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बालोद: बाबा बालक दास ने मुख्यमंत्री को बुलाया, बाबा से नाराज आदिवासी समाज के लोग, धरने पर बैठे
अमर उजाला नेटवर्क, बालोद
Published by: Digvijay Singh
Updated Tue, 07 Oct 2025 08:14 PM IST
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सार
आज मुख्यमंत्री बालोद जिले के प्रवास पर रहे बाबा बालक दास के बुलावे पर मुख्यमंत्री आए थे लेकिन यहां पर बालोद जिले के आदिवासी समाज ने आयोजन का विरोध करते हुए आयोजन स्थल से 5 किलोमीटर पहले चौक पर अपना विरोध दर्ज कराया।
बाबा से नाराज आदिवासी समाज के लोग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आज मुख्यमंत्री बालोद जिले के प्रवास पर रहे बाबा बालक दास के बुलावे पर मुख्यमंत्री आए थे लेकिन यहां पर बालोद जिले के आदिवासी समाज ने आयोजन का विरोध करते हुए आयोजन स्थल से 5 किलोमीटर पहले चौक पर अपना विरोध दर्ज कराया दरअसल आदिवासी समाज को मुख्यमंत्री से कोई दिक्कत नहीं थी बल्कि वे पिता देश बालक दास से नाराज थे उनका आरोप है कि उनके खिलाफ अपराध पंजीबद्ध है उसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई और बाबा बालक दास द्वारा शासकीय जमीन पर भेजो कब्जा किया गया है और प्राकृतिक संसाधनों का दोहन किया जा रहा है।
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आयोजन को देखते हुए सर्व आदिवासी समाज के लोग प्रदर्शन को और तेज कर दिए और नारेबाजी करने लगे गोंडवाना समाज के अध्यक्ष प्रेमलाल कुंजाम ने बताया कि के दरअसल उनका आरोप है कि बाबा बालक दास द्वारा जंगल को कब्जा किया जा रहा है और वहां पर एक करोड़ 20 लख रुपए की लागत से अवैध निर्माण कार्य किया जा रहे हैं जिनको रोकने की मांग सर्वाधिक समाज द्वारा किया जा रहा है और उनका कहना है कि बाबा बालक दास को यहां से हटाया जाए यह आदिवासी समाज का देव स्थल है और उनका यह भी कहना है कि वर्ष 2017 से यह विवाद चल रहा है कई बार सरकार के सामने भी मुद्दा रखा जा चुका है लेकिन वह ऐसा नहीं करने की बात कहते हैं।
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पाठ हमारा देव स्थल
आदिवासी समाज ने कहा कि जिस जगह पर बाबा बालक दास रहते हैं उसे देव स्थल आदिवासी समाज दशकों से पूछता आ रहा है लेकिन उन्होंने उसका नाम बदल दिया और अपने हिसाब से वहां मंदिर निर्माण कर रहे हैं उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को यहां नहीं आना चाहिए वह सरकार को बुलाकर अपनी बातें मानवता हैं और आदिवासी समाज लगातार इसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है और इस मुद्दे को जल्द से जल्द सुलझाना चाहिए हमें हमारा देव स्थल वापस सौंप देना चाहिए ताकि शांतिपूर्ण ढंग से सारी व्यवस्थाएं संचालित हो सके और जल जंगल जमीन की हम रक्षा करते हैं लेकिन यहां पर दोहन हो रहा है।
