बालोद जिले सहित पूरे प्रदेश में धान खरीदी को लेकर राजनीतिक घमासान मचा हुआ है। ऐसे में बालोद से आई एक तस्वीर चौंकाने वाली है, जहाँ वरिष्ठ भाजपा नेत्री और पूर्व विधायक कुमारी बाई साहू अपने पुत्र नरेश मदन साहू के साथ 278 क्विंटल धान न बेच पाने के कारण दिनभर धान खरीदी केंद्र में बैठी रहीं। उनका कहना है कि केवल कलेक्टर ही उनका धान खरीद सकता है।
इस मुद्दे पर वर्तमान संजारी बालोद विधायक संगीता सिन्हा ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि जब कांग्रेस किसानों के लिए संघर्ष कर रही थी, तब भाजपा के नेता शांत थे, और अब सहानुभूति लेने आए हैं। देर शाम जब पूर्व विधायक कुमारी बाई के पुत्र नरेश साहू से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि उनका 278 क्विंटल धान अभी भी बिकना शेष है और समझ नहीं आ रहा कि इसे कहां लेकर जाएंगे।
उन्होंने अपनी बेचैनी व्यक्त करते हुए कहा कि जब तक उनका धान नहीं बिकेगा, वे खरीदी केंद्र से नहीं उठेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि उनका टोकन भी नहीं काटा गया है, जिसके लिए वे अपने परिवार के साथ टोकन काटने की मांग को लेकर दिनभर बैठे रहे, लेकिन देर शाम तक उनकी मांग पूरी नहीं हो पाई।
वर्तमान विधायक संगीता सिन्हा ने इस पूरे मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जब वे किसानों के लिए संघर्ष कर रहे थे, तब भाजपा के कोई नेता साथ नहीं खड़े थे। अब पूर्व विधायक अपने पुत्र के साथ खरीदी केंद्र पर बैठकर यह दिखाना चाह रहे हैं कि उनका धान भी नहीं बिका है।
उन्होंने सरकार से धान खरीदी की नीति पर सवाल उठाया और पूछा कि जिले भर के कई किसानों के धान बेचने से वंचित रह जाने की जिम्मेदारी कौन लेगा। साथ ही, उन्होंने किसानों से जबरदस्ती रकबा समर्पण कराए जाने को भी एक गंभीर मामला बताया।