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Friendship Day 2026: जब दोस्तों ने साथ मिलकर रचा इतिहास, दोस्ती की कहानी कहती दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियां

Sun, 02 Aug 2026 06:08 AM IST
रिया दुबे स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: रिया दुबे Updated Sun, 02 Aug 2026 06:08 AM IST
सार

क्या आप यकीन करेंगे कि दुनिया की कई सबसे बड़ी टेक कंपनियों की शुरुआत किसी बड़े उद्योगपति ने नहीं, बल्कि दोस्तों की एक छोटी-सी टीम ने की थी? हॉस्टल का कमरा, घर का गैरेज और किराए का अपार्टमेंट... यही वे जगहें थीं, जहां ऐसे सपनों ने जन्म लिया जिन्होंने पूरी दुनिया की तकनीक बदल दी। आइए इस फ्रेंडशिप डे पर उनकी कहानियों के बारे में जानते हैं। 

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When Friends Made History Together, The World's Biggest Tech Companies Built on Friendship
Friendship Day 2026 - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

हर दोस्ती सिर्फ साथ घूमने-फिरने या यादें बनाने तक सीमित नहीं होती। कई बार दोस्तों का भरोसा, एक-दूसरे की अलग सोच और कुछ बड़ा करने का जुनून इतिहास बदल देता है। संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2011 में 30 जुलाई को वैश्विक मित्रता दिवस यानी इंटरनेशनल डे ऑफ फ्रेंडशिप मनाए जाने को मान्यता दी थी। हालांकि, भारत और अमेरिका समेत कई देशों में मित्रता दिवस मनाने की परंपरा अगस्त के पहले रविवार को है। ऐसे में इस वर्ष के फ्रेंडशिप डे के मौके पर जानिए ऐसे दोस्तों की कहानी, जिन्होंने तकनीक की दुनिया की दिशा बदल दी।

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दोस्ती से शुरुआत, आज करोड़ों लोगों की जिंदगी का हिस्सा
दरअसल, दुनिया की कई सबसे बड़ी कंपनियों की शुरुआत भी ऐसी ही दोस्ती से हुई। किसी ने कॉलेज के हॉस्टल से शुरुआत की, किसी ने गैराज से, तो किसी ने नौकरी छोड़कर एक छोटे से कमरे में अपना सपना साकार किया। आज गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, एपल, फ्लिपकार्ट और ट्विटर (अब एक्स) जैसी कंपनियां दुनियाभर के करोड़ों लोगों की जिंदगी का हिस्सा हैं। इनकी शुरुआत किसी बड़े उद्योगपति ने नहीं, बल्कि ऐसे दोस्तों ने की जिन्होंने एक-दूसरे पर भरोसा किया, जोखिम उठाया और अपने विचारों को हकीकत में बदल दिया।

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When Friends Made History Together, The World's Biggest Tech Companies Built on Friendship
गूगल - फोटो : Amar Ujala

गूगल: स्टैनफोर्ड की दोस्ती से बना दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन

गूगल की कहानी 1995 में अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से शुरू होती है। लैरी पेज ग्रेजुएशन के लिए स्टैनफोर्ड पहुंचे थे। उन्हें कैंपस घुमाने की जिम्मेदारी सर्गेई ब्रिन को दी गई। शुरुआत में दोनों लगभग हर बात पर असहमत रहते थे, लेकिन जल्द ही दोनों की सोच मिलने लगी और उनकी दोस्ती मजबूत हो गई।

1996 में दोनों ने अपने हॉस्टल के कमरों से एक ऐसा सर्च इंजन तैयार करना शुरू किया, जो वेबसाइटों के बीच मौजूद लिंक के आधार पर यह तय करता था कि कौन-सी वेबसाइट ज्यादा महत्वपूर्ण है। इस प्रोजेक्ट का पहला नाम 'बैकरब' रखा गया। बाद में इसका नाम बदलकर "Google" रखा गया, जो गणित के शब्द 'Googol' (1 के बाद 100 शून्य) से प्रेरित था। इसका उद्देश्य था दुनिया की जानकारी को व्यवस्थित करना और उसे सभी के लिए उपयोगी बनाना।

