{"_id":"69614927a314adb22301d810","slug":"public-transport-system-will-be-strengthened-bus-service-will-be-available-every-10-minutes-chandigarh-news-c-16-pkl1079-919084-2026-01-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़ का पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम होगा मजबूत: हर 10 मिनट पर मिलेगी बस, प्रशासक बोले-मेट्रो से ज्यादा बेहतर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़ का पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम होगा मजबूत: हर 10 मिनट पर मिलेगी बस, प्रशासक बोले-मेट्रो से ज्यादा बेहतर
विशाल पाठक, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 09 Jan 2026 11:59 PM IST
विज्ञापन
सार
चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) के बेड़े में इस समय कुल 478 बसें शामिल हैं। इनमें से 258 बसें सिटी सर्विस के तहत और 220 बसें लॉन्ग रूट पर संचालित की जा रही हैं।
सीटीयू बसें
- फोटो : संवाद/फाइल
विज्ञापन
विस्तार
चंडीगढ़ का पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम जल्द ही और मजबूत होगा। शहर के प्रत्येक रूट पर यात्रियों को हर 10 मिनट में बस सेवा उपलब्ध कराने की योजना है।
पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि जब तक मेट्रो परियोजना का कोई ठोस समाधान नहीं निकलता, तब तक ट्रैफिक और जाम की समस्या से निपटने के लिए बेहतर और सशक्त बस सेवाएं ही सबसे व्यावहारिक विकल्प हैं।
प्रशासक ने बताया कि शहर में 25 इलेक्ट्रिक बसें पहुंच चुकी हैं जबकि शेष 75 ई-बसें जल्द ही सड़कों पर उतारी जाएंगी। इन बसों को शहर और ट्राइसिटी के उन रूटों पर चलाया जाएगा, जो लंबे समय से बंद पड़े हैं ताकि पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को दुरुस्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रशासन नए रूट शुरू करने के साथ-साथ बंद पड़े रूटों को भी दोबारा चालू करेगा। उन्होंने मेट्रो की तुलना में बस सेवाओं को अधिक किफायती और प्रभावी समाधान बताया।
Trending Videos
पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि जब तक मेट्रो परियोजना का कोई ठोस समाधान नहीं निकलता, तब तक ट्रैफिक और जाम की समस्या से निपटने के लिए बेहतर और सशक्त बस सेवाएं ही सबसे व्यावहारिक विकल्प हैं।
प्रशासक ने बताया कि शहर में 25 इलेक्ट्रिक बसें पहुंच चुकी हैं जबकि शेष 75 ई-बसें जल्द ही सड़कों पर उतारी जाएंगी। इन बसों को शहर और ट्राइसिटी के उन रूटों पर चलाया जाएगा, जो लंबे समय से बंद पड़े हैं ताकि पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को दुरुस्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रशासन नए रूट शुरू करने के साथ-साथ बंद पड़े रूटों को भी दोबारा चालू करेगा। उन्होंने मेट्रो की तुलना में बस सेवाओं को अधिक किफायती और प्रभावी समाधान बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन