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Jagdalpur News: सोशल मीडिया के खतरों पर जागरूकता, मेडिकल कॉलेज डिमरापाल में पोस्टर प्रतियोगिता
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Fri, 10 Oct 2025 02:47 PM IST
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सार
वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे के अवसर पर मेडिकल कॉलेज डिमरापाल में पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में नर्सिंग और एमबीबीएस छात्राओं ने सोशल मीडिया के नुकसान और मानसिक स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव को विषय बनाकर पोस्टर तैयार किए।
मेडिकल कॉलेज डिमरापाल में पोस्टर प्रतियोगिता
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जगदलपुर में वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे के अवसर पर मेडिकल कॉलेज डिमरापाल में पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में नर्सिंग और एमबीबीएस छात्राओं ने सोशल मीडिया के नुकसान और मानसिक स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव को विषय बनाकर पोस्टर तैयार किए। पोस्टर के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि अत्यधिक फोन और इंटरनेट का उपयोग बच्चों और युवाओं की सेहत, आँखों और शारीरिक विकास पर गंभीर असर डाल सकता है।
एमबीबीएस छात्रा आयुषी चौधरी ने बताया कि आज के समय में बच्चे जन्म से ही फोन के आदि हो रहे हैं। माता-पिता बच्चे को शांत करने के लिए फोन दे देते हैं, जिससे बच्चे बाहर खेलना छोड़ देते हैं और उनकी शारीरिक और मानसिक वृद्धि प्रभावित होती है। पोस्टर प्रतियोगिता में मेकाज डीन डॉ. प्रदीप बेक ने कहा कि बच्चों द्वारा बनाए गए पोस्टरों ने सोशल मीडिया के हानिकारक प्रभाव और सुरक्षित उपयोग के तरीकों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
नाटक के माध्यम से संदेश
प्रतिभागियों ने सोशल मीडिया के अधिक उपयोग के नुकसान को दर्शाने के लिए नाटक का भी आयोजन किया।
जागरूकता अभियान
प्रतिभागियों ने बताया कि पोस्टर की जानकारी पर आधारित शॉर्ट वीडियो तैयार करके यूट्यूब और फेसबुक पर साझा किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक लोग जागरूक हो सकें और बच्चों को फोन से दूर रखने के उपाय कर सकें।
निर्णायक मंडल
इस कार्यक्रम में डीन डॉ. प्रदीप बेक, अधीक्षक डॉ. अनुरूप साहू, एनाटॉमी एचओडी बीथिक नेल कुमार, बायोकेमिस्ट्री एचओडी डॉ. अमर सिंह ठाकुर, मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. मरियम वलसला, डॉ. प्रदीप पांडेय, डॉ. खिलेश्वर सिंह और यमिनशा उपस्थित थे।
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एमबीबीएस छात्रा आयुषी चौधरी ने बताया कि आज के समय में बच्चे जन्म से ही फोन के आदि हो रहे हैं। माता-पिता बच्चे को शांत करने के लिए फोन दे देते हैं, जिससे बच्चे बाहर खेलना छोड़ देते हैं और उनकी शारीरिक और मानसिक वृद्धि प्रभावित होती है। पोस्टर प्रतियोगिता में मेकाज डीन डॉ. प्रदीप बेक ने कहा कि बच्चों द्वारा बनाए गए पोस्टरों ने सोशल मीडिया के हानिकारक प्रभाव और सुरक्षित उपयोग के तरीकों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
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नाटक के माध्यम से संदेश
प्रतिभागियों ने सोशल मीडिया के अधिक उपयोग के नुकसान को दर्शाने के लिए नाटक का भी आयोजन किया।
जागरूकता अभियान
प्रतिभागियों ने बताया कि पोस्टर की जानकारी पर आधारित शॉर्ट वीडियो तैयार करके यूट्यूब और फेसबुक पर साझा किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक लोग जागरूक हो सकें और बच्चों को फोन से दूर रखने के उपाय कर सकें।
निर्णायक मंडल
इस कार्यक्रम में डीन डॉ. प्रदीप बेक, अधीक्षक डॉ. अनुरूप साहू, एनाटॉमी एचओडी बीथिक नेल कुमार, बायोकेमिस्ट्री एचओडी डॉ. अमर सिंह ठाकुर, मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. मरियम वलसला, डॉ. प्रदीप पांडेय, डॉ. खिलेश्वर सिंह और यमिनशा उपस्थित थे।