Bakrid: आसमान छू रहे शाहरूख, सलमान और आमिर के रेट, बकरीद पर इन बकरों की धूम; कई की कीमत पांच लाख तक पहुंची
नोएसेक्टर-9 निवासी शाहबुद्दीन ने बताया कि इस बार बाजार में शाहरूख, सलमान और आमिर नाम के बकरों की काफी मांग रही। उन्होंने कहा कि लोग सिर्फ कुर्बानी के लिए ही नहीं बल्कि अच्छे और सुंदर बकरे खरीदने को लेकर भी उत्साहित नजर आए।
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बकरीद का चांद नजर आने के साथ ही नोएडा की गलियों, बाजारों और मोहल्लों में रौनक कई गुना बढ़ गई है। कहीं लोग अपने पसंदीदा बकरों को सजाने में जुटे हैं तो कहीं बच्चे उन्हें शाहरुख, सलमान और आमिर जैसे नाम देकर पुकार रहे हैं। इस बार बकरीद सिर्फ धार्मिक आस्था का पर्व नहीं बल्कि लोगों के बीच आकर्षण और उत्साह का भी केंद्र बनी हुई है। शहर में 20 हजार से लेकर 5 लाख रुपये तक के बकरे बिक रहे हैं और खास अल्लाह की निशान वाले बकरों की सबसे ज्यादा चर्चा है।
अल्लाह या बिस्मिल्लाह निशान वाले बकरों की कीमत अधिक
बकरीद को लेकर लोगों ने काफी पहले से तैयारियां शुरू कर दी थीं। कई परिवारों ने एक महीने पहले ही बकरे खरीदकर उनकी देखभाल शुरू कर दी थी। सुबह-शाम उन्हें खास खाना खिलाया जा रहा है और बच्चों से लेकर बड़े तक उनकी सेवा में लगे हुए हैं। बाजारों में इस समय अलग-अलग नस्ल और वजन के बकरे मौजूद हैं। जिन बकरों के शरीर पर प्राकृतिक रूप से अल्लाह या बिस्मिल्लाह जैसे निशान दिखाई दे रहे हैं, उनकी कीमत सबसे अधिक लग रही है।
शाहरूख, सलमान और आमिर की डिमांड अधिक
सेक्टर-9 निवासी शाहबुद्दीन ने बताया कि इस बार बाजार में शाहरूख, सलमान और आमिर नाम के बकरों की काफी मांग रही। उन्होंने कहा कि लोग सिर्फ कुर्बानी के लिए ही नहीं बल्कि अच्छे और सुंदर बकरे खरीदने को लेकर भी उत्साहित नजर आए। कई खास बकरे त्योहार से पहले ही बिक चुके हैं।
इस बार लोग भारी वजन और अच्छी नस्ल वाले बकरे ज्यादा पसंद कर रहे हैं। कई ग्राहक तो बच्चों की पसंद के हिसाब से बकरों के नाम देखकर खरीदारी कर रहे हैं। सबसे ज्यादा मांग शाहरूख और सलमान नाम के बकरों की रही। - याकुब, बकरा विक्रेता
कुछ बकरों पर प्राकृतिक रूप से अल्लाह और बिस्मिल्लाह जैसे निशान बने हुए हैं। ऐसे बकरों को देखने के लिए भीड़ उमड़ रही है। इनकी कीमत सामान्य बकरों से कहीं ज्यादा है और कई बकरे लाखों रुपये में बिक रहे हैं। -शिबू, बकरा विक्रेता
हम हर साल बकरीद पर कुर्बानी करते हैं। इस बार बच्चों की जिद पर सलमान नाम का बकरा खरीदा गया है। बच्चे उसे परिवार के सदस्य की तरह मान रहे हैं। - शाहबुद्दीन, सेक्टर-8 निवासी
बकरीद सिर्फ कुर्बानी का त्योहार नहीं बल्कि इंसानियत और भाईचारे का पर्व है। हम हर साल गोश्त का हिस्सा गरीबों में जरूर बांटते हैं ताकि हर कोई त्योहार की खुशी मना सके। - जावेद, सेक्टर-10 निवासी
तीन हिस्सों में बंटता है कुर्बानी का गोश्त
सेक्टर-8 मस्जिद के मौलाना कारी नाजिम ने बताया कि 28 तारीख को सुबह ईद की नमाज अदा की जाएगी, जिसके बाद लोग कुर्बानी करेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कई लोग बकरीद से पहले नौ दिनों तक नाखून और बाल नहीं काटते हैं। कुर्बानी के बाद ही ये कार्य किए जाते हैं। बकरीद का त्योहार तीन दिनों तक मनाया जाता है और इन दिनों में कुर्बानी दी जाती है। इस्लाम में कुर्बानी का विशेष महत्व है। कुर्बानी के बाद गोश्त को तीन हिस्सों में बांटा जाता है। पहला हिस्सा गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए रखा जाता है, दूसरा रिश्तेदारों और पड़ोसियों में बांटा जाता है, जबकि तीसरा हिस्सा परिवार के लिए रखा जाता है। यही इस त्योहार का सबसे बड़ा संदेश भी है कि खुशियां सभी के साथ साझा की जाएं। उन्होंने लोगों से त्योहार को शांतिपूर्ण और स्वच्छ तरीके से मनाने की अपील भी की।