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Hindi News ›   Chandigarh ›   Super 30 Founder Anand Kumar Interview on Entry in Polictics, Hrithik Roshan

राजनीति में एंट्री पर खुलकर बोले ‘सुपर 30’ के आनंद कुमार, कहा- कभी नहीं आऊंगा, पढ़ना पढ़ाना है

Sat, 03 Aug 2019 02:05 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Sat, 03 Aug 2019 02:05 PM IST
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Super 30 Founder Anand Kumar Interview on Entry in Polictics, Hrithik Roshan
‘सुपर 30’ के आनंद कुमार - फोटो : अमर उजाला
‘सुपर 30’ के संस्थापक आनंद कुमार से राजनीति में एंट्री करने पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने बेबाकी से जवाब देते हुए साफ इंकार कर दिया। आनंद शुक्रवार को पंजाब यूनिवर्सिटी में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। बातचीत के दौरान आनंद कुमार ने बताया कि मेरा काम सिर्फ बच्चों को पढ़ाना और खुद पढ़ना है, मैं कभी राजनीति में नहीं जाऊंगा। राजनीति में युवाओं की भागीदारी बढ़ रही है, यह देखकर खुशी मिलती है। हर क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी बढ़नी चाहिए, तभी नए प्रयोग संभव है।
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आनंद कुमार ने बताया कि फिल्म सुपर 30 की वजह से उन्होंने बच्चों को पढ़ाने से कुछ दिन की छुट्टी ली हुई है। 10 दिन के बाद से फिर वही पुरानी जिंदगी शुरू हो जाएगी। फिल्म के बाद लोगों की उम्मीदें उनसे बढ़ गई हैं। अब लोग अपने छोटे बच्चों को लेकर भी आ रहे हैं, लेकिन मजबूरी है कि सुपर 30 में सिर्फ 10वीं के बाद वाले स्टूडेंट्स को ही लिया जाता है। अब लोग विभाग में हो रहे अत्याचारों की बात लेकर भी पहुंच रहे हैं।
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आनंद ने अभिनेता ऋतिक रोशन का जिक्र करते हुए कहा कि जब वह ऋतिक से मिले, तभी उन्हें भरोसा हो गया कि वो बहुत ही अच्छा करेंगे। लेकिन जब फिल्म रिलीज हुई तब दिखा कि उन्होंने उम्मीद से कई गुना ज्यादा अच्छा किया है। आनंद ने बताया कि ऋतिक से कई मीटिंग की। फिल्म की टीम ने दिनचर्या का करीब 150 घंटे का वीडियो बनाया, जिसे ऋतिक रात दिन देखते थे।
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सुपर 30 के बाद अब स्कूल खोलने की तैयारी में आनंद

आनंद कुमार ने बताया कि अब वह सुपर 30 के विस्तार की योजना बना रहे हैं। आने वाले दिनों में वह एक स्कूल शुरू करने की प्लानिंग कर रहे हैं, जिसमें 6वीं से 12वीं तक के स्टूडेंट्स को पढ़ाया जाएगा। स्कूल की खासियत यह होगी कि स्टूडेंट्स को स्कूल में बनाए हॉस्टल में ही रहना होगा, ताकि पूरी तरह से उन्हें तैयार किया जा सके। स्कूल में स्टूडेंट्स को सिर्फ इंजीनियरिंग के लिए ही नहीं, बल्कि मेडिकल, बिजनेसमैन, लेखक आदि के लिए भी तैयार किया जाएगा।

आनंद बोले- शिक्षा का हो रहा व्यवसायीकरण
आनंद कुमार ने कहा कि आज के समय में एजुकेशन के दो लेवल हैं। अमीर एजुकेशन को खरीद रहे हैं, जिसकी वजह से प्रतियोगिता बढ़ रही है। सरकारी स्कूलों की हालत काफी खस्ता है, जिसकी वजह से गरीब स्टूडेंट को समान मौका नहीं मिल पा रहा। शिक्षा का व्यवसायीकरण हो गया है। प्राइवेट कंपनियां शिक्षा के क्षेत्र में नई तकनीकों का इस्तेमाल कर रही हैं और इसकी एवज में लाखों करोड़ों का बिजनेस चल रहा है। अगर सरकारी स्कूलों में शिक्षक और शिक्षा अच्छी हो जाए तो देश के एजुकेशन सिस्टम में बड़ा बदलाव आ जाएगा।

आनंद ने दिए सफलता के मंत्र
आनंद कुमार पीयू के फिजिक्स डिपार्टमेंट में एबीवीपी के कार्यक्रम ‘स्वयंसिद्धा’ में स्टूडेंट्स से भी मिले और उन्हें सफलता के मंत्र दिए। उन्होंने उदाहरण दिया कि दृढ़ संकल्प और उत्साही लोग अपने सपनों को कैसे सच करते हैं। उन्होंने छात्रों को यथासंभव मेहनत करते रहने के लिए प्रेरित किया। आनंद कुमार के द्वारा इस मौके पर स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर व एप डेवलपिंग क्षेत्र में राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले छात्रों को सम्मानित किया गया।
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