{"_id":"6973e69ac7f3a171020b9003","slug":"roof-of-house-collapses-in-manimajra-three-children-injured-after-being-buried-under-debris-chandigarh-news-c-16-pkl1079-931158-2026-01-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: मनीमाजरा में मकान की छत गिरी, मलबे में दबने तीन बच्चे घायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: मनीमाजरा में मकान की छत गिरी, मलबे में दबने तीन बच्चे घायल
विज्ञापन
विज्ञापन
मनीमाजरा। बारिश और तेज हवा में शुक्रवार सुबह 11 बजे गोविंदपुर में मकान की कच्ची पुरानी छत भरभराकर गिर गई। छत गिरने से तीन बच्चे मलबे में दबकर घायल हो गए। आनन-फानन में आसपास के लोगों ने बच्चों को मलबे से निकलकर अस्पताल पहुंचा उनकी जान बचाई।
बारिश और तेज हवा में पड़ोस के मकान की दीवार मकान नंबर-97 में की छत पर गिरी। इससे पुरानी छत गिर गई। हादसे के समय घर के अंदर गौरव (8), सनी (12) और पड़ोस में रहने वाला दसवीं का छात्र राहुल (17) मौजूद थे। छत गिरते ही तीनों बच्चे मलबे के नीचे दब गए। ये बच्चे कमरे में बैठकर टीवी देख रहे थे।
चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत बच्चों को मलबे से निकालकर मनीमाजरा सिविल अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी मनिंदर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम और फायर ऑफिसर गुरमुख सिंह मुल्तानी की अगुवाई में दमकल विभाग मौके पर पहुंचा। इसके अलावा प्रशासन की आपदा राहत टीम नोडिल ऑफिसर संजीव कोहली के नेतृत्व में मौके पर पहुंची थी। बच्चों प्राथमिक उपचार के बाद बच्चों को मनीमाजरा सिविल अस्पताल से जीएमसीएच-32 रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार बच्चे खतरे से बाहर हैं। हालांकि राहुल की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, लोगों ने प्रशासन से जर्जर मकानों की जांच, सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
मनीमाजरा फायर ऑफिसर जेएस मुलतानी ने कहा कि उन्होंने मकान की हालात जांच कर मकान मालिक को ऐसे मकान किराये पर न देने के के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि मकान मालिक राम सरूप ने बयान में कहा कि वह काफी समय से इस परिवार को मकान को खाली करने के लिए बोल रहे थे। दो बच्चे गौरव और सनी का परिवार बिहार का रहने वाला है। उनके पिता सुभाष मंडल बिहार के भागलपुर गए हैं जबकि उनकी मां माला देवी काम पर गई हुई थी। हादसे में घर का सामान मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं, माला देवी का कहना कि उन्होंने मकान मालिक के बेटे को कई बार मकान को ठीक करवाने के लिए कहा था।
Trending Videos
बारिश और तेज हवा में पड़ोस के मकान की दीवार मकान नंबर-97 में की छत पर गिरी। इससे पुरानी छत गिर गई। हादसे के समय घर के अंदर गौरव (8), सनी (12) और पड़ोस में रहने वाला दसवीं का छात्र राहुल (17) मौजूद थे। छत गिरते ही तीनों बच्चे मलबे के नीचे दब गए। ये बच्चे कमरे में बैठकर टीवी देख रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत बच्चों को मलबे से निकालकर मनीमाजरा सिविल अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी मनिंदर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम और फायर ऑफिसर गुरमुख सिंह मुल्तानी की अगुवाई में दमकल विभाग मौके पर पहुंचा। इसके अलावा प्रशासन की आपदा राहत टीम नोडिल ऑफिसर संजीव कोहली के नेतृत्व में मौके पर पहुंची थी। बच्चों प्राथमिक उपचार के बाद बच्चों को मनीमाजरा सिविल अस्पताल से जीएमसीएच-32 रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार बच्चे खतरे से बाहर हैं। हालांकि राहुल की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, लोगों ने प्रशासन से जर्जर मकानों की जांच, सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
मनीमाजरा फायर ऑफिसर जेएस मुलतानी ने कहा कि उन्होंने मकान की हालात जांच कर मकान मालिक को ऐसे मकान किराये पर न देने के के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि मकान मालिक राम सरूप ने बयान में कहा कि वह काफी समय से इस परिवार को मकान को खाली करने के लिए बोल रहे थे। दो बच्चे गौरव और सनी का परिवार बिहार का रहने वाला है। उनके पिता सुभाष मंडल बिहार के भागलपुर गए हैं जबकि उनकी मां माला देवी काम पर गई हुई थी। हादसे में घर का सामान मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं, माला देवी का कहना कि उन्होंने मकान मालिक के बेटे को कई बार मकान को ठीक करवाने के लिए कहा था।