1998 में सन माइक्रोसिस्टम्स के सह-संस्थापक एंडी बेक्टोलशाइम ने गूगल में एक लाख डॉलर का निवेश किया। इसके बाद Google Inc. की आधिकारिक शुरुआत हुई। कंपनी ने स्टैनफोर्ड के हॉस्टल से निकलकर सुसान वोज्सिकी के गैरेज में अपना पहला कार्यालय बनाया। यही छोटी-सी शुरुआत आगे चलकर दुनिया की सबसे प्रभावशाली टेक कंपनी में बदल गई।

आज गूगल सर्च के अलावा जीमेल, एंड्रॉइड, यूट्यूब, गूगल मैप्स और क्लाउड जैसी सेवाएं अरबों लोग इस्तेमाल करते हैं। गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल है। आज अल्फाबेट का मार्केट कैप लगभग 4.35 लाख करोड़ डॉलर है। 

When Friends Made History Together, The World's Biggest Tech Companies Built on Friendship
माइक्रोसॉफ्ट - फोटो : Amar Ujala

माइक्रोसॉफ्ट: स्कूल के दो दोस्तों ने बदल दी पर्सनल कंप्यूटर की दुनिया

बिल गेट्स और पॉल एलन बचपन के दोस्त थे। दोनों को कंप्यूटर प्रोग्रामिंग में गहरी रुचि थी। 1975 में उन्होंने लोकप्रिय पत्रिका पॉपुलर इलेक्ट्रॉनिक  में Altair 8800 कंप्यूटर के बारे में पढ़ा। इसी से प्रेरित होकर दोनों ने उसके लिए सॉफ्टवेयर विकसित करने का फैसला किया और माइक्रोशॉफ्ट की स्थापना की।

1980 में माइक्रोसॉफ्ट ने आईबीएम के पहले पर्सनल कंप्यूटर के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम उपलब्ध कराने का समझौता किया। यह कंपनी के इतिहास का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ। इसके बाद 1985 में विडोंज लॉन्च किया गया, जिसने पर्सनल कंप्यूटर की दुनिया बदल दी।

1990 के दशक की शुरुआत तक विडोंज दुनिया के अधिकांश कंप्यूटरों में इस्तेमाल होने लगा और माइक्रोसॉफ्ट ऑपरेटिंग सिस्टम बाजार की सबसे बड़ी कंपनी बन गई। बाद के वर्षों में कंपनी ने एक्सबॉक्स, बिंग, ऑफिस, एज्योर क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में भी विस्तार किया। हाल के वर्षों में कंपनी ने एआई पर बड़ा दांव लगाया और कई महत्वपूर्ण साझेदारियां व अधिग्रहण किए। आज माइक्रोसॉफ्ट दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल है और उसके उत्पाद व सेवाएं दुनिया भर के व्यवसायों और आम उपभोक्ताओं की रोजमर्रा की जरूरत बन चुके हैं। कंपनी का बाजार मूल्यांकन लगभग 3.45 लाख करोड़ डॉलर है। 

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When Friends Made History Together, The World's Biggest Tech Companies Built on Friendship
एपल - फोटो : Amar Ujala

एपल: गैरेज से शुरू हुआ सफर, जिसने तकनीक की दुनिया बदल दी

स्टीव जॉब्स और स्टीव वॉजनियाक की मुलाकात 1971 में उनके साझा मित्र बिल फर्नांडीज ने कराई थी। दोनों की रुचि इलेक्ट्रॉनिक्स और कंप्यूटर में थी, इसलिए उनकी दोस्ती जल्दी गहरी हो गई। दोनों मिलकर नए-नए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाते और तकनीकी प्रयोग करते थे।

1 अप्रैल 1976 को दोनों ने मिलकर एपल की स्थापना की। वॉजनियाक ने एपल-1 कंप्यूटर तैयार किया, जबकि जॉब्स ने उसे बाजार तक पहुंचाने, कंपनी की रणनीति तय करने और कारोबार को बढ़ाने का काम किया।

एपल की शुरुआत जॉब्स के परिवार के गैरेज से हुई थी। यही छोटा-सा गैरेज आगे चलकर दुनिया की सबसे बड़ी तकनीकी कंपनियों में से एक की जन्मस्थली बना। बाद में मैकिंटोश कंप्यूटर, आईपॉड, आईफोन, आईपैड और मैकबुक जैसे उत्पादों ने एपल को वैश्विक पहचान दिलाई। आज कंपनी का बाजार मूल्यांकन 4.54 लाख करोड़ डॉलर है। 

When Friends Made History Together, The World's Biggest Tech Companies Built on Friendship
फ्लिपकार्ट - फोटो : Amar Ujala

फ्लिपकार्ट: दो दोस्तों ने भारत में ऑनलाइन खरीदारी की तस्वीर बदल दी

सचिन बंसल और बिन्नी बंसल की मुलाकात आईआईटी दिल्ली में हुई थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद दोनों ने अमेजन इंडिया में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में साथ काम किया। यहीं उन्हें महसूस हुआ कि भारत में ई-कॉमर्स का भविष्य बहुत बड़ा हो सकता है।

इस सोच के साथ दोनों ने नौकरी छोड़ दी और 2007 में बंगलूरू के एक छोटे से अपार्टमेंट से फ्लिपकार्ट की शुरुआत की। शुरुआती दिनों में कंपनी केवल ऑनलाइन किताबें बेचती थी। ग्राहकों का भरोसा जीतने के लिए फ्लिपकार्ट ने कैश ऑन डिलीवरी और आसान रिटर्न जैसी सुविधाएं शुरू कीं, जो उस समय भारतीय बाजार के लिए नई थीं।

धीरे-धीरे कंपनी ने मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन, घरेलू सामान और अन्य उत्पादों की बिक्री शुरू की। फ्लिपकार्ट भारत की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों में शामिल हो गई। 2018 में अमेरिकी रिटेल कंपनी वॉलमार्ट ने फ्लिपकार्ट में बहुमत हिस्सेदारी खरीदी। हालिया कर्मचारी शेयर बायबैक कार्यक्रम के आधार पर फ्लिपकार्ट का अनुमानित मूल्यांकन लगभग 38.2 अरब डॉलर माना जाता है।

When Friends Made History Together, The World's Biggest Tech Companies Built on Friendship
ट्विटर - फोटो : Amar Ujala

ट्विटर (अब एक्स): चार दोस्तों की साझी सोच से बना दुनिया का बड़ा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म

ट्विटर की शुरुआत 2006 में जैक डॉर्सी, इवान विलियम्स, बिज स्टोन और नोआ ग्लास ने मिलकर की। ये चारों ओडियो नाम की पॉडकास्टिंग कंपनी में साथ काम करते थे। जब एपल ने आईट्यूंस में पॉडकास्ट सुविधा शुरू की, तो ओडियो का कारोबार प्रभावित होने लगा। ऐसे में कंपनी नए आइडिया की तलाश में जुट गई।

इसी दौरान जैक डॉर्सी ने ऐसा प्लेटफॉर्म बनाने का विचार रखा, जहां लोग एसएमएस के जरिए अपने दोस्तों और परिचितों को छोटे-छोटे संदेश भेज सकें। इवान विलियम्स, बिज स्टोन और नोआ ग्लास ने इस विचार को आगे बढ़ाया और मिलकर इसका पहला प्रोटोटाइप तैयार किया। शुरुआत में इसका नाम 'twttr' रखा गया, जिसे बाद में ट्विटर कर दिया गया। ट्विटर नाम सुझाने का श्रेय नोआ को दिया जाता है।

21 मार्च 2006 को जैक ने पहला ट्वीट 'just setting up my twttr' पोस्ट किया। कुछ महीनों तक इसे ओडियो के कर्मचारियों के बीच परखा गया और 15 जुलाई 2006 को इसे आम लोगों के लिए लॉन्च कर दिया गया। आगे चलकर ट्विटर दुनिया के सबसे प्रभावशाली सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में शामिल हो गया।

2022 में एलन मस्क ने ट्विटर का अधिग्रहण किया और बाद में इसका नाम बदलकर एक्स कर दिया। वर्तमान में एक्स का अनुमानित इक्विटी मूल्य लगभग 33 अरब डॉलर और एंटरप्राइज वैल्यू करीब 45 अरब डॉलर आंकी जाती है।

इन दोस्तों ने साबित किया कि सही विचार, मेहनत और मजबूत साझेदारी के दम पर छोटी शुरुआत भी दुनिया बदल सकती है। यही वजह है कि फ्रेंडशिप डे सिर्फ दोस्ती का जश्न नहीं, बल्कि उन रिश्तों का सम्मान भी है जो इतिहास रचने की ताकत रखते हैं।

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