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पाक को चेताया: ऑपरेशन सिंदूर में कितनी घातक थी वेस्टर्न कमांड की भूमिका? रिटायरमेंट पर कमांडर कटियार का खुलासा
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
Published by: Ankesh Kumar
Updated Tue, 31 Mar 2026 08:35 PM IST
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सार
वेस्टर्न कमांड के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार मंगलवार को रिटायर हो गए। ऑपरेशन सिंदूर के अनुभवों को याद करते हुए कमांडर कटियार बताते हैं कि ऑपरेशन सिंदूर का लक्ष्य तो हमने पीओके में आतंकियों के अड्डों को नेस्तनाबूत कर आधे घंटे में ही हासिल कर लिया था।
कमांडर कटियार को पुस्तक भेंट की गई।
- फोटो : सेना
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विस्तार
ऑपरेशन सिंदूर में पश्चिमी सीमाओं पर तैनात वेस्टर्न कमांड की भूमिका दुश्मन के खिलाफ बेहद घातक रही थी। इस अभियान के दौरान भारतीय सेना द्वारा दिए गए जख्मों को शायद ही पाकिस्तान कभी भूल पाएगा। इस ऑपरेशन के दौरान वेस्टर्न कमांड के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने अपनी कुशल टीम के साथ दुश्मन को नाको तले चने चबाने के लिए मजबूर कर दिया था।
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ऑपरेशन सिंदूर के अनुभवों को याद करते हुए कमांडर कटियार बताते हैं कि ऑपरेशन सिंदूर का लक्ष्य तो हमने पीओके में आतंकियों के अड्डों को नेस्तनाबूत कर आधे घंटे में ही हासिल कर लिया था। उसके बाद भारतीय सेना के डीजीएमओ (डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशन) ने पाकिस्तान के डीजीएमओ को संदेश देकर बातचीत करने के लिए कहा था, लेकिन पाकिस्तान ने बातचीत के लिए साफ इन्कार कर दिया था। इतना ही नहीं पाकिस्तानी सेना ने अचानक हमारे सैन्य अड्डों को निशाना बनाना शुरू कर दिया था। मजबूरन भारतीय सेनाओं ने 88 घंटे की कार्रवाई के दौरान पाकिस्तान के भीतर उनके कई सैन्य व वायु सेना अड्डों को तबाह कर डाला था।
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भारतीय सेना की इस तबाही से घबराकर पाकिस्तान ने भारत से सीजफायर करवाने के लिए कई देशों में अपने आकाओं से भी संपर्क किया था। अंतत: पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारत के डीजीएमओ से सीजफायर के लिए आग्रह किया और तब जाकर भारत सरकार ने विचार-विमर्श के बाद सीजफायर का एलान किया था। कुछ दिन पहले मामून छावनी में कमांडर कटियार ने पाकिस्तानियों को चेताते हुए कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद भी भारतीय सेना की तैयारी अभी जारी है और अबकी बार पहले से भारी है।
इसी तरह के कई अनुभव लेकर कमांडर कटियार 31 मार्च को सेवानिवृत हो गए। इस दौरान उन्होंने वीर स्मृति स्मारक पर शहीदों को नमन भी किया। सेना के साथ-साथ एयरफोर्स व बीएसएफ के अधिकारी उनके विदाई समारोह में मौजूद रहे। इस दौरान कमांडर कटियार को ऑपरेशन सिंदूर में वेस्टर्न कमांड की भूमिका पर आधारित तैयार सचित्र पुस्तिका खासतौर पर भेंट की गई।
कमांडर कटियार का विदाई भाषण
मैं आप सभी से अपने 40 वर्षों की सेवा पूर्ण करने के उपलक्ष्य में, अपनी सेवानिवृत्ति की पूर्व संध्या पर बात कर रहा हूं। पिछले लगभग तीन वर्षों से मैं वेस्टर्न कमांड का जीओसी-इन-सी रहा हूँ। भारतीय सेना की सेवा करना तथा इसकी सबसे प्रतिष्ठित कमान का नेतृत्व करना मेरे लिए अत्यंत सम्मान की बात रही है। वेस्टर्न कमांड ने सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारे फोर्मेशन्स ने अत्यंत उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और इसके पश्चात भी हम किसी भी परिस्थिति के लिए पूर्ण रूप से तैयार हैं। हम अपनी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए सशस्त्र ड्रोन का बड़े पैमाने पर निर्माण कर रहे हैं।
हमारा ध्यान सेवारत सैनिकों, उनके परिवारों तथा पूर्व सैनिकों के लिए सुविधाओं में सुधार पर भी केंद्रित रहा है। आवास, स्कूलों एवं कॉलेजों तथा अस्पतालों को बेहतर बनाने के लिए विशेष जोर दिया जा रहा है। वेस्टर्न कमांड को पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू तथा दिल्ली के नागरिक प्रशासन और स्थानीय जनता से निरंतर पूर्ण समर्थन प्राप्त होता रहा है। इस सहयोग ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान और ऑपरेशन राहत के समय, जब हम बाढ़ राहत कार्य कर रहे थे, हमारी अत्यधिक सहायता की। जब मैं वेस्टर्न कमांड और भारतीय सेना को विदाई दे रहा हूं, तब मैं सभी सैनिकों को राष्ट्र के प्रति उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए धन्यवाद देता हूं। साथ ही मैं बीएसएफ, सीएपीएफ, नागरिक प्रशासन, स्थानीय जनता तथा मीडिया कर्मियों को भी उनके निरंतर सहयोग के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं।