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तोकापाल: कुष्ठ मुक्त जागरूकता सप्ताह में मिले 64 शंकास्पद मरीज, 2 की पुष्टि होते ही शुरू हुआ इलाज
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Fri, 10 Oct 2025 05:49 PM IST
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सार
तोकापाल विकासखंड ने कुष्ठ मुक्त भारत-2027 के लक्ष्य को साधते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तोकापाल के नेतृत्व में 2 से 8 अक्टूबर तक छत्तीसगढ़ रजत जयंती के अवसर पर कुष्ठ जन-जागरूकता सप्ताह का सफल आयोजन किया गया।
कुष्ठ मुक्त जागरूकता सप्ताह में मिले 64 शंकास्पद मरीज
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जगदलपुर में गांधी जयंती के अवसर पर तोकापाल विकासखंड ने कुष्ठ मुक्त भारत-2027 के लक्ष्य को साधते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तोकापाल के नेतृत्व में 2 से 8 अक्टूबर तक छत्तीसगढ़ रजत जयंती के अवसर पर कुष्ठ जन-जागरूकता सप्ताह का सफल आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुष्ठ मुक्त भारत के लक्ष्य और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के स्वास्थ्य विजन को साकार करने के लिए बस्तर जिले में लगातार प्रयास हो रहे हैं।
सप्ताह की शुरुआत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तोकापाल में विकासखंड को कुष्ठ मुक्त बनाने के संकल्प के साथ हुई। इसके बाद सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और उप-स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाए गए। बड़े पैमाने पर रैलियां निकाली गईं। स्वास्थ्य शिविरों में लोगों की सघन जांच की गई। शपथ समारोह व क्विज प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। विकृति एवं अक्षमता सुधार के लिए जल-तेल उपचार शिविर भी लगाए गए, ताकि यह संदेश दिया जा सके कि कुष्ठ रोग साध्य और उपचार योग्य है। अभियान की बड़ी सफलता – 64 शंकास्पद मरीजों की पहचान
जागरूकता सप्ताह का परिणाम प्रभावी रहा। कुल 64 शंकास्पद कुष्ठ मरीजों की पहचान की गई। सत्यापन के बाद इनमें से 2 मरीजों की पुष्टि हुई, जिन्हें तुरंत उपचार देना शुरू कर दिया गया। शुरुआती चरण में ही यह कार्रवाई कुष्ठ रोग को रोकने में सहायक साबित होगी। इस अभियान में सरपंच, जनप्रतिनिधि, कुष्ठ सहायक शिव नारायण पांडे, पर्यवेक्षक नरसिंह ठाकुर, मोहन कश्यप, अशोक केवर्थ, आदिलक्ष्मी राव, डालिया पॉल, जितेंद्र गोलदार सहित ब्लॉक के स्वास्थ्यकर्मी, मितानिन समन्वयक और मितानिनों की सक्रिय भूमिका रही।
विकासखंड तोकापाल ने कुष्ठ रोगियों के लिए एक दीर्घकालिक योजना बनाई है। पुष्टि हो चुके और आवश्यकता वाले मरीजों को दवा उपचार के साथ-साथ प्रति सोमवार विशेष जल-तेल उपचार शिविर में विकृति एवं अक्षमता सुधार सेवाएं भी दी जा रही हैं। इन शिविरों का लाभ क्षेत्र के अनेक रोगी उठा रहे हैं।
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सप्ताह की शुरुआत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तोकापाल में विकासखंड को कुष्ठ मुक्त बनाने के संकल्प के साथ हुई। इसके बाद सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और उप-स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाए गए। बड़े पैमाने पर रैलियां निकाली गईं। स्वास्थ्य शिविरों में लोगों की सघन जांच की गई। शपथ समारोह व क्विज प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। विकृति एवं अक्षमता सुधार के लिए जल-तेल उपचार शिविर भी लगाए गए, ताकि यह संदेश दिया जा सके कि कुष्ठ रोग साध्य और उपचार योग्य है। अभियान की बड़ी सफलता – 64 शंकास्पद मरीजों की पहचान
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जागरूकता सप्ताह का परिणाम प्रभावी रहा। कुल 64 शंकास्पद कुष्ठ मरीजों की पहचान की गई। सत्यापन के बाद इनमें से 2 मरीजों की पुष्टि हुई, जिन्हें तुरंत उपचार देना शुरू कर दिया गया। शुरुआती चरण में ही यह कार्रवाई कुष्ठ रोग को रोकने में सहायक साबित होगी। इस अभियान में सरपंच, जनप्रतिनिधि, कुष्ठ सहायक शिव नारायण पांडे, पर्यवेक्षक नरसिंह ठाकुर, मोहन कश्यप, अशोक केवर्थ, आदिलक्ष्मी राव, डालिया पॉल, जितेंद्र गोलदार सहित ब्लॉक के स्वास्थ्यकर्मी, मितानिन समन्वयक और मितानिनों की सक्रिय भूमिका रही।
विकासखंड तोकापाल ने कुष्ठ रोगियों के लिए एक दीर्घकालिक योजना बनाई है। पुष्टि हो चुके और आवश्यकता वाले मरीजों को दवा उपचार के साथ-साथ प्रति सोमवार विशेष जल-तेल उपचार शिविर में विकृति एवं अक्षमता सुधार सेवाएं भी दी जा रही हैं। इन शिविरों का लाभ क्षेत्र के अनेक रोगी उठा रहे हैं।