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Chandigarh News: छुट्टी बढ़ाने की मांग ठुकराई तो वरिष्ठ प्रोफेसर ने दिया इस्तीफा, कैट से मिली राहत

Sun, 25 Oct 2026 01:48 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 25 Oct 2026 01:48 AM IST
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Senior professor resigns after request for leave extension is rejected; gets relief from CAT
चंडीगढ़। ऑस्ट्रेलिया में फेलोशिप के लिए छह महीने की अतिरिक्त छुट्टी नहीं मिलने पर पीजीआई चंडीगढ़ के मनोरोग विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. ग्रोवर ने इस्तीफा दे दिया था। संस्थान प्रशासन ने उनका इस्तीफा स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इसके बाद मामला केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) पहुंचा। न्यायाधिकरण ने पीजीआई प्रशासन के इस्तीफा खारिज करने संबंधी आदेश को रद्द कर दिया है। साथ ही संस्थान को उनकी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति या इस्तीफे के मामले पर तीन सप्ताह के भीतर दोबारा विचार कर निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, कैट ने सीधे तौर पर इस्तीफा स्वीकार करने या सेवानिवृत्ति देने का आदेश नहीं दिया है।
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दो साल की छुट्टी मांगी, मिली एक साल की मंजूरी
डॉ. ग्रोवर को ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न स्थित रॉयल कॉलेज ऑफ साइकेट्री में फेलोशिप के लिए जाना था। इसके लिए उन्होंने दो साल की एक्स-इंडिया लीव मांगी थी, लेकिन पीजीआई ने केवल एक साल की छुट्टी मंजूर की। छुट्टी बढ़ाने के लिए दोबारा आवेदन भी स्वीकार नहीं हुआ। वह तीन फरवरी 2025 को ऑस्ट्रेलिया चले गए। इसके बाद 25 सितंबर 2025 को उन्होंने तीन फरवरी से दो अगस्त 2026 तक छह महीने की अतिरिक्त छुट्टी मांगी, जिसे प्रशासन ने खारिज कर दिया।
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53 साल की उम्र में मांगी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति
डॉ. ग्रोवर दो फरवरी 2026 को भारत लौटे। इसके बाद उन्होंने तीन महीने का नोटिस देकर स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति या इस्तीफा स्वीकार करने की मांग की। पीजीआई प्रशासन ने फैकल्टी की कमी का हवाला देते हुए उनकी मांग नामंजूर कर दी। इसके बाद उन्होंने कैट में याचिका दायर की। इसमें पीजीआई प्रशासन, प्रेसिडेंट और निदेशक को पक्षकार बनाया गया। डॉ. ग्रोवर की उम्र 53 वर्ष है, जबकि पीजीआई में फैकल्टी की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष है। उन्होंने एक जनवरी 2000 को जूनियर रेजिडेंट के रूप में संस्थान में काम शुरू किया था और 12 मई 2017 को प्रोफेसर बने। कैटाटोनिया के उपचार के क्षेत्र में उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान हासिल है।
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