{"_id":"6a1d6c2c4fef0b64d304f404","slug":"sarva-adivasi-samaj-laid-siege-to-the-collector-s-office-today-2026-06-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"बालोद: गरमा गया जल-जंगल-जमीन का मुद्दा, कलेक्टर कार्यालय का घेराव, तोड़ा सुरक्षा घेरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बालोद: गरमा गया जल-जंगल-जमीन का मुद्दा, कलेक्टर कार्यालय का घेराव, तोड़ा सुरक्षा घेरा
अमर उजाला नेटवर्क, बालोद
Published by: अनुज कुमार
Updated Mon, 01 Jun 2026 04:58 PM IST
विज्ञापन
सार
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में जल-जंगल-जमीन का मुद्दा गरमा गया है। आज सर्व आदिवासी समाज द्वारा कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया जा रहा है।
जल-जंगल-जमीन का मुद्दा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में जल-जंगल-जमीन का मुद्दा गरमा गया है। आज 1 जून 2026 को सर्व आदिवासी समाज द्वारा कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया जा रहा है। यह प्रदर्शन कथित अवैध कब्जे, खनन और निर्माण कार्यों के विरोध में हो रहा है।
आदिवासी समाज ग्राम सभा की अनुमति के बिना हो रहे इन कार्यों का विरोध कर रहा है। ये कार्य उनके पारंपरिक सीमा क्षेत्र में किए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारी आज काफी उग्र नजर आ रहे हैं। उन्होंने प्रशासन द्वारा बनाए गए सुरक्षा घेरे को ध्वस्त कर दिया। इसके बाद आदिवासी कलेक्ट्रेट परिसर में दाखिल हो गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह घटना जिले में तनावपूर्ण स्थिति पैदा कर रही है। समाज अपनी मांगों को लेकर दृढ़ है। वे अपनी पारंपरिक भूमि और संसाधनों की रक्षा करना चाहते हैं।
विरोध का कारण
सर्व आदिवासी समाज का आरोप है कि उनके पारंपरिक क्षेत्रों में अवैध गतिविधियां हो रही हैं। इन गतिविधियों में भूमि पर अवैध कब्जे शामिल हैं। इसके अलावा, अवैध खनन और निर्माण कार्य भी किए जा रहे हैं। इन सभी कार्यों के लिए ग्राम सभा की अनुमति नहीं ली गई है। यह उनके अधिकारों का सीधा उल्लंघन है।
Trending Videos
उग्र प्रदर्शन से प्रशासन अलर्ट
आदिवासी समाज के उग्र प्रदर्शन से प्रशासन अलर्ट हो गया है। सुरक्षा घेरा तोड़ने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। प्रशासन द्वारा प्रदर्शनकारियों को रोकने के प्रयास किए गए थे। हालांकि, आदिवासी समाज ने सुरक्षा घेरा ध्वस्त कर दिया। अब कलेक्ट्रेट परिसर में दाखिल होने के बाद आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर है।