सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Trident Approaches High Court Against PPCB Action Notice Issued to Punjab Government

Highcourt: पीपीसीबी की कार्रवाई के खिलाफ ट्राईडेंट पहुंची हाईकोर्ट, 4 तक मिली राहत; पंजाब सरकार को नोटिस

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Sat, 02 May 2026 08:45 AM IST
विज्ञापन
सार

हाईकोर्ट ने याचिका पर पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया है और इस दौरान पीपीसीबी ने कोर्ट को विश्वास दिलाया है कि 4 मई तक कंपनी के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

Trident Approaches High Court Against PPCB Action Notice Issued to Punjab Government
राजिंदर गुप्ता - फोटो : फाइल
विज्ञापन

विस्तार

देश के प्रमुख औद्योगिक समूहों में शामिल राज्य सभा सांसद राजेंद्र गुप्ता की कंपनी ट्राईडेंट ग्रुप ने शुक्रवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में आरोप लगाया गया कि गुप्ता के राजनीतिक पाला बदलने के तुरंत बाद पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) ने बदले की भावना से फैक्टरी पर असामान्य कार्रवाई शुरू कर दी।
Trending Videos


हाईकोर्ट ने याचिका पर पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया है और इस दौरान पीपीसीबी ने कोर्ट को विश्वास दिलाया है कि 4 मई तक कंपनी के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। कंपनी ने अदालत को बताया कि 1990 में स्थापित यह उद्योग समूह पूरी तरह सूचीबद्ध, लगभग 15 हजार कर्मचारियों वाला और सभी पर्यावरणीय मानकों का पालन करने वाला प्रतिष्ठान है।
विज्ञापन
विज्ञापन


याचिका में कहा गया कि संस्थापक राजिंदर गुप्ता अब सक्रिय प्रबंधन से अलग हैं और चेयरमैन एमेरिटस की भूमिका में हैं। उन्होंने 24 अप्रैल को अपना राजनीतिक दल बदल लिया। इसके तुरंत बाद कंपनी प्रबंधन, प्रमुख अधिकारियों और कर्मचारियों को कथित धमकियां मिलने लगीं। कंपनी ने 25 अप्रैल को केंद्र सरकार के गृह सचिव को सुरक्षा की मांग संबंधी पत्र भी भेजा था।

आरोप लगाया गया कि वीरवार रात लगभग 7:30 बजे पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की लगभग 30 सदस्यीय टीम ने फैक्टरी परिसर में पहुंचकर छापा मारने की शैली में कार्रवाई की। कर्मचारियों की आवाजाही सीमित की और नमूना संग्रह की वैधानिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया। कंपनी का दावा रहा कि नियमों के तहत लिए गए नमूनों में से एक प्रति उद्योग को देना अनिवार्य था लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की कि ताजा नमूने किसी केंद्रीय एजेंसी से पंजाब से बाहर जांचे जाएं क्योंकि उसे राज्य तंत्र पर भरोसा नहीं है। दूसरी ओर, पीपीसीबी की ओर से अदालत को स्पष्ट किया कि यह केवल नियमित निरीक्षण था, फिलहाल किसी प्रकार की दंडात्मक या जबरन बंदी कार्रवाई प्रस्तावित नहीं है और याचिका आशंकाओं पर आधारित है। सुनवाई के दौरान अदालत ने संकेत दिया कि यदि उद्योग की आशंकाएं तथ्यों से पुष्ट हुईं, तो प्रक्रिया और प्रशासनिक निष्पक्षता दोनों न्यायिक जांच के दायरे में आएंगे।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed