{"_id":"69ccba1d7a804213a90d1d6c","slug":"zirakpur-panchkula-bypass-project-stalled-high-court-stays-felling-of-thousand-trees-2026-04-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीरकपुर-पंचकूला बाईपास परियोजना अटकी: हाईकोर्ट ने पांच हजार से अधिक पेड़ों की कटाई पर लगाई रोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीरकपुर-पंचकूला बाईपास परियोजना अटकी: हाईकोर्ट ने पांच हजार से अधिक पेड़ों की कटाई पर लगाई रोक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Wed, 01 Apr 2026 11:55 AM IST
विज्ञापन
सार
वृक्षों के 100 वर्ष से अधिक पुराने होने की दलील देते हुए याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि यह हाईवे पंजाब से शुरू होकर हरियाणा होते हुए गुजरेगा जिसके चलते करीब 7,000 पेड़ों की कटाई का खतरा है।
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
जीरकपुर-पंचकूला बाईपास परियोजना के लिए हजारों वृक्षों की कटाई पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है।
इस मामले में एक जनहित याचिका दाखिल की गई थी। जिसके बाद हाईकोर्ट ने केंद्र, हरियाणा और पंजाब सरकार सहित एनएचएआई को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था। आज सुनवाई के दाैरान कोर्ट ने पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दी।
मामले में याचिकाकर्ता ने सवाल उठाया था कि जिन पेड़ों की कटाई की जा रही है, उनकी भरपाई के लिए हरियाणा में पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं है। इसके बदले हरियाणा से करीब 300 किलोमीटर दूर फिरोजपुर क्षेत्र में पौधरोपण की योजना बनाई गई है जहां पेड़ों के जीवित रहने की दर भी काफी कम बताई गई है।
याचिका में हाईकोर्ट को बताया गया कि पंचकूला के एक विकसित गोल्फ कोर्स क्षेत्र में लगभग 14,000 पेड़ों की हरियाली मौजूद है, जहां से हाईवे गुजरने की योजना है। इस कारण गोल्फ कोर्स के कई हिस्से निर्माण कार्य में प्रभावित होंगे और करीब 3,000 पेड़ों की कटाई संभावित है। इसके अलावा पंचकूला के सेक्टर-1ए की ग्रीन बेल्ट, जहां वन्यजीवों की मौजूदगी बताई गई, वहां भी लगभग 2,000 पेड़ों के प्रभावित होने की आशंका जताई गई।
याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट के समक्ष गूगल मैप्स और तस्वीरों के जरिए प्रस्तावित मार्ग को दिखाते हुए कहा कि यह प्रोजेक्ट एक बड़े वन क्षेत्र और हरित क्षेत्र को नुकसान पहुंचाएगा जबकि महज 500 मीटर के डायवर्जन से इसे टाला जा सकता है। उन्होंने बताया कि पहले से मौजूद नेशनल हाईवे-7 के जरिए कनेक्टिविटी दी जा सकती है जिससे हजारों पेड़ों को बचाया जा सकता है।
Trending Videos
इस मामले में एक जनहित याचिका दाखिल की गई थी। जिसके बाद हाईकोर्ट ने केंद्र, हरियाणा और पंजाब सरकार सहित एनएचएआई को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था। आज सुनवाई के दाैरान कोर्ट ने पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दी।
मामले में याचिकाकर्ता ने सवाल उठाया था कि जिन पेड़ों की कटाई की जा रही है, उनकी भरपाई के लिए हरियाणा में पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं है। इसके बदले हरियाणा से करीब 300 किलोमीटर दूर फिरोजपुर क्षेत्र में पौधरोपण की योजना बनाई गई है जहां पेड़ों के जीवित रहने की दर भी काफी कम बताई गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
याचिका में हाईकोर्ट को बताया गया कि पंचकूला के एक विकसित गोल्फ कोर्स क्षेत्र में लगभग 14,000 पेड़ों की हरियाली मौजूद है, जहां से हाईवे गुजरने की योजना है। इस कारण गोल्फ कोर्स के कई हिस्से निर्माण कार्य में प्रभावित होंगे और करीब 3,000 पेड़ों की कटाई संभावित है। इसके अलावा पंचकूला के सेक्टर-1ए की ग्रीन बेल्ट, जहां वन्यजीवों की मौजूदगी बताई गई, वहां भी लगभग 2,000 पेड़ों के प्रभावित होने की आशंका जताई गई।
याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट के समक्ष गूगल मैप्स और तस्वीरों के जरिए प्रस्तावित मार्ग को दिखाते हुए कहा कि यह प्रोजेक्ट एक बड़े वन क्षेत्र और हरित क्षेत्र को नुकसान पहुंचाएगा जबकि महज 500 मीटर के डायवर्जन से इसे टाला जा सकता है। उन्होंने बताया कि पहले से मौजूद नेशनल हाईवे-7 के जरिए कनेक्टिविटी दी जा सकती है जिससे हजारों पेड़ों को बचाया जा सकता है।