Balod: पुलिस-सायबर सेल की कामयाबी, 36 लाख का 72 किलो गांजा जब्त, नाबालिग समेत 5 अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ की बालोद पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्कर गिरोह के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। डौण्डीलोहारा पुलिस और सायबर सेल की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर उड़ीसा से मध्य प्रदेश गांजा तस्करी कर रहे एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है।
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छत्तीसगढ़ की बालोद पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्कर गिरोह के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। डौण्डीलोहारा पुलिस और सायबर सेल की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर उड़ीसा से मध्य प्रदेश गांजा तस्करी कर रहे एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 72.621 किलोग्राम गांजा बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 36,31,050 रुपये आंकी गई है। इस मामले में पुलिस ने मध्य प्रदेश के रहने वाले 4 शातिर तस्करों और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल 4 मोटरसाइकिलें और 4 मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। जब्त किए गए कुल सामान की कीमत 40,52,050 रुपये बताई जा रही है।
मुखबिर की सूचना पर भेड़ी तिराहे पर लगाया एंबुश
पुलिस को मंगलवार मोबाइल पर एक पुख्ता सूचना मिली कि उड़ीसा से चार मोटरसाइकिलों पर सवार होकर कुल 6 लोग भारी मात्रा में गांजा लेकर मध्य प्रदेश की ओर निकले हैं। तस्करों का यह रूट बालोद और डौण्डीलोहारा होते हुए एमपी जाने का था। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक (SP) योगेश पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) मोनिका ठाकुर और डीएसपी बोनी फॉस एक्का के निर्देशन में थाना प्रभारी सुनील तिर्की व सायबर सेल की टीम ने तत्काल जाल बिछाया। पुलिस टीम ने ग्राम भेड़ी तिराहे के पास नाकाबंदी कर 'एंबुश' (घात) लगाया।
पुलिस को देख बाइक से कूदा पायलट, बाकी घेराबंदी में दबोचे
नाकाबंदी के दौरान सबसे आगे चल रही मध्य प्रदेश पासिंग की एक पल्सर बाइक (MP 38 ZA 6414) आती दिखाई दी। इस बाइक पर सवार दो आरोपी गिरोह के लिए 'पायलट' का काम कर रहे थे और आगे का रास्ता साफ होने की रेकी कर रहे थे। पुलिस को सामने देख बाइक के पीछे बैठा एक आरोपी चलती गाड़ी से कूदकर जंगल की तरफ भाग निकला। हालांकि, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए बाइक चालक को दबोच लिया। इसके ठीक पीछे एक-एक करके आ रही तीन अन्य बाइकों को भी पुलिस ने एंबुश बनाकर चारों तरफ से घेर लिया।
तस्करी का अनोखा आइडिया: टब को नीचे से काटकर छुपाए थे पैकेट
जब पुलिस ने पकड़े गए संदिग्धों की बाइकों की जांच की, तो वे भी हैरान रह गए। तस्करों ने वीआईपी स्टाइल में गांजा छुपाने के लिए बाइकों के पीछे लोहे की रॉड और पट्टी से एक बड़ा कैरियर वेल्ड करवा रखा था। इस कैरियर पर काले रंग के बड़े-बड़े प्लास्टिक के 28 टब रस्सियों से बंधे थे।
ऊपर से देखने पर यह सामान्य प्लास्टिक टब का सामान नजर आ रहा था। लेकिन जब पुलिस ने तलाशी ली, तो पता चला कि ऊपर के सिर्फ दो टब सही सलामत थे, जबकि नीचे के सभी टबों के पेंदे (निचले हिस्से) को कटर से काटकर खोखला कर दिया गया था। इसी खोखले हिस्से के भीतर खाकी रंग के टेप से लिपटे हुए गांजे के कुल 50 पैकेट (पवन गोंड से 22 पैकेट और श्याम गोंड से 28 पैकेट) छिपाकर रखे गए थे। इलेक्ट्रॉनिक तराजू से तौलने पर कुल वजन 72 किलो से ज्यादा निकला।
मध्य प्रदेश के रायसेन और सागर के हैं आरोपी
पकड़े गए आरोपियों ने पहले तो पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती बरतने पर उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। गिरफ्तार तस्करों के नाम इस प्रकार हैं:
श्याम गोंड (26 वर्ष) - निवासी टपराटोला, जिला रायसेन (मप्र)
पवन गोंड (26 वर्ष) - निवासी राहतगढ़, जिला सागर (मप्र)
प्रदीप चौहान (20 वर्ष) - निवासी टपरापठारी, जिला रायसेन (मप्र)
संजय कुमावत (20 वर्ष) - निवासी टपरा पठारी, जिला रायसेन (मप्र)
विधि से संघर्षरत बालक (नाबालिग) पुलिस ने चारों बालिग आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है, वहीं नाबालिग को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है। फरार आरोपी की तलाश में पुलिस टीमें रवाना की गई हैं।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस बड़े अंतरराज्यीय गिरोह को दबोचने में डौण्डीलोहारा थाना प्रभारी सुनील तिर्की, सउनि अनित राम यादव, प्रधान आरक्षक वीरेंद्र साहू, दिगंबर वर्मा, आरक्षक विनोद अजय, पूनम खरे, कुमलाल वर्मा, रविशंकर देशलहरे और सायबर सेल टीम बालोद के सउनि धरम भुआर्य, विपिन गुप्ता, पुरन देवांगन, भोपसिंह, आकाश दुबे, संदीप यादव व गुलजारी साहू की विशेष और महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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