Haryana: पेट्रोल-डीजल और गैस की बढ़ी कीमतों को लेकर सड़कों पर उतरेगी INLD, पार्टी ने किया एलान
प्रो. संपत सिंह ने कहा कि आज पेट्रोल पर 33 रुपये और डीजल पर 2014 के मुकाबले 9 गुना टैक्स वसूला जा रहा है, जिससे मध्यम वर्ग और गरीब परिवार का जीना मुहाल हो गया है। इनेलो ने मांग की है कि पेट्रोल, डीजल और गैस पर लगाए गए अत्यधिक टैक्स तुरंत कम किए जाएं।
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इंडियन नेशनल लोकदल ने पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और रसोई गैस की कीमतों में हुई बेतहाशा वृद्धि के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने ऐलान किया है कि यदि 31 मई 2026 तक बढ़ी हुई कीमतें वापस नहीं ली गईं, तो 1 जून 2026 को पूरे हरियाणा के सभी जिला मुख्यालयों पर सरकार के खिलाफ जोरदार और आक्रामक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
चंडीगढ़ स्थित इनेलो मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में पूर्व मंत्री और इनेलो के राष्ट्रीय संरक्षक प्रो. संपत सिंह ने केंद्र और हरियाणा की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सरकार को "जनता की जेब काटने वाली लुटेरी सरकार" करार दिया।
प्रो. संपत सिंह के प्रमुख आरोप और आंकड़े:
- कीमतों में मनमानी बढ़ोतरी: पेट्रोल-डीजल में 7.50 रुपये प्रति लीटर, घरेलू गैस सिलेंडर में 110 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर में 993 रुपये की बढ़ोतरी को उन्होंने जनता के साथ खुली बर्बरता बताया।
- टैक्स से भारी कमाई: वित्त वर्ष 2014-15 से 2025-26 के बीच केंद्र और राज्य सरकारों ने पेट्रोलियम पर टैक्स से लगभग 75 लाख करोड़ रुपये कमाए हैं। अकेले हरियाणा सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर टैक्स के जरिए 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा वसूले हैं।
- कंपनियों का मुनाफा: सरकारी तेल कंपनियों ने 10 लाख करोड़ रुपये और रिलायंस जैसी निजी कंपनियों ने 9 लाख करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2026 से मार्च 2026 के बीच निजी तेल कंपनियों का मुनाफा 41% बढ़ा है।
- चुनावी राजनीति: उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय कच्चे तेल की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल होने पर भी दाम नहीं बढ़ाए जाते, लेकिन चुनाव खत्म होते ही कीमत 100 डॉलर से नीचे होने के बावजूद महंगाई का बोझ जनता पर डाल दिया जाता है।
इनेलो की प्रमुख मांगें
प्रो. संपत सिंह ने कहा कि आज पेट्रोल पर 33 रुपये और डीजल पर 2014 के मुकाबले 9 गुना टैक्स वसूला जा रहा है, जिससे मध्यम वर्ग और गरीब परिवार का जीना मुहाल हो गया है। इनेलो ने मांग की है कि पेट्रोल, डीजल और गैस पर लगाए गए अत्यधिक टैक्स तुरंत कम किए जाएं, कंपनियों की मुनाफाखोरी पर रोक लगे और सस्ते कच्चे तेल का सीधा फायदा आम जनता, किसानों और ट्रांसपोर्टरों को दिया जाए।