल्टीमेटम
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अमृतसर। कस्बा वल्ला पुल की खस्ता हालत को लेकर नगर सुधार ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन और सीनियर कांग्रेसी नेता दिनेश बस्सी ने आज स्थानीय निवासियों के साथ सड़क पर उतरकर प्रशासन और सरकार को कड़ा अल्टीमेटम दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक महीने के भीतर पुल का निर्माण कार्य फिर से शुरू नहीं हुआ तो वे चक्का जाम और बड़ा आंदोलन करेंगे।
दिनेश बस्सी ने आरोप लगाया कि यह पुल विकास के नाम पर शुरू किया गया था, लेकिन अब यह स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत बन चुका है। 2022 में इस पुल का निर्माण कार्य शुरू हुआ था, लेकिन अक्टूबर 2025 में ठेकेदार ने काम छोड़ दिया और उसके बाद से काम पूरी तरह ठप पड़ा है। न तो नया टेंडर हुआ, न डिज़ाइन बदला और न ही किसी राहत की उम्मीद दिखी। उन्होंने इसे जनता के टैक्स के पैसों की बर्बादी करार दिया।
बस्सी ने यह भी आरोप लगाया कि एनएचएआई पिलर आधारित पुल के बजाय ठोस दीवार वाला पुल बनाना चाहती है, जिससे नीचे का रास्ता बंद हो जाएगा और सैकड़ों दुकानदारों का कारोबार खत्म हो जाएगा। स्थानीय लोग पिलर वाले पुल की मांग कर रहे हैं ताकि रास्ता खुला रहे और व्यापार प्रभावित न हो।
उन्होंने यह भी कहा कि वल्ला बाईपास मेडिकल इमरजेंसी का मुख्य रास्ता है, लेकिन जाम के कारण एंबुलेंस घंटों फंसी रहती हैं। व्यापारियों को भी रोज़ करोड़ों का नुकसान हो रहा है। बस्सी ने सवाल किया कि जब प्रोजेक्ट शुरू किया गया था, तब क्या सरकार को आर्मी एम्युनिशन डंप से जुड़े नियमों की जानकारी नहीं थी और बिना तैयारी के जनता का पैसा क्यों फंसाया गया। उन्होंने मांग की कि ठेकेदार पर कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक की जाए।
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दिनेश बस्सी ने आरोप लगाया कि यह पुल विकास के नाम पर शुरू किया गया था, लेकिन अब यह स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत बन चुका है। 2022 में इस पुल का निर्माण कार्य शुरू हुआ था, लेकिन अक्टूबर 2025 में ठेकेदार ने काम छोड़ दिया और उसके बाद से काम पूरी तरह ठप पड़ा है। न तो नया टेंडर हुआ, न डिज़ाइन बदला और न ही किसी राहत की उम्मीद दिखी। उन्होंने इसे जनता के टैक्स के पैसों की बर्बादी करार दिया।
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बस्सी ने यह भी आरोप लगाया कि एनएचएआई पिलर आधारित पुल के बजाय ठोस दीवार वाला पुल बनाना चाहती है, जिससे नीचे का रास्ता बंद हो जाएगा और सैकड़ों दुकानदारों का कारोबार खत्म हो जाएगा। स्थानीय लोग पिलर वाले पुल की मांग कर रहे हैं ताकि रास्ता खुला रहे और व्यापार प्रभावित न हो।
उन्होंने यह भी कहा कि वल्ला बाईपास मेडिकल इमरजेंसी का मुख्य रास्ता है, लेकिन जाम के कारण एंबुलेंस घंटों फंसी रहती हैं। व्यापारियों को भी रोज़ करोड़ों का नुकसान हो रहा है। बस्सी ने सवाल किया कि जब प्रोजेक्ट शुरू किया गया था, तब क्या सरकार को आर्मी एम्युनिशन डंप से जुड़े नियमों की जानकारी नहीं थी और बिना तैयारी के जनता का पैसा क्यों फंसाया गया। उन्होंने मांग की कि ठेकेदार पर कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक की जाए।
