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Chandigarh-Haryana News: यूके में 99% भारतीय निर्यात पर शून्य शुल्क, हरियाणा को सीधा फायदा
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सीएम बोले- हरियाणा के विनिर्माण, कृषि, ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल और सेवा क्षेत्रों को मिलेगा लाभ
समझौता लागू होने के दिन 15 जुलाई को हरियाणा से यूके के लिए फास्टनर्स की पहली निर्यात खेप भेजी गई
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। भारत-यूनाइटेड किंगडम व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) से हरियाणा के उद्योगों, एमएसएमई, किसानों, निर्यातकों और सेवा क्षेत्र के लिए यूके के बाजार में नए अवसर खुलेंगे। 15 जुलाई 2026 से लागू इस समझौते के तहत भारत के करीब 99 प्रतिशत निर्यात को यूके में शुल्क मुक्त बाजार मिलेगा। यह करीब 100 प्रतिशत व्यापार मूल्य को कवर करता है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जारी एक बयान में बताया कि यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे हरियाणा के विनिर्माण, कृषि, ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल और सेवा क्षेत्रों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
सीएम के मुताबिक समझौते से पहले कई भारतीय उत्पादों पर यूके में 4 से 70 प्रतिशत तक शुल्क लगता था। अब इन उत्पादों को शून्य शुल्क की सुविधा मिलने से उनकी कीमत कम और प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। पानीपत का टेक्सटाइल व होम फर्निशिंग, गुरुग्राम-मानेसर का ऑटोमोबाइल व ऑटो-पार्ट्स और फरीदाबाद के इंजीनियरिंग उद्योग इसका लाभ उठा सकते हैं। समझौता लागू होने के दिन 15 जुलाई को हरियाणा से यूके के लिए फास्टनर्स की पहली निर्यात खेप रवाना हुई। इसे राज्य के विनिर्माण और निर्यात क्षेत्र के लिए नए अवसर की शुरुआत माना जा रहा है। टेक्सटाइल, परिधान, चमड़ा, फुटवियर, रसायन, मशीनरी, फार्मास्यूटिकल्स, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प और सिरेमिक जैसे क्षेत्रों को भी फायदा होगा। इससे एमएसएमई, कारीगरों और महिला उद्यमियों को नए ऑर्डर व रोजगार के अवसर मिल सकते हैं।
किसानों से लेकर आईटी कंपनियों तक फायदा
कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए भी यूके का बाजार महत्वपूर्ण है। फल-सब्जियों, प्रसंस्कृत खाद्य और कृषि आधारित मूल्यवर्धित उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा मिल सकता है। वहीं भारतीय सेवाओं के लिए यूके में 137 उप-क्षेत्रों में बाजार पहुंच मिली है। इससे गुरुग्राम के आईटी, बीपीओ, वित्तीय, परामर्श और डिजिटल सेवा क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय कारोबार बढ़ाने का अवसर मिलेगा। आर्किटेक्ट, इंजीनियर, शेफ, योग प्रशिक्षक और संगीतकार जैसे पेशेवरों के लिए भी नए अवसर बनेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीईटीए (कॉम्प्रहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट) हरियाणा को वैश्विक बाजार से जोड़ने के साथ निवेश, रोजगार और निर्यात को नई गति देने वाला समझौता साबित होगा।
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समझौता लागू होने के दिन 15 जुलाई को हरियाणा से यूके के लिए फास्टनर्स की पहली निर्यात खेप भेजी गई
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। भारत-यूनाइटेड किंगडम व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) से हरियाणा के उद्योगों, एमएसएमई, किसानों, निर्यातकों और सेवा क्षेत्र के लिए यूके के बाजार में नए अवसर खुलेंगे। 15 जुलाई 2026 से लागू इस समझौते के तहत भारत के करीब 99 प्रतिशत निर्यात को यूके में शुल्क मुक्त बाजार मिलेगा। यह करीब 100 प्रतिशत व्यापार मूल्य को कवर करता है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जारी एक बयान में बताया कि यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे हरियाणा के विनिर्माण, कृषि, ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल और सेवा क्षेत्रों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
सीएम के मुताबिक समझौते से पहले कई भारतीय उत्पादों पर यूके में 4 से 70 प्रतिशत तक शुल्क लगता था। अब इन उत्पादों को शून्य शुल्क की सुविधा मिलने से उनकी कीमत कम और प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। पानीपत का टेक्सटाइल व होम फर्निशिंग, गुरुग्राम-मानेसर का ऑटोमोबाइल व ऑटो-पार्ट्स और फरीदाबाद के इंजीनियरिंग उद्योग इसका लाभ उठा सकते हैं। समझौता लागू होने के दिन 15 जुलाई को हरियाणा से यूके के लिए फास्टनर्स की पहली निर्यात खेप रवाना हुई। इसे राज्य के विनिर्माण और निर्यात क्षेत्र के लिए नए अवसर की शुरुआत माना जा रहा है। टेक्सटाइल, परिधान, चमड़ा, फुटवियर, रसायन, मशीनरी, फार्मास्यूटिकल्स, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प और सिरेमिक जैसे क्षेत्रों को भी फायदा होगा। इससे एमएसएमई, कारीगरों और महिला उद्यमियों को नए ऑर्डर व रोजगार के अवसर मिल सकते हैं।
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किसानों से लेकर आईटी कंपनियों तक फायदा
कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए भी यूके का बाजार महत्वपूर्ण है। फल-सब्जियों, प्रसंस्कृत खाद्य और कृषि आधारित मूल्यवर्धित उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा मिल सकता है। वहीं भारतीय सेवाओं के लिए यूके में 137 उप-क्षेत्रों में बाजार पहुंच मिली है। इससे गुरुग्राम के आईटी, बीपीओ, वित्तीय, परामर्श और डिजिटल सेवा क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय कारोबार बढ़ाने का अवसर मिलेगा। आर्किटेक्ट, इंजीनियर, शेफ, योग प्रशिक्षक और संगीतकार जैसे पेशेवरों के लिए भी नए अवसर बनेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीईटीए (कॉम्प्रहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट) हरियाणा को वैश्विक बाजार से जोड़ने के साथ निवेश, रोजगार और निर्यात को नई गति देने वाला समझौता साबित होगा।
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