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CG: नक्सल मुक्त जिलों के भवन विहीन आंगनबाड़ी केंद्रों को मिलेंगे पक्के भवन, 506 भवनों को मिलेगी स्वीकृति
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Tue, 26 May 2026 05:38 PM IST
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सार
छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित और नक्सल मुक्त घोषित जिलों में संचालित भवनविहीन आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए बड़े स्तर पर निर्माण अभियान शुरू किया है।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित और नक्सल मुक्त घोषित जिलों में संचालित भवनविहीन आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए बड़े स्तर पर निर्माण अभियान शुरू किया है। महिला एवं बाल विकास विभाग और महात्मा गांधी नरेगा योजना के अभिसरण से बस्तर संभाग के 506 आंगनबाड़ी केंद्रों को पक्के भवन उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार ने मार्च 2027 तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य तय किया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बच्चों और माताओं के बेहतर भविष्य के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल पोषण वितरण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बच्चों के समग्र विकास, मातृ स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण का आधार हैं। खासतौर पर आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर आंगनबाड़ी व्यवस्था से पोषण, टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच और पूर्व-प्राथमिक शिक्षा को मजबूती मिलेगी।
राज्य सरकार ने बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर और सुकमा जिलों में भवनविहीन आंगनबाड़ी केंद्रों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव स्तर पर हुई समीक्षा बैठक के बाद सभी संबंधित कलेक्टरों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
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सरकार ने भवन निर्माण में “बाला (Building as Learning Aid)” कॉन्सेप्ट को शामिल करने का निर्णय लिया है, ताकि भवन बच्चों के लिए सीखने का माध्यम भी बन सके। इससे आंगनबाड़ी केंद्र आकर्षक और बच्चों के अनुकूल वातावरण तैयार कर सकेंगे। प्रत्येक आंगनबाड़ी भवन के निर्माण पर 11 लाख 69 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से 2 लाख रुपये, महात्मा गांधी नरेगा से 8 लाख रुपये तथा शेष राशि डीएमएफ, सीएसआर और अन्य स्थानीय संसाधनों से उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी सुविधाओं के साथ अब बच्चों और महिलाओं के सामाजिक ढांचे को भी मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बच्चों और माताओं के बेहतर भविष्य के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल पोषण वितरण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बच्चों के समग्र विकास, मातृ स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण का आधार हैं। खासतौर पर आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर आंगनबाड़ी व्यवस्था से पोषण, टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच और पूर्व-प्राथमिक शिक्षा को मजबूती मिलेगी।
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राज्य सरकार ने बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर और सुकमा जिलों में भवनविहीन आंगनबाड़ी केंद्रों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव स्तर पर हुई समीक्षा बैठक के बाद सभी संबंधित कलेक्टरों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
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मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी सुविधाओं के साथ अब बच्चों और महिलाओं के सामाजिक ढांचे को भी मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है।