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डेटिंग एप का खेल: ऑनलाइन ग्रूमिंग के जाल में फंसाकर कर रहे पुलिस के हवाले, डिपोर्ट करने की तैयारी

Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 10 Jan 2026 08:28 PM IST
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The dating app game: Luring victims into online grooming traps and then handing them over to the police, preparing for deportation.
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-विदेशी जमीन पर भारतीय छात्रों के लिए बढ़ा खतरा
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कंवरपाल
लुधियाना। विदेश में अध्ययनरत भारतीय छात्रों के लिए हाल के महीनों में गंभीर खतरा बढ़ गया है। इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में कुछ स्थानीय समाजसेवी संगठन ऑनलाइन ग्रूमिंग के नाम पर छात्रों को फंसाकर पुलिस के हवाले कर डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं।
ये संगठन सोशल मीडिया और डेटिंग एप्स पर आकर्षक फर्जी प्रोफाइल बनाकर छात्रों से संपर्क करते हैं, भावनात्मक जुड़ाव बनाने के बाद उन्हें पकड़कर वीडियो रिकॉर्ड कर सार्वजनिक कर देते हैं और फिर पुलिस को सौंप देते हैं। 8 जनवरी को इंग्लैंड के कोवेंट्री में भारतीय छात्र गुरित जितेश को इसी जाल में फंसाया गया। तीन महीने पहले स्टडी वीजा पर इंग्लैंड आए गुरित का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें वह निर्दोष होने की बात कहते और माफी की गुहार लगाते दिखाई दिए। बताया जा रहा है कि गुरित का स्टूडेंट वीजा दिसंबर 2027 तक वैध था लेकिन गिरफ्तारी के बाद उस पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर ट्रायल और डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गिरफ्तार होने के बाद उनके स्टूडेंट वीजा के बावजूद ट्रायल और डिपोर्टेशन प्रक्रिया शुरू कर दी गई। विदेशों में पढ़ाई कर रहे हजारों भारतीय छात्रों के लिए यह मुहिम डर और असमंजस का माहौल बना रही है।
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कैसे बिछाया जा रहा है जाल
संगठन डेटिंग एप्स पर 18+ उम्र की प्रोफाइल बनाकर छात्रों को लुभाते हैं। चैटिंग के दौरान नाबालिग होने का दावा कर बातचीत को कई महीनों तक जारी रखते हैं और फिर तय स्थान पर पकड़ लेते हैं। वीडियो रिकॉर्ड कर सार्वजनिक करने के बाद पुलिस को सौंपा जाता है। 100 से अधिक मामलों के अध्ययन में पाया गया कि 90 प्रतिशत से अधिक भारतीय और पाकिस्तानी छात्र फंसाए गए जबकि स्थानीय निवासियों की संख्या 10 प्रतिशत से कम रही। इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में रहने वाले भारतीयों ने इसे शर्मिंदगी और चिंता का विषय बताया।

सतर्क रहने व पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने की अपील
न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में रह रहे स्थायी निवासी प्रभजोत सिंह और ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में बसे मंदीप सिंह ने भी ऐसे मामलों को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए छात्रों से सतर्क रहने और पढ़ाई पर फोकस करने की अपील की है। लिवरपूल, मैनचेस्टर और कैम्ब्रिज में भारतीय मूल के लोग छात्रों से सतर्क रहने और पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने की अपील कर रहे हैं। न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में भी समुदाय ने छात्रों को जागरूक रहने की सलाह दी है। भारत सरकार ने फिलहाल इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार किया है, इसे दो व्यक्तियों के निजी विवाद के रूप में बताया है।
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