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Chandigarh News: ओटीएस लागू न होने से नाराज व्यापारी, ओटीएस लागू करने की मांग तेज
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चंडीगढ़। जीएसटी लागू हुए आठ साल बीत चुके हैं लेकिन शहर के कारोबारियों को अब भी पुराने वैट नोटिसों से राहत नहीं मिल पाई है। वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना लागू करने की मांग लंबे समय से उठ रही है, मगर अब तक कोई ठोस फैसला नहीं हो पाया है। इससे व्यापारी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। अब कारोबारी दोबारा प्रशासक गुलाबचंद कटारिया से मिलने की तैयारी कर रहे हैं।
व्यापारियों का कहना है कि बार-बार आ रहे वैट नोटिसों से उनका कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। जानकारी के अनुसार अब तक शहर के 5000 से अधिक व्यापारियों को नोटिस भेजे जा चुके हैं। इन नोटिसों में कुल मांग 4 से 5 हजार करोड़ रुपये के बीच बताई जा रही है। कई मामलों में भुगतान न होने पर प्रशासन ने कुछ कारोबारियों के बैंक खाते भी सील कर दिए हैं, जिससे व्यापारिक समुदाय में भारी नाराजगी है।
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कारोबारी के साथ सरकार को भी होगा फायदा
व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजीव चड्ढा ने कहा कि ओटीएस लागू होने से सरकार और व्यापारियों दोनों को फायदा होगा। अभी नोटिसों के डर से कई व्यापारी भुगतान नहीं कर पा रहे हैं, लेकिन एकमुश्त समाधान मिलने पर वे राशि जमा करने को तैयार हैं, जिससे सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि प्रशासक से मिलने के लिए अगले सप्ताह समय मांगा गया है और अन्य व्यापारिक मुद्दे भी उठाए जाएंगे। चंडीगढ़ व्यापार मंडल के चेयरमैन चरणजीव सिंह ने कहा कि ज्यादातर नोटिस गलत तरीके से भेजे गए हैं और व्यापारी बेवजह परेशान हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर वे जल्द ही प्रशासक से मिलेंगे और वैट विवाद खत्म करने के लिए ओटीएस योजना लागू करने की मांग रखेंगे।
जुलाई 2017 में लागू हुआ था जीएसटी
कारोबारियों का कहना है कि नगर निगम सदन में आए प्रशासक ने पहले कहा था कि वैट नोटिसों के निस्तारण के लिए योजना लाने का प्रयास किया जाएगा, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इसी वजह से व्यापारियों में निराशा बढ़ रही है। 1 जुलाई 2017 को जीएसटी लागू होने के साथ ही वैट व्यवस्था खत्म कर दी गई थी लेकिन आठ साल बाद भी पुराने मामलों के नोटिस व्यापारियों के लिए बड़ी परेशानी बने हुए हैं।