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CG News:राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ की झांकी के कलाकारों का सम्मान, जनजातीय कला की हुई सराहना
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Wed, 28 Jan 2026 12:06 PM IST
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सार
गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर प्रस्तुत छत्तीसगढ़ की झांकी में शामिल कलाकारों को राष्ट्रपति भवन में विशेष सम्मान मिला। झांकी में भाग लेने वाले कलाकारों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की, जिसे वे अपने जीवन का यादगार पल बता रहे हैं।
राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ की झांकी के कलाकारों का सम्मान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर प्रस्तुत छत्तीसगढ़ की झांकी में शामिल कलाकारों को राष्ट्रपति भवन में विशेष सम्मान मिला। झांकी में भाग लेने वाले कलाकारों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की, जिसे वे अपने जीवन का यादगार पल बता रहे हैं।
राष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ की झांकी की सराहना करते हुए कहा कि इसके माध्यम से राज्य की जनजातीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को देश के सामने प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कलाकारों की मेहनत, लगन और प्रस्तुति की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह झांकी छत्तीसगढ़ की पहचान को मजबूती से दर्शाती है।
नारायणपुर जिले से आए जनजातीय कलाकारों ने गणतंत्र दिवस परेड में छत्तीसगढ़ की झांकी के साथ पारंपरिक मंदार नृत्य की प्रस्तुति दी थी। इस नृत्य ने कर्तव्य पथ पर मौजूद दर्शकों और देशभर के लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
कलाकारों ने कहा कि राष्ट्रपति से मिलना उनके लिए गर्व और सम्मान की बात है। इस मुलाकात से उन्हें अपनी कला, संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने की नई प्रेरणा मिली है।
राष्ट्रपति से मिलने वाले कलाकारों में नारायणपुर जिले के ग्राम नयनार से आए 13 सदस्यीय दल के सदस्य शामिल रहे। इस दल ने बस्तर अंचल की लोक-संस्कृति और पारंपरिक नृत्य के जरिए राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की अलग पहचान को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
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राष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ की झांकी की सराहना करते हुए कहा कि इसके माध्यम से राज्य की जनजातीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को देश के सामने प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कलाकारों की मेहनत, लगन और प्रस्तुति की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह झांकी छत्तीसगढ़ की पहचान को मजबूती से दर्शाती है।
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नारायणपुर जिले से आए जनजातीय कलाकारों ने गणतंत्र दिवस परेड में छत्तीसगढ़ की झांकी के साथ पारंपरिक मंदार नृत्य की प्रस्तुति दी थी। इस नृत्य ने कर्तव्य पथ पर मौजूद दर्शकों और देशभर के लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
कलाकारों ने कहा कि राष्ट्रपति से मिलना उनके लिए गर्व और सम्मान की बात है। इस मुलाकात से उन्हें अपनी कला, संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने की नई प्रेरणा मिली है।
राष्ट्रपति से मिलने वाले कलाकारों में नारायणपुर जिले के ग्राम नयनार से आए 13 सदस्यीय दल के सदस्य शामिल रहे। इस दल ने बस्तर अंचल की लोक-संस्कृति और पारंपरिक नृत्य के जरिए राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की अलग पहचान को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।