अंबिकापुर में अस्पताल ने ठगा: आयुष्मान कार्ड ब्लॉक बता मरीज के परिजनों से कैश पेमेंट; कार्ड से भी वसूले पैसे
सरगुजा में एक अस्पताल के खिलाफ मरीज के परिजनों से धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। अस्पताल पर आरोप है कि उसने आयुष्मान भारत कार्ड ब्लॉक होने की बात कहकर इलाज के लिए परिजनों से 1 लाख 60 हजार रुपये नकद जमा करा लिए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सरगुजा जिले के अंबिकापुर शहर में गुदरी चौक स्थित लक्ष्मी नारायण हॉस्पिटल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। अस्पताल प्रबंधन पर मरीज के परिजनों से कथित तौर पर धोखाधड़ी करने का आरोप है। कोतवाली पुलिस ने शिकायत के आधार पर बीएनएस की धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, बलरामपुर जिले के गिरवानी निवासी विवेक जायसवाल ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने 17 अप्रैल 2026 को अपने बड़े पिता राजेंद्र प्रसाद जायसवाल को लक्ष्मी नारायण हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। अस्पताल प्रबंधन ने शुरू में उपचार आयुष्मान कार्ड के माध्यम से करने की बात कही थी।
शिकायत के मुताबिक, डॉक्टरों ने मरीज के हृदय की धमनियों में ब्लॉकेज बताकर एंजियोप्लास्टी और तीन स्टेंट लगाने की आवश्यकता बताई। परिजनों से आयुष्मान कार्ड जमा कराया गया, लेकिन बाद में अस्पताल ने कार्ड ब्लॉक होने का हवाला दिया। अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों से इलाज के लिए 1 लाख 60 हजार रुपये नकद जमा करा लिए। मरीज की गंभीर हालत के कारण परिजनों ने दवाइयों सहित यह राशि जमा कर दी।
आयुष्मान कार्ड से भी भुगतान
विवेक जायसवाल का आरोप है कि बाद में आयुष्मान कार्ड की जानकारी निकलवाने पर पता चला। अस्पताल ने उसी मरीज के आयुष्मान कार्ड से भी 1 लाख 50 हजार 460 रुपये का भुगतान प्राप्त कर लिया था। इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विवेक जायसवाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। कोतवाली पुलिस ने लक्ष्मी नारायण हॉस्पिटल प्रबंधन के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।