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Chandigarh News: मुख्य आरोपी जमानत पर रिहा होने के बाद फरार
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चंडीगढ़। सात साल पुराने किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट की मुख्य आरोपी एबम देवी जमानत पर रिहा होने के बाद फरार हो गई है। 17 अप्रैल को जिला अदालत में पेश न होने पर अदालत ने उसकी जमानत रद करते हुए गैर जमानती वारंट जारी कर दिए। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी है।
मामला वर्ष 2019 में सामने आया था, जब पीजीआई में किडनी ट्रांसप्लांट के नाम पर चल रहे रैकेट का भंडाफोड़ हुआ था। जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह गरीब और जरूरतमंद लोगों को बहला-फुसलाकर उनसे किडनी डोनेट करवाता और बदले में मोटी रकम वसूलता था। देश के दूर-दराज इलाकों से डोनर लाकर अवैध नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने मणिपुर निवासी एबम देवी को गिरफ्तार किया था जबकि अन्य आरोपी भाग गए थे।
जांच में सामने आया कि एबम ने खुद करीब ढाई लाख रुपये में किडनी डोनेट की थी और बाद में गिरोह से जुड़ गई। आरोप है कि उसने मणिपुर की एक महिला को नौकरी का झांसा देकर चंडीगढ़ बुलाया और उसकी किडनी मणिपुर निवासी बिमल को ट्रांसप्लांट करने की साजिश रची। इसके लिए फर्जी आधार कार्ड बनाए गए थे। गिरोह का सरगना ट्रांसप्लांट के लिए दो लाख रुपये एडवांस और ऑपरेशन के बाद ढाई लाख रुपये मांगता था। संवाद
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मामला वर्ष 2019 में सामने आया था, जब पीजीआई में किडनी ट्रांसप्लांट के नाम पर चल रहे रैकेट का भंडाफोड़ हुआ था। जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह गरीब और जरूरतमंद लोगों को बहला-फुसलाकर उनसे किडनी डोनेट करवाता और बदले में मोटी रकम वसूलता था। देश के दूर-दराज इलाकों से डोनर लाकर अवैध नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने मणिपुर निवासी एबम देवी को गिरफ्तार किया था जबकि अन्य आरोपी भाग गए थे।
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जांच में सामने आया कि एबम ने खुद करीब ढाई लाख रुपये में किडनी डोनेट की थी और बाद में गिरोह से जुड़ गई। आरोप है कि उसने मणिपुर की एक महिला को नौकरी का झांसा देकर चंडीगढ़ बुलाया और उसकी किडनी मणिपुर निवासी बिमल को ट्रांसप्लांट करने की साजिश रची। इसके लिए फर्जी आधार कार्ड बनाए गए थे। गिरोह का सरगना ट्रांसप्लांट के लिए दो लाख रुपये एडवांस और ऑपरेशन के बाद ढाई लाख रुपये मांगता था। संवाद

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