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Chandigarh News: पहाड़ी सड़कों पर सैलानियों की रफ्तार पड़ रही दोपहिया सवार पर भारी
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इलाके की पहाड़ी सड़कों पर बढ़ते सड़क हादसे स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। तेज रफ्तार से दौड़ते सैलानियों के वाहन अब स्थानीय लोगों की सुरक्षा पर भारी पड़ने लगे हैं। बीते कुछ समय में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें दोपहिया वाहन चालकों को टक्कर मारने के बाद आरोपी वाहन चालक मौके से फरार हो गए। हाल ही में पेंट का काम करने वाले युवक नदीम खान और करीब 15 दिन पहले राजमिस्त्री का काम करने वाले विनोद कुमार उर्फ हनुमान के साथ हुए हादसों ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दोनों ही मामलों में बाइक सवारों की बाजू में फ्रैक्चर हुआ। नदीम खान को राजस्थान नंबर की गाड़ी ने टक्कर मारी थी, जबकि हनुमान को टक्कर मारने वाले अज्ञात वाहन का पता नहीं चल पाया।
नदीम खान के अनुसार, वह मांधना गांव से अपने घर मोरनी लौट रहे थे, तभी खेड़ा बागड़ा गांव के पास तेज रफ्तार वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। जिनसे उन्हें दोनों बाजुओं में गंभीर चोट आई है। वहीं, ठेकेदार हनुमान के साथ भी इसी प्रकार की घटना हुई। दोनों मामलों में टक्कर के बाद वाहन चालकों के मौके से भाग निकल जाने की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए राजस्थान नंबर की गाड़ी को पकड़ लिया था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्र में सड़कें घुमावदार और कई स्थानों पर संकरी हैं। ऐसे में तेज रफ्तार, लापरवाही से ओवरटेक करना और यातायात नियमों की अनदेखी गंभीर हादसों का कारण बन सकती है। इसके अलावा कई वाहन ओवरस्पीड के चलते खाई में गिरने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।
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सड़क हादसे रोकने के लिए जरूरी हैं ये इंतजाम
मोरनी क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए केवल हादसे के बाद कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पहले से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना जरूरी है। प्रमुख मोड़ों, ढलानों, संकरी सड़कों और दुर्घटना संभावित स्थानों पर गति सीमा के बोर्ड, चेतावनी संकेत, रिफ्लेक्टर और दिशा सूचक बोर्ड लगाए जाने चाहिए। जरूरत के अनुसार क्रैश बैरियर, मजबूत सड़क किनारे सुरक्षा रेलिंग, रात में दिखाई देने वाले संकेतक और सड़क पर सफेद-पीली पट्टियां भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
इसके साथ ही हिट एंड रन की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे, वाहनों की पहचान में मददगार व्यवस्था और आपातकालीन सहायता नंबरों का प्रचार भी उपयोगी हो सकता है।
लोगों ने उठाई सड़क सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग
पंचपाल शर्मा, प्रधान सरपंच एसोसिएशन मोरनी: पहाड़ी सड़कों पर तेज रफ्तार हादसों का कारण बन रही है। जरूरी स्थानों पर स्पीड ब्रेकर और हाई क्वालिटी कैमरे लगवाए जाएं। स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए प्रशासन को जल्द ठोस कदम उठाने चाहिए।
रोमा देवी, जिला परिषद वार्ड-5 मोरनी: दुर्घटना संभावित स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। संकरी और घुमावदार सड़कों पर वाहन चालकों को गति सीमा का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
मोहित परमार, प्रधान युवा संगठन: ओवरस्पीड पर लगाम लगाने के लिए प्रमुख स्थानों पर हाई क्वालिटी कैमरे लगाए जाएं और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई हो। युवाओं और स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए पुलिस को नियमित निगरानी बढ़ानी चाहिए।
सुषमा शर्मा सरपंच टिक्कर पंचायत: लगातार हो रहे हादसे चिंता का विषय हैं। संवेदनशील स्थानों पर स्पीड ब्रेकर बनवाकर और यातायात नियमों की सख्ती से पालना करवाकर हादसों पर अंकुश लगाया जाए। सैलानियों को भी जिम्मेदारी से वाहन चलाते हुए स्थानीय लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मोरनी पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जहां सप्ताहांत और छुट्टियों के दौरान बाहरी वाहनों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में पर्यटन गतिविधियों के साथ सड़क सुरक्षा को भी प्राथमिकता देनी होगी। संबंधित विभागों और पुलिस को मिलकर दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान करनी चाहिए तथा वहां आवश्यक संकेतक, सुरक्षा रेलिंग, गति नियंत्रण और निगरानी के इंतजाम करने चाहिए, ताकि स्थानीय लोगों और सैलानियों दोनों का सफर सुरक्षित बन सके।
असामाजिक तत्वों और हुड़दंग करने वालों पर पूरी नकल कस दी गई है।वाहनों की नाका लगाकर जांच भी की जा रही है। कुछ पॉइंट हैं जहां पर सूचना बोर्ड लगाए जाने जरूरी हैं। मोरनी चौंकी प्रभारी जगदीश चंद।
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नदीम खान के अनुसार, वह मांधना गांव से अपने घर मोरनी लौट रहे थे, तभी खेड़ा बागड़ा गांव के पास तेज रफ्तार वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। जिनसे उन्हें दोनों बाजुओं में गंभीर चोट आई है। वहीं, ठेकेदार हनुमान के साथ भी इसी प्रकार की घटना हुई। दोनों मामलों में टक्कर के बाद वाहन चालकों के मौके से भाग निकल जाने की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए राजस्थान नंबर की गाड़ी को पकड़ लिया था।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्र में सड़कें घुमावदार और कई स्थानों पर संकरी हैं। ऐसे में तेज रफ्तार, लापरवाही से ओवरटेक करना और यातायात नियमों की अनदेखी गंभीर हादसों का कारण बन सकती है। इसके अलावा कई वाहन ओवरस्पीड के चलते खाई में गिरने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।
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सड़क हादसे रोकने के लिए जरूरी हैं ये इंतजाम
मोरनी क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए केवल हादसे के बाद कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पहले से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना जरूरी है। प्रमुख मोड़ों, ढलानों, संकरी सड़कों और दुर्घटना संभावित स्थानों पर गति सीमा के बोर्ड, चेतावनी संकेत, रिफ्लेक्टर और दिशा सूचक बोर्ड लगाए जाने चाहिए। जरूरत के अनुसार क्रैश बैरियर, मजबूत सड़क किनारे सुरक्षा रेलिंग, रात में दिखाई देने वाले संकेतक और सड़क पर सफेद-पीली पट्टियां भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
इसके साथ ही हिट एंड रन की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे, वाहनों की पहचान में मददगार व्यवस्था और आपातकालीन सहायता नंबरों का प्रचार भी उपयोगी हो सकता है।
लोगों ने उठाई सड़क सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग
पंचपाल शर्मा, प्रधान सरपंच एसोसिएशन मोरनी: पहाड़ी सड़कों पर तेज रफ्तार हादसों का कारण बन रही है। जरूरी स्थानों पर स्पीड ब्रेकर और हाई क्वालिटी कैमरे लगवाए जाएं। स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए प्रशासन को जल्द ठोस कदम उठाने चाहिए।
रोमा देवी, जिला परिषद वार्ड-5 मोरनी: दुर्घटना संभावित स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। संकरी और घुमावदार सड़कों पर वाहन चालकों को गति सीमा का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
मोहित परमार, प्रधान युवा संगठन: ओवरस्पीड पर लगाम लगाने के लिए प्रमुख स्थानों पर हाई क्वालिटी कैमरे लगाए जाएं और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई हो। युवाओं और स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए पुलिस को नियमित निगरानी बढ़ानी चाहिए।
सुषमा शर्मा सरपंच टिक्कर पंचायत: लगातार हो रहे हादसे चिंता का विषय हैं। संवेदनशील स्थानों पर स्पीड ब्रेकर बनवाकर और यातायात नियमों की सख्ती से पालना करवाकर हादसों पर अंकुश लगाया जाए। सैलानियों को भी जिम्मेदारी से वाहन चलाते हुए स्थानीय लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मोरनी पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जहां सप्ताहांत और छुट्टियों के दौरान बाहरी वाहनों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में पर्यटन गतिविधियों के साथ सड़क सुरक्षा को भी प्राथमिकता देनी होगी। संबंधित विभागों और पुलिस को मिलकर दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान करनी चाहिए तथा वहां आवश्यक संकेतक, सुरक्षा रेलिंग, गति नियंत्रण और निगरानी के इंतजाम करने चाहिए, ताकि स्थानीय लोगों और सैलानियों दोनों का सफर सुरक्षित बन सके।
असामाजिक तत्वों और हुड़दंग करने वालों पर पूरी नकल कस दी गई है।वाहनों की नाका लगाकर जांच भी की जा रही है। कुछ पॉइंट हैं जहां पर सूचना बोर्ड लगाए जाने जरूरी हैं। मोरनी चौंकी प्रभारी जगदीश चंद।